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दीपावली लक्ष्मी पूजन विधि हिंदी में एवं आसान शब्दों में

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दिवाली पूजन विधि

दीपावली के पर्व पर सभी भक्तजन माँ लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए अनेक प्रकार के जतन करते हैं । कुछ लोग इस दिन विशिष्ट साधनाएँ करते हैं , लेकिन सामान्य पूजन सभी करते हैं । इस दिन सायंकाल में शुभ मुहूर्त में महालक्ष्मी की विविध उपचारों से पूजा -अर्चना की जाती है । एक विशेष समस्या इस पूजा -अर्चना में प्रायः देखी जाती है कि महालक्ष्मी पूजन में प्रयुक्त मन्त्र संस्कृत भाषा में लिखी होने के कारण थोड़े क्लिष्ट होते हैं और इसी कारण आमजन इनका प्रयोग नहीं कर पाते हैं । पाठकगणों की इस समस्या का अनुभव करते हुए हिन्दी मन्त्रों से महालक्ष्मी का पूजन -अर्चना किया जा रहा है । हालॉंकि संस्कृत मन्त्रों का अपना महत्त्व है , लेकिन माँ तो भाव को ही प्रधानता देती है । यदि आप अपनी भाषा में अपने भाव माँ के समक्ष अच्छे से व्यक्त कर सकते हैं , तो वही भाषा आपके लिए सर्वश्रेष्ठ है । आइए , इस दीपावली पर हम अपनी भाषा में अपने भाव व्यक्त करके माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने का प्रयास करते है

पूजन हेतु सामग्री

रोली , मौली , लौंग , पान , सुपारी , धूप , कर्पूर , अगरबत्ती , अक्षत (साबुत चावल ), गुड़ , धनिया , ऋतुफल , जौ , गेहूँ , टूब , पुष्प , पुष्पमाला , चन्दन , सिन्दूर , दीपक , रूई , प्रसाद , नारियल , सर्वोषधि , पंचरत्न , यज्ञोपवीत , पंचामृत , शुद्ध जल , खील , मजीठ , सफेद वस्त्र , लाल वस्त्र , फुलेल , लक्ष्मी जीव एवं गणेश जी का चित्र या पाना , चौकी (बाजौट ), कलश , घी , कमलपुष्प , इलायची , माचिस , दक्षिणा हेतु नकदी , चॉंदी के सिक्के , बहीखाता , कलम तथा दवात । आदि ।

पूजा विधान एवं नियम

दीपावली के दिन सायंकाल पूजन करने से पूर्व शुद्ध जल से स्नान करके स्वच्छ एवं सुन्दर वस्त्र धारण कर सकुटुम्ब पूजन करने के लिए तैयार हों । लक्ष्मी जी के पूजन हेतु जो स्थान आपने निश्चित किया है , उसको स्वच्छ जल से धोकर उस पर बैठने हेतु आसन लगाएँ । आपको पूजन करते समय यह अवश्य ही ध्यान रखना है कि आपका मुँह पूर्व दिशा की ओर हो अर्थात् लक्ष्मी जी का चित्र अथवा पाना पूर्व दिशा की दीवार पर लगाना चाहिए । यदि पूर्व दिशा की ओर जगह नही बन पा रही हो , तो आप पश्चिम दिशा की ओर मुख करके पूजन कर सकते हैं ।

लक्ष्मी पूजन हेतु उपर्युक्त साम्रगी पहले ही एक स्थान पर एकत्र करके एक थाल में तैयार कर लेनी चाहिए । पाटा (चौकी ) पर आसन बिछाकर उस पर श्री गणेश जी एवं लक्ष्मी जी का चित्र स्थापित कर दें । उसके बायीं ओर दूसरे पाटे पर आधे में सफेद वस्त्र एवं आधे में लाल वस्त्र बिछाकर सफेद वस्त्र पर चावल की नौ ढेरी नवग्रह की एवं गेहूँ की सोलह ढेरी षोडशमातृका की बना लें । एक मिट्टी के कलश अथवा तॉंबे के कलश पर स्वस्तिक बनाकर उसके गले में मौली बॉंधकर उसके नीचे गेहूँ अथवा चावल डालकर रखें । उसके ऊपर नारियल पर मौली बॉंधकर रख दें । पूजन प्रारम्भ करने के लिए घी का एक दीपक बनाकर तैयार करके और उसे गणेश जी एवं लक्ष्मी जी के चित्र के समान थोड़े गेहूँ डालकर उस पर रखकर प्रज्वलित कर दें । तत्पश्चात् दीपक पर रोली , चावल , पुष्प चढ़ाएँ एवं निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुए प्रार्थना करे।

‘ हे दीपक ! तुम देव हो , कर्म साक्षी महाराज ।

जब तक पूजन पूर्ण हो , रहो हमारे साथ॥ ’

दीपक पूजन के उपरान्त एक जलपात्र में पूजा के निमित्त जल भरकर अपने सामने रखकर उसके नीचे अक्षत , पुष्प डालकर गंगा , यमुना आदि नदियों का निम्नलिखित मन्त्र से आवाहन करे।

गंगा यमुना , गोदावरी नदियन की सिरताज ।

सिंधु , नर्मदा , कावेरी , सरस्वती सब साथ ॥

लक्ष्मी पूजन लक्ष्य है , आज हमारे द्वार ।

सब मिल हम आवाहन करें , आओ बारम्बार ॥

तत्पश्चात् जलपात्र से बायें हाथ में थोड़ासा जल लेकर दाहिने हाथ से अपने शरीर पर छीटें देते हुए बोले ।

वरुण विष्णु सबसे बड़े , देवन में सिरताज ।

बाहर -भीतर देह मम , करो शुद्ध महाराज ॥

फिर तीन बार आचमन करें और उच्चारण करे ।

श्रीगोविन्द को नमस्कार ।

श्री माधव को नमस्कार ।

श्री केशव को नमस्कार ॥

अब दाहिने हाथ में अक्षत , पुष्प , चन्दन , जल तथा दक्षिणा लेकर निम्नलिखित संकल्प बोलें ।

‘ श्रीगणेश जी को नमस्कार । श्री विष्णु जी को नमस्कार । मैं …..( अपने नाम का उच्चारण करें ) जाति …..( आपनी जाति का उच्चारण करें ) गोत्र …..( अपने गोत्र का उच्चारण करें ) आज ब्रह्मा की आयु के द्वितीय परार्द्ध में , श्री श्वेतवाराह कल्प में , वैवस्वत मन्वन्तर में , २८वें कलियुग के प्रथम चरण में , बौद्धावतार में , पृथ्वी लोक के जम्बू द्वीप में , भरत खण्ड नामक भारतवर्ष के …..( अपने क्षेत्र का नाम लें )….. नगर में ( अपने नगर का नाम लें )….. स्थान में ( अपने निवास स्थान का नाम लें ) संवत् २०६७ , कार्तिक मास , कृष्ण पक्ष , अमावस्या तिथि , शुक्रवार को सभी कर्मों की शुद्धि के लिए वेद , स्मृति , पुराणों में कहे गए फलों की प्राप्ति के लिए , धन – धान्य , ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए , अनिष्ट के निवारा तथा अभीष्ट की प्राप्ति के लिए परिवार सहित महालक्ष्मी पूजन निमित्त तथा माँ लक्ष्मी की विशेष अनुकम्पा हेतु गणेश पूजनादि का संकल्प कर रहा हूँ । ’

अब ऐसा कहते हुए गणेश जी की मूर्ति पर अथवा थाल में स्वस्तिक बनाकर सुपारी पर मोली लगाकर रखें ।

उसके उपरान्त गणेश जी का आवाहन निम्नलिखित मन्त्र से करें ।

सिद्धि सदन गज वदन वर , प्रथम पूज्य गणराज ।

प्रथम वन्दना आपको , सकल सुधारो काज ॥

जय गणपति गिरिजा सुवन रिद्धि -सिद्धि दातार ।

कष्ट हरो मंगल करो , नमस्कार सत बार ॥

रिद्धि -सिद्धि के साथ में , राजमान गणराज ।

यहॉं पधारो मूर्ति में , आओ आप बिराज ॥

शोभित षोडशमातृका , आओ यहॉं पधार ।

गिरिजा सुत के साथ में , करके कृपा अपार ॥

सूर्य आदि ग्रह भी , करो आगमन आज ।

लक्ष्मी पूजा पूर्ण हो , सुखी हो समाज ॥

आवाहन के पश्चात् हाथ में अक्षत लेकर सुपारी रूपी गणेश जी पर छोड़ते हुए श्रीगणेश जी को आसन दें ।

इसके उपरान्त गणेश जी का पूजन निम्नलिखित प्रकार से करें । तीन बार जल के छीटें देकर निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करे ।

पाद्य अर्घ्य वा आचमन , का जल यह तैयार ।

उसको भी प्रेमये , कर लो तुम स्वीकार ॥

पाद्य स्वीकार करें । अर्घ्य स्वीकार करें । आचमन हेतु जल स्वीकार करें ।

यह बोलकर जल के छीटें दें ।

स्नान हेतु जल स्वीकार करें । जल के छीटें दें ।

वस्त्र स्वीकार करें । बोलकर मोली चढ़ाएँ ।

गन्ध स्वीकार करें । रोली चढ़ाएँ ।

अक्षत स्वीकार करें । चावल चढ़ाएँ ।

पुष्प स्वीकार करें । पुष्प चढ़ाएँ ।

धूप स्वीकार करें । धूप करें ।

दीपक के दर्शन करें । दीपक दिखाएँ ।

मिष्टान्न स्वीकार करें । प्रसाद चढ़ाएँ ।

आचमन हेतु जल स्वीकार करें । कहकर जल के छीटें दें ।

ऋतुफल स्वीकार करें । ऋतुफल चढ़ाएँ ।

मुखशुद्धि के लिए पान स्वीकार करें । पान , सुपारी चढ़ाएँ ।

दक्षिणा स्वीकार करें । कहते हुए नकदी चढ़ाएँ ।

नमस्कार स्वीकार करें । नमस्कार करें ।

अब करबद्ध होकर गणेशजी को निम्नलिखित मन्त्र से नमस्कार करे ।

विघ्न हरण मंगल करण , गौरी सुत गणराज ।

मैं लियो आसरो आपको , पूरण करजो काज ॥

षोडशमातृका पूजन

गणेश पूजन के उपरान्त षोडशमातृका का पूजन करना चाहिए । हाथ में चावल लेकर दाहिने हाथ की ओर स्थापित लाल वस्त्र पर आरूढ़ षोडशामातृका पर चावल छोड़ते हुए निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करें ।

बेग पधारो गेह मम , सोलह माता आप ।

वंश बढ़े , पीड़ा कटे , मिटे शोक संताप ॥

इसके पश्चात् जिस प्रकार से गणेश जी का पूजन किया था , उसी प्रकार से षोडशमातृका का पूजन करें । अन्त में निम्नलिखित मन्त्र के साथ षोडशमातृका को नमस्कार करें ।

सोलह माता आपको , नमस्कार सत बार ।

पुष्टि तुष्टि मंगल करो , भरो अखण्ड भण्डार ॥

नवग्रह पूजन

बायें हाथ में चावल लेकर दाहिने हाथ से सफेद वस्त्र पर चावल छोड़े एवं निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करें ।

रवि शशि मंगल बुध , गुरु शुक्र शनि महाराज ।

राहु केतु नवग्रह नमो , सकल सँवारो काज ॥

हे नवग्रह तुमसे करूँ , विनती बारम्बार ।

मैं तो सेवक आपको , रखो कृपा अपार ॥

इसके पश्चात् जिस प्रकार गणेश जी का पूजन किया था , उसी प्रकार नवग्रह का भी पूजन करें ।

कलश पूजन

कलश पूजन हेतु बायें हाथ में अक्षत लेकर दाहिने हाथ से मिट्टी के कलश (जिसमें शुद्ध जल भरा हो ) पर अक्षत चढ़ाते हुए वरुण देवता का निम्नलिखित मन्त्र से आवाहन करें ।

जल जीवन हे जगत का , वरुण देव का वास ।

सकल देव निस दिन करें , कलश महि निवास ॥

गंगादिक नदियॉं बसें , सागर स्वल्प निवास ।

पूजा हेतु पधारिए पाप शाप हो नाश ॥

इसके पश्चात् जिस प्रकार गणेश जी का पूजन किया गया था , उसी प्रकार कलश का पूजन करें ।

रक्षा विधान विधि

बायें में मौली , रोली , अक्षत , पुष्प तथा दक्षिणा लेकर दाहिने हाथ से बन्द कर निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण कर अक्षत को चारों दिशाओं में थोड़ा -थोड़ा छोड़ें ।

पूरब में श्रीकृष्ण जी , दक्षिण में वाराह । पश्चिम केशव दुःख हरे , उत्तर श्रीधर शाह ॥

ऊपर गिरधर कृष्ण जी , शेषनाग पाताल ।

दसों दिशा रक्षा करें , मेरी नित गोपाल ॥

इसके पश्चात् उपर्युक्त मौली , रोली , चावल , पुष्प आदि गणेश जी को चढ़ाएँ और मौली उठाकर सभी देवताओं गणेश जी , लक्ष्मी जी आदि को चढ़ाएँ । इसके पश्चात् परिजनों के बॉंधते हुए तिलक करें ।

अब लक्ष्मी पूजन करने के लिए पूर्व स्थापित लक्ष्मी जी की तस्वीर के पास चॉंदी की कटोरी में अथवा अन्य बर्तन में चॉंदी के सिक्के अथवा प्रचलित रुपए के सिक्कों को कच्चे दूध एवं पंचामृत से स्नान कराएँ एवं फिर पुष्प एवं चावल दाहिने हाथ में लेकर श्री महालक्ष्मी का आवाहन निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुए करें ।

जयजगजननी , जय , रमा , विष्णुप्रिया जगदम्ब ।

बेग पधारो गेह मम , करो न मातु विलम्ब ॥

पाट विराजो गेह मम , भरो अखण्ड भंडार ।

श्रद्धा सहित पूजन करूँ , करो मातु स्वीकार॥

मातु लक्ष्मी करो कृपा , करो हृदय में वास ।

मनोकामना सिसद्ध करो , पूरण हो मेरी आस ॥

यही मोरि अरदास , हाथ जोड़ विनती करूँ ।

सब विधि करों सुवास , जय जननी जगदम्बा ॥

सब देवन के देव जो , हे विष्णु महाराज ।

हो उनकी अर्धांगिनी , हे महालक्ष्मी आप ॥

मैं गरीब अरजी धरूँ ; चरण शरण में माय ।

जो जन तुझको पूजता , सकल मनोरथ पाय ॥

आदि शक्ति मातेश्वरी , जय कमले जगदम्ब ।

यहॉं पधारो मूर्ति में , कृपा करो अविलम्ब ॥

इस प्रकार दोनों हाथों से पुष्प एवं चावल लक्ष्मी जी के पास छोड़े और तीन बार जल के छीटें दे और उच्चारण करें ।

पाद्य स्वीकार करें , अर्घ्य स्वीकार करें , आचमन हेतु जल स्वीकार करें ।

नमस्कार करते हुए मन्त्र कहें :

पाद्य अर्घ्य व आचमन का जल है यह तैयार ।

उसको भी माँ प्रेम से , कर लो तुम स्वीकार ॥

इसके पश्चात् ‘दुग्ध स्नान स्वीकार करें ’ कहते हुए दूध के छींटें दें तथा पंचामृत से स्नान करवाते हुए निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करें ।

दूध , दही घी , मधु तथा शक्कर से कर स्नान ।

निर्मल जल से कीजियो , पीछे शुद्ध स्नान ॥

वस्त्र स्वीकार करें ऐसा कहते हुए मौली चढ़ाएँ तथा निम्नलिखित मन्त्र से प्रार्थना करें ।

कुंकुम केसर का तिलक , और माँग सिन्दूर ।

लेकर सब सुख दीजियो , कर दो माँ दुःख दूर ॥

नयन सुभग कज्जल सुभग , लो नेत्रों में डाल ।

करो चूडियों से जननी , हाथों का श़ृंगार ॥

अक्षता स्वीकार करें , कहते हुए चावल चढ़ाएँ ।

‘ पुष्प स्वीकार करें ’ कहते हुए पुष्प अर्पित करें ।

धूप स्वीकार करें , कहते हुए धूप करें तथा निम्नलिखित मन्त्र से प्रार्थना करें ।

गन्ध अक्षत के बाद में , यह फूलों का हार ।

धूप सुगन्धित शुद्ध घी का , दीपक है तैयार ॥

‘ दीप ज्योति का दर्शन करें ’, कहते हुए दीपक दिखाएँ ।

‘ मिष्टान्न एवं ऋतुफल स्वीकार करें ’, कहते हुए प्रसाद चढ़ाएँ तथा निम्नलिखित मन्त्र से प्रार्थना करें ।

भोग लगाता भक्ति से , जीमो रुचि से धाप ।

करो चुल्लू ऋतफल सुभग , आरोगो अब आप ॥

‘ आचमन हेतु जल स्वीकार करें ’, कहते हुए पान सुपारी चढ़ाएँ तथा निम्नलिखित मन्त्र से प्रार्थना करें ।

ऐलापूगी लवंगयुत , माँ खालो ताम्बूल ।

क्षमा करो मुझसे हुई , जो पूजा में भूल ॥

‘ दक्षिणा स्वीकार करें ’, कहते हुए नकदी चढ़ाएँ और निम्नलिखित मन्त्र से प्रार्थना करें ।

क्या दे सकता दक्षिणा , आती मुझको लाज ।

किन्तु जान पूजांग यह , तुच्छ भेंट है आज ॥

नमस्कार करें और निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करें ।

विष्णुप्रिया सागर सुता , जनजीवन आधार ।

गेह वास मेरे करो , नमस्कार शतवार ॥

इसके पश्चात् दीपमालिका पूजन करें

जो व्यक्ति सायंकाल (प्रदोषकाल ) में लक्ष्मी पूजन करते हैं , वे लक्ष्मी पूजन करने के पश्चात् तथा जो व्यक्ति रात्रि में पूजन करते हैं , उन्हें सायंप्रदोषकाल में दीपकों का पूजन अपनी पारिवारिक परम्परा के अनुसार करना चाहिए । एक बड़े थाल के बीच में बड़ा दीपक तथा अन्य छोटे दीपकों को शुद्ध जल से स्नान करवाकर रखें । उसमें शुद्ध नई रुई की बत्ती बनाकर सरसों के तेल या तिल्ली के तेल से प्रज्वलित करें और दाहिने हाथ में अक्षत एवं पुष्प अर्पित करते हुए निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करें ।

हे दीपक ! तुम देव हो , कर्मसाक्षी महाराज ।

जब तक पूजन पूर्ण हो , रहो हमारे साथ ॥

शुभ करो कल्याण करो आरोग्य सुख प्रदान करो ।

बुद्धि मेरी तीव्र करो , दीप ज्योति नमस्कार हो ॥

आत्म तत्त्व का ज्ञान दो , बोधिसत्व प्रकाश दो ।

दीपावली समर्पित तुम्हें , मातेश्वरी स्वीकार करो ॥

इस मन्त्र का उच्चारण कर दीपकों को नमस्कार करें एवं जल के छीटें दें । इसके पश्चात् लक्ष्मी जी की आरती करने के लिए दिपकों में से बड़ा दीपक लक्ष्मी जी के सामने रखें तथा आरती करें

लक्ष्मी जी की आरती

ॐ जय लक्ष्मी माता , मैया जय लक्ष्मी माता ॥

तुमको निसदिन सेवत , हर विष्णु धाता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता॥

उमा , रमा , ब्रह्माणी , तुम ही जग माता ॥

सूर्य , चन्द्रमा ध्यावत , नारद ऋषि गाता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता॥

दुर्गा रूप निरंजनी , सुख -संम्पत्ति दाता ॥

जो कोई तुमको ध्यावत ऋद्धि सिद्धि धन पाता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम पाताल निवासिनी , तू ही शुभ दाता ॥

कर्म प्रभाव प्रकाशिनि , नव निधि की दाता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता॥

जिस घर में तुम रहती , तहँ सब सद्गुण आता॥

सब सम्भव हो जाता , मन नहीं घबराता ॥

॥ ॐ जय लक्ष्मी माता ॥

तुम बिन यज्ञ न होवे , वस्त्र न हो पाता ॥

खान -पान अरु वैभव तुम बिन नहीं आता ॥

॥ ॐ जय लक्ष्मी माता ॥

शुभ गुण मन्दिर सुन्दर , क्षीरदधि जाता ॥

रत्न चतुर्दश तुम बिन , कोई नहीं पाता ॥

॥ ॐ जय लक्ष्मी माता ॥

आरती श्री लक्ष्मीजी की जो कोई नर गाता ॥

उर आनन्द समाता , पाप उत्तर जाता ॥

॥ ॐ जय लक्ष्मी माता ॥

स्थिर चर जगत बखाने , कर्म प्रचुर लाता ॥

जो कोई मातु आपकी , शुभ दृष्टि पाता ॥

॥ ॐ जय लक्ष्मी माता ॥

जय लक्ष्मी माता , मैया जय लक्ष्मी माता ॥

तुमको निशदिन सेवत , हर विष्णु धाता ॥

॥ ॐ जय लक्ष्मी माता ॥

क्षमा प्रार्थना

ब्रह्माविष्णुशिव रुपिणी , परम ब्रह्म की शक्ति ।

मुझ सेवक को दीजिए , श्रीचरणों की भक्ति ॥

अपराधी नित्य का , पापों का भण्डार ।

मुझ सेवक को कीजियो , दुःखसागर से पार ॥

हो जाते हैं पूत तो , कई पूत अज्ञान ।

पर माता तो कर दया , रखती उनका ध्यान ॥

ऐसा मन में धारकर , कृपा करो अवलम्ब ।

और प्रार्थना क्या करूँ ? तू करुणा की खान ॥

त्राहि -त्राहि मातेश्वरी , मैं मूरख अज्ञान ॥

धरणी पर जब तक जीऊँ , रटूँ आपका नाम ।

तब दासों के सिद्ध सब , हो जाते हैं काम ॥

इसके पश्चात् ‘श्री महालक्ष्मी की जय ’ सब एक साथ बोलें तथा सारे कुटुम्ब के लोग मिलकर श्री गणेशजी , वरुण , षोडशमातृका , नवग्रह और महालक्ष्मी को प्रणाम करके कहें कि ‘हे सभी देवताओं ! आप सब तो यथास्थान प्रस्थान कीजिए तथा श्रीमहालक्ष्मी एवं ऋद्धि -सिद्धि और शुभ -लाभ सहित गणेश जी आप हमारे घर में और व्यापार में विराजमान रहिए और अन्त में हाथ जोड़कर निम्नलिखित उच्चारण करें । ’

त्राहि -त्राहि दुःखहारिणी , हरो बेगि सब त्रास ।

जयति -जयति जयलक्ष्मी , करो दुःखों का नाश ॥

इस सरल विधि के द्वारा जो लोग संस्कृत के क्लिष्ट शब्दों का उच्चारण नहीं कर सकते वो इसके द्वारा पूजन कर सकते है ।

जय गणेश भगवान की

जय लक्ष्मी माता की

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Horoscope Today October 07, 2024 : Aaj ka Rashifal October 07, 2024

Horoscope Today: Astrological prediction for 07 October 2024

🕉️वैदिक पंचांग🕉️

दिनांक – 07 अक्टूबर 2024

दिनसोमवार

विक्रम संवत – 2081 (गुजरातमहाराष्ट्र अनुसार 2080)

शक संवत – 1946

अयनदक्षिणायन

ऋतुशरद ऋतु

मासअश्विन

पक्षशुक्ल

तिथिचतुर्थी सुबह 09:47 तक पंचमी

नक्षत्रअनुराधा 08 अक्टूबर रात्रि 02:25 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा

योगप्रीति सुबह 06:40 तक तत्पश्चात आयुष्मान

राहुकालसुबह 08:00 से सुबह 09:29 तक

सूर्योदय – 06:32

सूर्यास्त – 18:19

दिशाशूलपूर्व दिशा में

व्रत पर्व विवरणउपांगललिता पंचमी

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष

दिनांक 7 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। यह अंक वरूण ग्रह से संचालित होता है। आप खुले दिल के व्यक्ति हैं। आपकी प्रवृत्ति जल की तरह होती है। जिस तरह जल अपनी राह स्वयं बना लेता है वैसे ही आप भी तमाम बाधाओं को पार कर अपनी मंजिल पाने में कामयाब होते हैं। किसी के मन की बात तुरंत समझने की आपमें दक्षता होती है। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति अपने आप में कई विशेषता लिए होते हैं। आप पैनी नजर के होते हैं।

शुभ दिनांक : 7, 16, 25

शुभ अंक : 7, 16, 25, 34

शुभ वर्ष : 2023

ईष्टदेव : भगवान शिव तथा विष्णु

शुभ रंग : सफेद, पिंक, जामुनी, मेहरून

जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :

नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए समय सुखकर रहेगा। नवीन कार्ययोजना शुरू करने से पहले केसर का लंबा तिलक लगाएं मंदिर में पताका चढ़ाएं। आपके कार्य में तेजी का वातावरण रहेगा। आपको प्रत्येक कार्य में जुटकर ही सफलता मिलेगी। अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा। व्यापारव्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी।

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, )

आज आपका दिन सामान्य रहेगा। धनार्जन करने में सफलता निश्चित है व्यस्त रहेंगे लेकिन शाम को आराम का अवसर मिलेगा।व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। आय धार्मिक भावना बढ़ेगी। घरबाहर प्रसन्नता रहेगी। आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। अपने व्यसनों पर नियंत्रण रखते हुए कार्य करना चाहिए। व्यापार में कर्मचारियों पर अधिक विश्वास करें। खुद के लिए समय निकालें , व्यायाम करें। आराम करें। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।

वृष🐂 (, , , , वा, वी , वु , वे, वो)

अपनी बुद्धिमत्ता से आप सही निर्णय लेने में सक्षम होंगे। विकास की योजनाएं बनेंगी। निजीजनों में असंतोष हो सकता है। व्यापार में इच्छित लाभ होगा। भूलेबिसरे साथियों से मुलाकात होगी। उत्साहवर्धक सूचना मिलेगी। मान बढ़ेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। परिवर्तनशील मौसम का ध्यान रखें।

मिथुन👫 (का, की, कू, , , , के, को, हा)

मेहनत का फल मिलेगा। घरबाहर पूछपरख रहेगी।धन प्राप्ति सुगम होगी। प्रसन्नता रहेगी। भूमि, आवास की समस्या रह सकती है। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेगा। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। संतान से कष्ट हो इसलिए संस्कार लाभप्रद रहेंगे। थकान रहेगी , खुद के लिए भी समय निकालना चाहिए।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)

आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। वाहन मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। वस्तुएं संभालकर रखें। स्वास्थ्य पर व्यय होगा विवाद से दूर रहे। यात्रा में अपनी वस्तुओं का ध्यान रखें। कर्म के प्रति पूर्ण समर्पण उत्साह लाभकारी होगा अधीनस्थों की ओर ध्यान दें भाग्योदय होगा। बाहर का खाना खाने से बचें।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)

राजकीय सहयोग मिलेगा एवं इस क्षेत्र के व्यक्तियों से संबंध बढ़ेंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। व्यापार अच्छा चलेगा। दूसरों से अपेक्षा करें। चिंता तथा तनाव रहेंगे। थकान रहेगी। जोखिम लें। विवाद से दूर रहें। वाणी पर संयम रखें। अनचाहे दोस्त बनाएँ।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, , , , पे, पो)

रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। कामकाज में धैर्य रखने से सफलता मिल सकेगी। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर मिलेगा। योजनाएं फलीभूत होंगी। मित्रों में आपका वर्चस्व बढ़ेगा। स्वास्थ्य की ओर ध्यान दें। नींद विश्राम को समय दे।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)

व्यावसायिक चिंता दूर हो सकेगी। स्वयं के सामर्थ्य से ही भाग्योन्नति के अवसर आएंगे भाग्योन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। भेंट उपहार की प्राप्ति होगी। यात्रा, निवेश नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। जोखिम लें। योजनाएं फलीभूत होंगी। आराम भरपूर करें।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

समाज में प्रसिद्धि के कारण सम्मान में बढ़ौत्री होगी। संपत्ति के कार्य लाभ देंगे। परीक्षा साक्षात्कार आदि में सफलता मिलेगी। प्रसन्नता रहेगी। धनार्जन होगा। आजीविका में नवीन प्रस्ताव मिलेंगे। परिवार की समस्याओं को अनदेखा करें। बुजुर्गों से आशीर्वाद जरूर लें।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, , फा, ढा, भे)

वाहन, मशीनरी अग्नि के प्रयोग में सावधानी रखना आवश्यक है लेनदेन में सावधानी रखें। विवाद करें। समय अनुकूल नहीं है। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा , जीवनसाथी खुश है तो धन के योग हैं। कार्यपद्धति में विश्वसनीयता बनाए रखें। सकारात्मक विचारों के कारण प्रगति के योग आएंगे।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)

संतान से मदद मिलेगी। आर्थिक स्थिति में प्रगति की संभावना है। प्रेमप्रसंग में अनुकूलता रहेगी। राजकीय काम बनेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। चिंता रहेगी। जोखिम उठाएं। अचानक धन की प्राप्ति के योग हैं। क्रोध एवं उत्तेजना पर संयम रखें नहीं तो स्वास्थ्य पर असर निश्चित है।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)

नए अनुबंध होंगे। यात्रा, निवेश नौकरी मनोनुकूल रहेंगे। बेकार के झंझटों में पड़ें। शत्रु सक्रिय रह सकते हैं सतर्क रहें कार्य की प्रवृत्ति में यथार्थता व्यावहारिकता का समावेश आवश्यक है। व्यापार में नई योजनाओं पर कार्य नहीं होंगे। जीवनसाथी का ध्यान रखें। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

मीन🐳 (दी, दू, , , , दे, दो, चा, ची)

आज आपका आध्यात्म पर ध्यान और विश्वास बढेगा।धर्मकर्म में रुचि बढ़ेगी। राजकीय बाधा दूर होगी। वरिष्ठजन सहयोग करेंगे। बुद्धि एवं तर्क से कार्य में सफलता के योग बनेंगे। यात्रा कष्टप्रद हो सकती है। अतः उसका परित्याग करें। व्यापार लाभप्रद रहेगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

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Horoscope Today October 06, 2024 : Aaj ka Rashifal October 06, 2024

Horoscope Today: Astrological prediction for 06 October 2024

वैदिक पंचांग 

दिनांक – 06 अक्टूबर 2024

दिन – रविवार

विक्रम संवत – 2081 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2080)

शक संवत -1946

अयन – दक्षिणायन

ऋतु – शरद ॠतु

मास – अश्विन

पक्ष – शुक्ल

तिथि – तृतीया सुबह 07:49 तक चतुर्थी

नक्षत्र – विशाखा रात्रि 12:11 तक तत्पश्चात अनुराधा

योग – प्रीति पूर्ण रात्रि तक

राहुकाल – शाम 04:53 से शाम 06:22 तक

सूर्योदय -06:32

सूर्यास्त- 18:20

दिशाशूल – पश्चिम दिशा मे

व्रत पर्व विवरण – विनायक चतुर्थी

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष

दिनांक 6 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 6 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति आकर्षक, विनोदी, कलाप्रेमी होते हैं। आपमें गजब का आत्मविश्वास है। इसी आत्मविश्वास के कारण आप किसी भी परिस्थिति में डगमगाते नहीं है। आपको सुगंध का शौक होगा। आप अपनी महत्वाकांक्षा के प्रति गंभीर होते हैं। 6 मूलांक शुक्र ग्रह द्वारा संचालित होता है। अत: शुक्र से प्रभावित बुराई भी आपमें पाई जा सकती है। जैसे स्त्री जाति के प्रति आपमें सहज झुकाव होगा। अगर आप स्त्री हैं तो पुरुषों के प्रति आपकी दिलचस्पी होगी। लेकिन आप दिल के बुरे नहीं है।

शुभ दिनांक : 6, 15, 24

शुभ अंक : 6, 15, 24, 33, 42, 51, 69, 78

शुभ वर्ष : 2021, 2026

ईष्टदेव : मां सरस्वती, महालक्ष्मी 

शुभ रंग : क्रीम, सफेद, लाल, बैंगनी

जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :

जो विद्यार्थी सीए की परीक्षा देंगे उनके लिए शुभ रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में भी सफलता रहेगी। विवाह के योग भी बनेंगे। स्त्री पक्ष का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी। नौकरीपेशा व्यक्ति अपने परिश्रम के बल पर उन्नति के हकदार होंगे। बैंक परीक्षाओं में भी सफलता अर्जित करेंगे। दाम्पत्य जीवन में मिली जुली स्थिति रहेगी। आर्थिक मामलों में सभंलकर चलना होगा।

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope) 

आज का दिन गृहस्थ जीवन जी रहे लोगों के लिए आनंदमय रहने वाला है। आपके जीवन में किसी नए मेहमान का आगमन हो सकता है। आप परिवार के सदस्यों के साथ कुछ खास पल व्यतीत करेंगे। किसी काम को लेकर कार्यक्षेत्र में आपको थोड़ी टेंशन चल रही थी, तो वह भी दूर होती दिख रही है। कोई मन की इच्छा पूरी होने से आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। किसी से सोच समझकर कोई बात बोले, नहीं तो उन्हें आपकी बात बुरी लग सकती है।

वृषभ दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए सुख-सुविधाओं को बढ़ाने वाला रहेगा। पारिवारिक जीवन में चल रही समस्याएं काफी काफी हद तक दूर होंगी। आपको अपने कामों को पूरा करने के लिए काफी हद तक मेहनत करनी होगी, तभी वह पूरे होते दिख रहे हैं। आपकी किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मुलाकात होगी और माता-पिता के साथ आप कुछ जरूरी कामों को लेकर बातचीत कर सकते हैं। आपको काम अधिक रहने के कारण आपकी समस्याएं बनी रहेगी।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए लंबे समय से रुके हुए कामों को पूरा करने के लिए रहेगा। आपको किसी गलती को लेकर पछतावा हो सकता है। आपका मन भगवान की भक्ति में लीन रहेगा, जिसे देखकर परिवार के सदस्यों को भी खुशी होगी। आपको अपनी जिम्मेदारियों पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है। संतान को कोई पुरस्कार मिलने से आप उनके लिए कोई जश्न का आयोजन कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपके कामों से आपके सहयोगी भी खुश रहेंगे।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope) 

आज का दिन आपके लिए सुख-सुविधाओं को बढ़ाने के लिए रहेगा। आपको अपने खर्चों को लेकर थोड़ा ध्यान देने की आवश्यकता है। आपको अपने भाइयों की मदद से कामों को पूरा करने में आसानी होगी। आपके घर किसी मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है। आपने यदि किसी से काम को लेकर कोई बातचीत की थी, तो वह काम पूरा हो सकता है। विद्यार्थियों को बौद्धिक और मानसिक बोझ से छुटकारा मिलता दिख रहा है। आपको लाभ की योजनाओं पर पूरा ध्यान देना होगा।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए प्रसन्नता दिलाने वाला रहेगा। आपकी तरक्की के नए-नए मार्ग खुलेंगे। आपको धन को लेकर यदि कोई समस्या चल रही थी, तब वह भी काफी हद तक दूर होगी, क्योंकि आपको किसी काम को पूरा करने में आसानी होगी। आपका कोई रोग यदि आपको लंबे समय से परेशान कर रहा था, तो उसमें आपके कष्टों में वृद्धि हो सकती है। माता-पिता के सहयोग से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा। आप अपने परिवार के सदस्यों के साथ मौज-मस्ती भरे पल व्यतीत करेंगे।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए बाकी दिनों की तुलना में बेहतर रहने वाला है। आप अपनी पारिवारिक समस्याओं को लेकर माता-पिता से बातचीत कर सकते हैं। आप अपने मन में ईष्या या द्वेष की भावना ना रखें। संतान को किसी नई नौकरी की प्राप्ति हो सकती है। यदि आपकी सेहत में कुछ गिरावट चल रही थी, तो वह भी काफी हद तक दूर होगी। आप अपने लिए किसी नए घर की खरीदारी कर सकते हैं। यदि आप कहीं यात्रा पर जा रहे हैं, तो उसमें अपने कीमती सामानों की सुरक्षा अवश्य करें।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope) 

आज का दिन आपके लिए तनावग्रस्त रहने वाला है। वैवाहिक जीवन में चल रही समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। आपको अपने नए कामों को लेकर सोच समझकर चलना होगा। भाग्य आपका मजबूत रहेगा, जिससे समाज में आपकी एक नई पहचान बनेगी। आपको संतान की पढ़ाई लिखाई को लेकर आपको थोड़ा टेंशन रहेगी। आप किसी मित्र के घर किसी पूजा-पाठ आदि में सम्मिलित हो सकते हैं। आपको अपनी वाणी और व्यवहार पर संयम रखने की आवश्यकता है।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए तरक्की की राह पर आगे बढ़ने के लिए रहेगा। राजनीति में कार्यरत लोगों को थोड़ा ध्यान देने की आवश्यकता है। आपको यदि कोई सेहत से संबंधित समस्या चल रही है, तो उसके लिए आपको डॉक्टर के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। आपका बिजनेस पहले से ज्यादा बढ़ेगा, जो आपको खुशी देगा। कार्यक्षेत्र में आपको अपने सीनियर्स की बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देना है। छोटे बच्चों के साथ आप कुछ समय मौज मस्ती करने में व्यतीत करेंगे।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)

आज का दिन राजनीति में कार्यरत लोगों के लिए अच्छा रहने वाला है, लेकिन आप यदि कहीं यात्रा पर जाएं, तो उसमें आपको वाहनों का प्रयोग सावधान रहकर करना होगा। जीवनसाथी की सेहत में गिरावट आ सकती है, क्योंकि उन्होंने किसी समस्या में यदि ढील दे रही थी, तो वह बढ़ सकती है। आपको अपनी कामों पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है, तभी आपको अच्छा लाभ मिल सकेगा। आप अपने भविष्य को लेकर कोई अच्छा निवेश करने के बारे में सोच सकते हैं। संतान को कोई पुरस्कार मिलने की संभावना है, जो आपकी खुशी का कारण बनेगी।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए ऊर्जावान रहने वाला है। आप अपने बिजनेस को लेकर किसी पारिवारिक सदस्य से सलाह ले सकते हैं। दांपत्य जीवन में कुछ टेंशन रहने की संभावना है। अगर प्रॉपर्टी को लेकर आपका कोई विवाद चल रहा था, तो वह भी दूर होता दिख रहा है। आपको अपनी सेहत को लेकर थोड़ा ध्यान देने की आवश्यकता है। रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटक रहे लोगों को कोई शुभ सूचना सुनने को मिल सकती है। व्यापार में आपको कोई बड़ा निर्णय सोच समझकर लेना होगा।

कुंभ दैनिक राशिफल (Aquarius Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए खुशनुमा रहने वाला है। आपके अधूरे काम पूरे होने के संभावना है। मित्रों के साथ आप किसी योजना को बना सकते हैं। विद्यार्थियों को बौद्धिक व मानसिक बोझ से छुटकारा मिलता दिख रहा है। आप किसी लंबी दूरी यात्रा पर जा सकते हो सकते हैं। आपको बिजनेस में मन मुताबिक लाभ मिलने से आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। पारिवारिक समस्याओं को आप मिल बैठकर दूर करने की आवश्यकता है। आपको किसी दूर रह रहे परिजन से फोन कॉल के जरिए कुछ शुभ सूचना सुनने को मिल सकती है।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope) 

आज का दिन आपके लिए परोपकार कार्यो से जुड़कर नाम कमाने के लिए रहेगा। आप धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। आपकी साख व सम्मान में वृद्धि होगी। जीवनसाथी से चल रही अनबन दूर होगी और आपके रिश्ते उनसे बेहतर होंगे। आपको कोई लेन-देन बहुत ही सोच समझकर करने की आवश्कता है। आप अपनी वाणी व व्यवहार में संयम बनाए रखें। माता-पिता के आशीर्वाद से आप का कोई रुका हुआ काम पूरा होगा

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