श्रीकृष्ण-जन्माष्टमी 2023

Sri Krishna Janmashtami Special

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ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार

भारतवर्ष में रहने वाला जो प्राणी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है, वह सौ जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है। इसमें संशय नहीं है। वह दीर्घकाल तक वैकुण्ठलोक में आनन्द भोगता है। फिर उत्तम योनि में जन्म लेने पर उसे भगवान श्रीकृष्ण के प्रति भक्ति उत्पन्न हो जाती है-यह निश्चित है।

अग्निपुराण के अनुसार

इस तिथिको उपवास करने से मनुष्य सात जन्मों के किये हुए पापों से मुक्त हो जाता हैं | अतएव भाद्रपद के कृष्णपक्ष की अष्टमी को उपवास रखकर भगवान श्रीकृष्ण का पूजन करना चाहिये | यह भोग और मोक्ष प्रदान करनेवाला हैं।

भविष्यपुराण के अनुसार

कृष्ण जन्माष्टमी व्रत जो मनुष्य नहीं करता, वह क्रूर राक्षस होता है।

स्कन्दपुराण के अनुसार

जो व्यक्ति कृष्ण जन्माष्टमी व्रत नहीं करता, वह जंगल में सर्प और व्याघ्र होता है।

श्रीकृष्ण-जन्माष्टमीव्रत की कथा एवं विधि

06 सितम्बर 2023 बुधवार को जन्माष्टमी (स्मार्त) 07 सितम्बर 2023 गुरुवार को जन्माष्टमी (भागवत)

भविष्यपुराण उत्तरपर्व अध्याय – २४

राजा युधिष्ठिर ने कहा – अच्युत ! आप विस्तार से (अपने जन्म-दिन) जन्माष्टमी व्रत का विधान बतलाने की कृपा करें |

भगवान् श्रीकृष्ण बोले – राजन ! जब मथुरा में कंस मारा गया, उस समय माता देवकी मुझे अपनी गोद में लेकर रोने लगीं | पिता वसुदेवजी भी मुझे तथा बलदेवजी आलिंगन कर गद्गदवाणी से कहने लगे – ‘आज मेरा जन्म सफल हुआ, जो मैं अपने दोनों पुत्रों को कुशल से देख रहा हूँ | सौभाग्य से आज हम सभी एकत्र मिल रहे हैं |’ हमारे माता-पिता को अति हर्षित देखकर बहुत से लोग वहाँ एकत्र हुए और मुझसे कहने लगे – ‘भगवन ! आपने बहुत बड़ा काम किया, जो इस दुष्ट कंसको मारा | हम सभी इससे बहुत पीड़ित थे | आप कृपाकर यह बतलाये कि आप माता देवकी के गर्भ से कब आविर्भूत हुए थे ? हम सब उस दिन महोत्सव मनाया करेंगे | आपको बार-बार नमस्कार है, हम सब आपकी शरण में हैं | आप हम पर प्रसन्न होइये | उस समय पिता वसुदेवजी ने भी मुझसे कहा था कि अपना जन्मदिन इन्हें बता दो |’ तब मैंने मथुरानिवासी जनों को जन्माष्टमी व्रत का रहस्य बतलाया और कहा – ‘पुरवासियों ! आपलोग मेरे जन्म दिन को विश्व में जन्माष्टमी के नाम से प्रसारित करें | प्रत्येक धार्मिक व्यक्ति को जन्माष्टमी का व्रत अवश्य करना चाहिये | जिस समय सिंह राशि पर सूर्य और वृषराशिपर चन्द्रमा था, उस भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अर्धरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में मेरा जन्म हुआ | वसुदेवजी के द्वारा माता देवकी के गर्भ से मैंने जन्म लिया | यह दिन संसार में जन्माष्टमी नाम से विख्यात होगा | प्रथम यह व्रत मथुरा में प्रसिद्ध हुआ और बाद में सभी लोकों में इसकी प्रसिद्धी हो गयी | इस व्रत के करने से संसार में शान्ति होगी, सुख प्राप्त होगा और प्राणिवर्ग रोगरहित होगा |’

महाराज युधिष्ठिर ने कहा – भगवन ! अब आप इस व्रत का विधान बतलाये, जिसके करने से आप प्रसन्न होते हैं |

भगवान श्रीकृष्ण बोले – महाराज ! इस एक ही व्रत के कर लेने से सात जन्म के पाप नष्ट हो जाते हैं | व्रत के पहले दिन दंतधावन आदि करके व्रत का नियम ग्रहण करें | व्रत के दिन मध्यान्ह में स्नान कर माता भगवती देवकी का एक सूतिका गृह बनाये | उसे पद्मरागमणि और वनमाला आदिसे सुशोभित करें | गोकुल की भांति गोप, गोपी, घंटा, मृदंग, शंख और मांगल्य-कलश आदिसे समन्वित तथा अलंकृत सुतिका-गृह के द्वारपर रक्षा के लिए खणग, कृष्ण छाग, मुशल आदि रखे | दीवालों पर स्वस्तिक आदि मांगलिक चिन्ह बना दें | षष्ठीदेवी की भी नैवेद्य आदि के साथ स्थापना करें | इस प्रकार यथाशक्ति उस सूतिकागृह को विभूषितकर बीच में पर्यंक के ऊपर मुझसहित अर्धसुप्तावस्थावाली, तपस्विनी माता देवकी की प्रतिमा स्थापित करें | प्रतिमाएँ आठ प्रकार की होती हैं –स्वर्ण, चाँदी, ताम्र, पीतल, मृत्तिका, काष्ठ की मणिमयी तथा चित्रमयी | इनमे से किसी भी वस्तुकी सर्वलक्षणसम्पन्न प्रतिमा बनाकर स्थापित करें | माता देवकी का स्तनपान करती हुई बालस्वरूप मेरी प्रतिमा उनके समीप पलंग के ऊपर स्थापित करें | एक कन्या के साथ माता यशोदा की प्रतिमा भी वहां स्थापित की जाय | सूतिका-मंडप के ऊपर की भित्त्तियों में देवता, ग्रह, नाग तथा विद्याधर आदि की मूर्तियाँ हाथोसे पुष्प-वर्षा करते हुए बनाये | वसुदेवजी को सूतिकागृह के बाहर खणग और ढाल धारण किये चित्रित करना चाहिये | वसुदेवजी महर्षि कश्यप के अवतार हैं और देवकी माता अदितिकी | बलदेवजी शेषनाग के अवतार हैं, नन्दबाबा दक्षप्रजापति के, यशोदा दिति की और गर्गमुनि ब्रह्माजी के अवतार हैं | कंस कालनेमिका अवतार है | कंस के पहरेदारों को सूतिकागृह के आस-पास निद्रावस्था में चित्रित करना चाहिये | गौ, हाथी आदि तथा नाचती-गाती हुई अप्सराओं और गन्धर्वो की प्रतिमा भी बनाये | एक ओर कालिया नाग को यमुना के ह्रदय में स्थापित करें |

इसप्रकार अत्यंत रमणीय नवसुतिका-गृह में देवी देवकी की स्थापनकर भक्ति से गंध, पुष्प, अक्षत, धूप, नारियल, दाडिम, ककड़ी, बीजपुर, सुपारी, नारंगी तथा पनस आदि जो फल उस देशमें उससमय प्राप्त हों, उन सबसे पूजनकर माता देवकी की इसप्रकार प्रार्थना करे –

गायभ्दि: किन्नराध्यै: सततपरिवृता वेणुवीणानीनादै भृंगारादर्शकुम्भप्रमरकृतकरै: सेव्यमाना मुनीन्द्रै: |

पर्यन्गे स्वास्तृते या मुदित्ततरमना: पुत्रिणी सम्यगास्ते सा देवी देवमाता जयति सुवदना देवकी कान्तरूपा ||

जिनके चारों ओर किन्नर आदि अपने हाथों में वेणु तथा वीणा-वाद्यों के द्वारा स्तुति-गान कर रहे हैं और जो अभिषेक-पात्र, आदर्श, मंगलमय कलश तथा चँवर हाथों में लिए श्रेष्ठ मुनिगणोंद्वारा सेवित हैं तथा जो कृष्ण-जननी भलीभांति बिछे हुए पलंगपर विराजमान हैं, उन कमनीय स्वरुपवाली सुवदना देवमाता अदिति-स्वरूपा देवी देवकी की जय हो |

उससमय यह ध्यान करें कि कमलासना लक्ष्मी देवकी के चरण दबा रही हो | उन देवी लक्ष्मी की – ‘नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नम: |’ इस मन्त्र से पूजा करे | इसके बाद ‘ॐ देवक्यै नम:, ॐ वासुदेवाय नम:, ॐ बलभद्राय नम:, ॐ श्रीकृष्णाय नम:, ॐ सुभद्रायै नम:, ॐ नन्दाय नम: तथा ॐ यशोदायै नम:’ – इन नाम-मन्त्रों से सबका अलग-अलग पूजन करें |कुछ लोग चन्द्रमा के उदय हो जानेपर चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान कर हरि का ध्यान करते हैं, उन्हें निम्नलिखित मन्त्रों से हरि का ध्यान करना चाहिये –

अनघं वामनं शौरि वैकुण्ठ पुरुषोत्तमम |

वासुदेवं हृषीकेशं माधवं मधुसूदनम ||

वाराहं पुण्डरीकाक्षं नृसिंहं ब्राह्मणप्रियम |

दामोदरं पद्यनाभं केशवं गरुड़ध्वजम |

गोविन्दमच्युतं कृष्णमनन्तमपराजितम |

अघोक्षजं जगद्विजं सर्गस्थित्यन्तकारणम |

अनादिनिधनं विष्णुं त्रैलोक्येश त्रिविक्रमम |

नारायण चतुर्बाहुं शंखचक्रगदाधरम |

पीताम्बरधरं नित्यं वनमालाविभूषितम |

श्रीवत्सांग जगत्सेतुं श्रीधरं श्रीपति हरिम || (उत्तरपर्व ५५/४६ – ५०)

इन मन्त्रों से भगवान् श्रीहरि का ध्यान करके ‘योगेश्वराय योगसम्भवाय योगपतये गोविन्दाय नमो नम:’ – इस मन्त्र से प्रतिमा को स्नान कराना चाहिये | अनन्तर यज्ञेश्वराय यज्ञसम्भवाय यज्ञपतये गोविन्दाय नमो नम:’ – इस मंत्रसे अनुलोपन, अर्घ्य, धूप, दीप आदि अर्पण करें | तदनंतर ‘विश्वाय विश्वेश्वराय विश्वसम्भवाय विश्वपतये गोविन्दाय नमो नम: |’ इस मन्त्र से नैवेद्य निवेदित करें | दीप अर्पण करने का मन्त्र इसप्रकार हैं – धम्रेश्वराय धर्मपतये धर्मसम्भवाय गोविन्दाय नमो नम: |’

इसप्रकार वेदी के ऊपर रोहिणी-सहित चन्द्रमा, वसुदेव, देवकी, नन्द, यशोदा और बलदेवजी का पूजन करें , इससे सभी पापों से मुक्ति हो जाती हैं | चंद्रोदय के समय इस मन्त्र से चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान करें

क्षीरोदार्नवसम्भूत अत्रिनेत्रसमुद्भव |

गृहनार्घ्य शशाकेंदों रोहिण्या सहितो मम || (उत्तरपर्व ५५/५४)

आधी रात को गुड और घी से वसोर्धारा की आहुति देकर षष्ठीदेवी की पूजा करे | उसी क्षण नामकरण आदि संस्कार भी करने चाहिये| नवमी के दिन प्रात:काल मेरे ही समान भगवती का भी उत्सव करना चाहिये | इसके अनन्तर ब्राह्मणों को भोजन कराकर ‘कृष्णो में प्रीयताम’ कहकर यथाशक्ति दक्षिणा देनी चाहिये |

धर्मनंदन ! इसप्रकार जो मेरा भक्त पुरुष अथवा नारी देवी देवकी के इस महोत्सव को प्रतिवर्ष करता हैं, वह पुत्र, सन्तान, आरोग्य, धन-धान्य, सदगृह, दीर्घ आयुष्य और राज्य तथा सभी मनोरथों को प्राप्त करता हैं | जिस देशमें यह उत्सव किया जाता है, वहाँ जन्म-मरण, आवागमन की व्याधि, अवृष्टि तथा ईति-भीती आदि का कभी भय नहीं रहता | मेघ समयपर वर्षा करते हैं | पांडूपुत्र ! जिस घर में यह देवकी-व्रत किया जाता हैं, वहाँ अकालमृत्यु नहीं होती और न गर्भपात होता हैं तथा वैधव्य, दौर्भाग्य एवं कलह नहीं होता | जो एक बार भी इस व्रत को करता हैं, वह विष्णुलोक को प्राप्त होता है | इस व्रत के करनेवाले संसार के सभी सुखों को भोगकर अंत में विष्णुलोक में निवास करते हैं |

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स्मार्त और वैष्णव क्या है

स्मार्त और वैष्णव संप्रदाय क्या है??

जन्माष्टमी 2023 विशेष

आपने पंचांगों में देखा होगा कि भगवान विष्णु के अवतारों और उनसे संबंधित व्रत और त्यौहार दो दिन दिया रहता है उसमें आप देखेंगे तो एक त्यौहार में स्मार्त लिखा होगा और एक में वैष्णव!

सबसे पहले हमें यह समझना होगा कि स्मार्त और वैष्णव क्या है ?

तभी आप समझ पाएंगे!

स्मार्त:

स्मार्त संप्रदाय के सनातनी जैसे आप और हम सभी देवी-देवता जैसे भगवान शिव, गणेश, देवी दुर्गा सूर्य देव की उपासना करते हैं और उन्हीं के आधार पर उपवास या पर्व मनाते हैं,

कहने का अर्थ है कि जितने भी आप और हम गृहस्थ हैं वे सभी स्मार्त कहलाते हैं।

वैष्णव:

वहीं वैष्णव संप्रदाय के लोग मानते,सभी देवी देवताओं को हैं परंतु केवल भगवान विष्णु और उनके अवतारों पर आधारित उपवास या पर्व रखते हैं ।

कहने का अर्थ यह है कि जिन संन्यासियों ने भगवान विष्णु के नाम की दीक्षा ली हुई है और वह घर-गृहस्थी से अलग है वे सभी वैष्णव कहलाते हैं।

जैसे: रामानंद(जगतगुरु रामभद्राचार्य जी)वल्लभ, निम्बार्क, माध्व, राधावल्लभ इत्यादि!

अब यदि किसी को पंचांग भी देखना ना आए तो इसमें आप और हम क्या कर सकते हैं ऐसा हम आपको नहीं कह रहे हैं उनके लिए कह रहे हैं जिन्हें वैष्णव और स्मार्त में अंतर नहीं पता!

वैष्णव और स्मार्त क्या है इतनी बात यदि गूगल पर भी पूछी जाए तब भी पता चल जाएगी।

चूंकि स्मार्त(गृहस्थ) सप्तमी से युक्त अष्टमी को गृहण करके अष्टमी का व्रत कर सकते हैं और अष्टमी 6 तारीख को दिन में लगभग 3:30 बजे से आ रही है और रात्रि में रोहिणी नक्षत्र से युक्त अष्टमी भी प्राप्त हो रही है अतः स्मार्त (आप और हम) 6 तारीख को करेंगे।

परंतु वहीं दूसरी ओर वैष्णव (संन्यासी) सप्तमी से युक्त अष्टमी को ग्रहण नहीं करते हैं जो कि 6 तारीख को पड़ रही है उनके लिए सूर्योदय में अष्टमी होना आवश्यक है इसीलिए वह 7 तारीख को करेंगे।

जय श्री कृष्ण

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Horoscope Today: Astrological prediction for September 05, 2023

Horoscope Today: September 05 2023॥Aaj Ka Rashifal 05 September 2023

जन्माष्टमी कब मनायें ? संपूर्ण जानकारी मंत्र और पूजा विधि

वैदिक पंचांग

दिनांक – 05 सितम्बर 2023

दिन – मंगलवार

विक्रम संवत – 2080 (गुजरात – 2079)

शक संवत -1945

अयनदक्षिणायन

ऋतुशरद ॠतु

मास – भाद्रपद (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)

पक्ष – कृष्ण

तिथि – षष्ठी शाम 03:46 तक तत्पश्चात सप्तमी

नक्षत्रभरणी सुबह 09:00 तक तत्पश्चात कृत्तिका

योगव्याघात रात्रि 11:24 तक तत्पश्चात हर्षण

राहुकाल – शाम 03:44 से शाम 05:18 तक

सूर्योदय-06:24

सूर्यास्त- 18:50

दिशाशूल- उत्तर दिशा में

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष

आप बेहद भाग्यशाली हैं कि आपका जन्म 5 तारीख को हुआ है। 5 का मूलांक भी 5 ही होता है। ऐसे व्यक्ति अधिकांशत: मितभाषी होते हैं। कवि, कलाकार तथा अनेक विद्याओं के जानकार होते हैं। आपमें गजब की आकर्षण शक्ति होती है। आपमें लोगों को सहज अपना बना लेने का विशेष गुण होता है। अनजान व्यक्ति की मदद के लिए भी आप सदैव तैयार रहते हैं।

आपमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन करना मुश्किल है। अर्थात अगर आप अच्छे स्वभाव के व्यक्ति हैं तो आपको कोई भी बुरी संगत बिगाड़ नहीं सकती। अगर आप खराब आचरण के हैं तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको सुधार नहीं सकती। लेकिन सामान्यत: 5 तारीख को पैदा हुए व्यक्ति सौम्य स्वभाव के ही होते हैं।

शुभ दिनांक : 1, 5, 7, 14, 23

शुभ अंक : 1, 2, 3, 5, 9, 32, 41, 50

शुभ वर्ष : 2030, 2032, 2034, 2050, 2059, 2052

ईष्टदेव : देवी महालक्ष्मी, गणेशजी, मां अम्बे।

शुभ रंग : हरा, गुलाबी, जामुनी, क्रीम

कैसा रहेगा यह वर्ष

दाम्पत्य जीवन में मधुर वातावरण रहेगा। अविवाहित भी विवाह में बंधने को तैयार रहें। व्यापार-व्यवसाय में प्रगति से प्रसन्नता रहेगी। यह वर्ष सफलताओं भरा रहेगा। अभी तक आ रही परेशानियां भी इस वर्ष दूर होती नजर आएंगी। परिवारिक प्रसन्नता रहेगी। संतान पक्ष से खुशखबर आ सकती है। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए यह वर्ष निश्चय ही सफलताओं भरा रहेगा।

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए कुछ चुनौतियों भरा रहेगा। आप अपने व्यवसाय में उधेड़बुन को सुलझाने में लगे रहेंगे और आर्थिक स्थिति भी आपकी चिंता का कारण बन सकती है,क्योंकि आपको कुछ ऐसे खर्चे होंगे जो मजबूरी में करने ही पड़ेंगे। नौकरी कर रहे लोगों की अधिकारियों से अनबन होने के कारण कुछ नई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। आपको किसी व्यक्ति को धन उधार देने से बचना होगा,नहीं तो आपके उस धन के वापस आने की संभावना बहुत कम है। परिवार के सदस्यों के साथ आप किसी धार्मिक यात्रा पर जा सकते हैं।

वृष दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)

आज आप पूरे दिन ऊर्जा से भरपूर रहने के कारण प्रत्येक कार्य को करने के लिए तत्पर रहेंगे। आपको कोई पैतृक संपत्ति मिलने से अच्छा लाभ मिल सकता है। व्यापारी वर्ग यदि योजना बनाकर कार्य करेंगे,तभी वह अपने सभी कार्यों को समय से पूरा कर पाएंगे। आपको किसी पुरानी नौकरी के साथ-साथ यदि दूसरी नौकरी का ऑफर आए,तो अभी आपको पुरानी में ही टिके रहना बेहतर होगा। विद्यार्थी अपनी कमजोर विषयों पर अत्यधिक मेहनत करेंगे और सफलता हासिल करने में कामयाब रहेंगे।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए उत्तम रूप से फलदायक रहने वाला है। आपकी तरक्की के नए-नए मार्ग खुलेंगे और आपको बिजनेस के साथ किसी और काम में भी हाथ आजमाने का मौका मिलेगा। सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों की साख चारों ओर फैलेगी,जिसका उन्हें लाभ मिलेगा। आप यदि किसी समस्या के समाधान के लिए पिताजी से बातचीत करें,तो उसमें वाणी की मधुरता को बनाए रखें नहीं तो वह आपसे नाराज हो सकते हैं।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। व्यवसाय कर रहे लोगों को आज लाभ के अवसर मिलते रहेंगे,जिनको पहचान कर आपको उन पर अमल करना होगा,तभी वह लाभ कमाने में कामयाब रहेंगे। जो लोग नौकरी में बदलाव चाहते हैं उनकी आज इच्छा पूरी हो सकती हैं। मीडिया से जुड़े लोगों को आज कुछ बढ़िया खबरें मिलेंगी। कामकाज के सिलसिले में यदि आपको किसी की यात्रा पर जाने का मौका मिले तो अवश्य जाएं, क्योंकि वह आपके लिए कोई लाभ का सौदा लेकर आएगी। माताजी से आपकी किसी बात पर झड़प हो सकती है।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए रहेगा। आपको अपनी कुछ आर्थिक समस्याओं से भी छुटकारा मिलता दिख रहा है। संतान आपकी उम्मीदों पर खरी उतरेगी जिससे आपका मन प्रसन्न रहेगा। विद्यार्थियों को किसी प्रतियोगिता में जीत मिलने से वह फूले नहीं समाएंगे। कोई पुराना मित्र आपसे मेल मिलाप करने आ सकता है। जीवनसाथी को आप कहीं घुमाने फिराने लेकर जाएं,तो खरीदारी करते समय अपनी जेब का ख्याल अवश्य रखें।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए सामान्य रहेगा। व्यापारी वर्ग के लिए धन लाभ की पूरी संभावना बनती दिख रही है। विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल रहेगा,लेकिन जो जातक विदेश जाकर नौकरी करना चाहते हैं,उन्हें कोई शुभ सूचना सुनने को मिल सकती है। आपको अपने धन को भविष्य के लिए भी संचय करना होगा नहीं तो बाद में आपको धन के संकट से जूझना पड़ सकता है। गृहस्थ जीवन में आज कुछ समस्याएं तो आएंगी,लेकिन आप जीवनसाथी के साथ मिलकर उन्हें निपटाने में सफल रहेंगे। परिवार का कोई सदस्य आपसे पिछली की हुई गलती के लिए माफी मांग सकता है।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए कुछ खर्चा भरा रहेगा। आपको जल्दबाजी में कोई भी निर्णय बहुत ही सावधानी से लेना होगा, नहीं तो बाद में आपको उसके लिए पछताना पड़ सकता है। आर्थिक स्थिति पहले के मुकाबले थोड़ी कमजोर रहेगी, क्योंकि आपके खर्चों में भी आज बढ़ोतरी हो सकती है। व्यापारिक क्षेत्र में कार्यरत लोग किसी यात्रा पर जा सकते है। आपके कुछ शत्रु भी आज आपको हानि पहुंचाएंगे। कार्यक्षेत्र में आपको किसी गलत व्यक्ति का साथ देने से बचना होगा।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए भागदौड़ भरा रहेगा। आपको किसी व्यक्ति से बेवजह की बहसबाजी में पड़ने से बचना होगा व अपनी बुद्धि का प्रयोग करके शांति से काम ले। आपके ऊपर काम का बोझ बढ़ने से परेशान रहेंगे। आप किसी सामाजिक कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकते हैं,जहां आपके कुछ शत्रु आपकी छवि खराब करने की कोशिश करेंगे। आपके स्वभाव में कुछ चिढचिढ़ापन बना रहेगा। आपको किसी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। परिवार के किसी सदस्य को कोई शारीरिक कष्ट हो सकता है।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए उन्नति भरा रहेगा। आपको ससुराल पक्ष से धन लाभ मिलता दिख रहा है। यदि आप किसी को धन उधार देंगे,तो वह आपके आपसी रिश्तों में विवाद करा सकता है। नौकरी कर रहे लोग उच्च अधिकारियों की कृपा से कोई अच्छा पद पा सकते हैं,जिससे उनके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। माता-पिता के आशीर्वाद से आप आज किसी नए बिजनेस की शुरुआत कर सकते हैं। रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को आज कोई अच्छा अवसर मिल सकता है।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए बाकी दिनों की तुलना में बेहतर रहेगा। यदि नौकरी की तैयारी कर रहे लोग किसी इंटरव्यू को देने जा रहे हैं उन्हें उसमें सफलता मिलेगी। आप घर परिवार में वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा पाकर प्रसन्न रहेंगे,लेकिन विद्यार्थियों को कठिन परिश्रम के बाद ही सफलता मिलेगी,इसलिए उन्हें पूरी मेहनत करनी होगी। आप किसी बड़े निवेश की योजना बना सकते हैं,लेकिन उसमें किसी व्यक्ति से सलाह मशवरा ना करें,नहीं तो वह आपको कोई गलत सलाह दे सकता है। परिवार में आज किसी धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन होने से मन प्रसन्न रहेगा।

कुंभ दैनिक राशिफल (Aquarius Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए मध्यम रूप से फलदायक रहने वाला है। यदि आप व्यापारिक मामलों में भविष्य की कुछ योजनाओं को सोचकर धन लगाएंगे,तो वह आपको अच्छा लाभ दे सकती हैं,लेकिन बिजनेस कर रहे लोगों को कार्यक्षेत्र में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है,जिन्हें वे अपने भाइयों की मदद से समाप्त करने में कामयाब रहेंगे। आपके रोजमर्रा के कामों में कुछ रुकावट रहेंगी,जिनको लेकर आप परेशान तो रहेंगे,लेकिन वह आसानी से सुलझ जाएंगी।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए खुशहाली लेकर आएगा। कार्यक्षेत्र में आपको धन लाभ के एक के बाद एक अवसर प्राप्त होते रहेंगे,जिससे आपकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहेगी। नौकरी कर रहे लोग यदि किसी व्यापार की योजना बना रहे हैं,तो वह उसे सुचारू रूप भी दे सकते हैं,जिन लोगों को विवाह में समस्या आ रही है,उनकी समस्या दूर होगी और उन्हें कोई खुशखबरी सुनने को मिलेगी। आप अपने मित्र के साथ कहीं खाने-पीने आदि की योजना बना सकते हैं।

🙏जय श्री राम 🙏

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