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दीपावली पूजन विधिः

दीपावली के पर्व पर सभी भक्तजन माँ लक्ष्मी की प्रसन्नता के लिए अनेक प्रकार के जतन करते हैं । कुछ लोग इस दिन विशिष्ट साधनाएँ करते हैं , लेकिन सामान्य पूजन सभी करते हैं । इस दिन सायंकाल में शुभ मुहूर्त में महालक्ष्मी की विविध उपचारों से पूजा -अर्चना की जाती है । एक विशेष समस्या इस पूजा -अर्चना में प्रायः देखी जाती है कि महालक्ष्मी पूजन में प्रयुक्त मन्त्र संस्कृत भाषा में लिखी होने के कारण थोड़े क्लिष्ट होते हैं और इसी कारण आमजन इनका प्रयोग नहीं कर पाते हैं । पाठकगणों की इस समस्या का अनुभव करते हुए हिन्दी मन्त्रों से महालक्ष्मी का पूजन -अर्चना किया जा रहा है । हालॉंकि संस्कृत मन्त्रों का अपना महत्त्व है , लेकिन माँ तो भाव को ही प्रधानता देती है । यदि आप अपनी भाषा में अपने भाव माँ के समक्ष अच्छे से व्यक्त कर सकते हैं , तो वही भाषा आपके लिए सर्वश्रेष्ठ है । आइए , इस दीपावली पर हम अपनी भाषा में अपने भाव व्यक्त करके माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं ।

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पूजन हेतु सामग्री

रोली , मौली , लौंग , पान , सुपारी , धूप , कर्पूर , अगरबत्ती , अक्षत (साबुत चावल ), गुड़ , धनिया , ऋतुफल , जौ , गेहूँ , टूब , पुष्प , पुष्पमाला , चन्दन , सिन्दूर , दीपक , रूई , प्रसाद , नारियल , सर्वोषधि , पंचरत्न , यज्ञोपवीत , पंचामृत , शुद्ध जल , खील , मजीठ , सफेद वस्त्र , लाल वस्त्र , फुलेल , लक्ष्मी जीव एवं गणेश जी का चित्र या पाना , चौकी (बाजौट ), कलश , घी , कमलपुष्प , इलायची , माचिस , दक्षिणा हेतु नकदी , चॉंदी के सिक्के , बहीखाता , कलम तथा दवात । आदि ।

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पूजा विधान एवं नियम

दीपावली के दिन सायंकाल पूजन करने से पूर्व शुद्ध जल से स्नान करके स्वच्छ एवं सुन्दर वस्त्र धारण कर सकुटुम्ब पूजन करने के लिए तैयार हों । लक्ष्मी जी के पूजन हेतु जो स्थान आपने निश्चित किया है , उसको स्वच्छ जल से धोकर उस पर बैठने हेतु आसन लगाएँ । आपको पूजन करते समय यह अवश्य ही ध्यान रखना है कि आपका मुँह पूर्व दिशा की ओर हो अर्थात् लक्ष्मी जी का चित्र अथवा पाना पूर्व दिशा की दीवार पर लगाना चाहिए । यदि पूर्व दिशा की ओर जगह नही बन पा रही हो , तो आप पश्चिम दिशा की ओर मुख करके पूजन कर सकते हैं ।

लक्ष्मी पूजन हेतु उपर्युक्त साम्रगी पहले ही एक स्थान पर एकत्र करके एक थाल में तैयार कर लेनी चाहिए । पाटा (चौकी ) पर आसन बिछाकर उस पर श्री गणेश जी एवं लक्ष्मी जी का चित्र स्थापित कर दें । उसके बायीं ओर दूसरे पाटे पर आधे में सफेद वस्त्र एवं आधे में लाल वस्त्र बिछाकर सफेद वस्त्र पर चावल की नौ ढेरी नवग्रह की एवं गेहूँ की सोलह ढेरी षोडशमातृका की बना लें । एक मिट्टी के कलश अथवा तॉंबे के कलश पर स्वस्तिक बनाकर उसके गले में मौली बॉंधकर उसके नीचे गेहूँ अथवा चावल डालकर रखें । उसके ऊपर नारियल पर मौली बॉंधकर रख दें । पूजन प्रारम्भ करने के लिए घी का एक दीपक बनाकर तैयार करके और उसे गणेश जी एवं लक्ष्मी जी के चित्र के समान थोड़े गेहूँ डालकर उस पर रखकर प्रज्वलित कर दें । तत्पश्चात् दीपक पर रोली , चावल , पुष्प चढ़ाएँ एवं निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुए प्रार्थना करे।

‘ हे दीपक ! तुम देव हो , कर्म साक्षी महाराज ।

जब तक पूजन पूर्ण हो , रहो हमारे साथ॥ ’

दीपक पूजन के उपरान्त एक जलपात्र में पूजा के निमित्त जल भरकर अपने सामने रखकर उसके नीचे अक्षत , पुष्प डालकर गंगा , यमुना आदि नदियों का निम्नलिखित मन्त्र से आवाहन करे।

गंगा यमुना , गोदावरी नदियन की सिरताज ।

सिंधु , नर्मदा , कावेरी , सरस्वती सब साथ ॥

लक्ष्मी पूजन लक्ष्य है , आज हमारे द्वार ।

सब मिल हम आवाहन करें , आओ बारम्बार ॥

तत्पश्चात् जलपात्र से बायें हाथ में थोड़ासा जल लेकर दाहिने हाथ से अपने शरीर पर छीटें देते हुए बोले ।

वरुण विष्णु सबसे बड़े , देवन में सिरताज ।

बाहर -भीतर देह मम , करो शुद्ध महाराज ॥

फिर तीन बार आचमन करें और उच्चारण करे ।

श्रीगोविन्द को नमस्कार ।

श्री माधव को नमस्कार ।

श्री केशव को नमस्कार ॥

अब दाहिने हाथ में अक्षत , पुष्प , चन्दन , जल तथा दक्षिणा लेकर निम्नलिखित संकल्प बोलें ।

‘ श्रीगणेश जी को नमस्कार । श्री विष्णु जी को नमस्कार । मैं …..( अपने नाम का उच्चारण करें ) जाति …..( आपनी जाति का उच्चारण करें ) गोत्र …..( अपने गोत्र का उच्चारण करें ) आज ब्रह्मा की आयु के द्वितीय परार्द्ध में , श्री श्वेतवाराह कल्प में , वैवस्वत मन्वन्तर में , २८वें कलियुग के प्रथम चरण में , बौद्धावतार में , पृथ्वी लोक के जम्बू द्वीप में , भरत खण्ड नामक भारतवर्ष के …..( अपने क्षेत्र का नाम लें )….. नगर में ( अपने नगर का नाम लें )….. स्थान में ( अपने निवास स्थान का नाम लें ) संवत् २०६७ , कार्तिक मास , कृष्ण पक्ष , अमावस्या तिथि , शुक्रवार को सभी कर्मों की शुद्धि के लिए वेद , स्मृति , पुराणों में कहे गए फलों की प्राप्ति के लिए , धन – धान्य , ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए , अनिष्ट के निवारा तथा अभीष्ट की प्राप्ति के लिए परिवार सहित महालक्ष्मी पूजन निमित्त तथा माँ लक्ष्मी की विशेष अनुकम्पा हेतु गणेश पूजनादि का संकल्प कर रहा हूँ । ’

अब ऐसा कहते हुए गणेश जी की मूर्ति पर अथवा थाल में स्वस्तिक बनाकर सुपारी पर मोली लगाकर रखें ।

उसके उपरान्त गणेश जी का आवाहन निम्नलिखित मन्त्र से करें ।

सिद्धि सदन गज वदन वर , प्रथम पूज्य गणराज ।

प्रथम वन्दना आपको , सकल सुधारो काज ॥

जय गणपति गिरिजा सुवन रिद्धि -सिद्धि दातार ।

कष्ट हरो मंगल करो , नमस्कार सत बार ॥

रिद्धि -सिद्धि के साथ में , राजमान गणराज ।

यहॉं पधारो मूर्ति में , आओ आप बिराज ॥

शोभित षोडशमातृका , आओ यहॉं पधार ।

गिरिजा सुत के साथ में , करके कृपा अपार ॥

सूर्य आदि ग्रह भी , करो आगमन आज ।

लक्ष्मी पूजा पूर्ण हो , सुखी हो समाज ॥

आवाहन के पश्चात् हाथ में अक्षत लेकर सुपारी रूपी गणेश जी पर छोड़ते हुए श्रीगणेश जी को आसन दें ।

इसके उपरान्त गणेश जी का पूजन निम्नलिखित प्रकार से करें । तीन बार जल के छीटें देकर निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करे ।

पाद्य अर्घ्य वा आचमन , का जल यह तैयार ।

उसको भी प्रेमये , कर लो तुम स्वीकार ॥

पाद्य स्वीकार करें । अर्घ्य स्वीकार करें । आचमन हेतु जल स्वीकार करें ।

यह बोलकर जल के छीटें दें ।

स्नान हेतु जल स्वीकार करें । जल के छीटें दें ।

वस्त्र स्वीकार करें । बोलकर मोली चढ़ाएँ ।

गन्ध स्वीकार करें । रोली चढ़ाएँ ।

अक्षत स्वीकार करें । चावल चढ़ाएँ ।

पुष्प स्वीकार करें । पुष्प चढ़ाएँ ।

धूप स्वीकार करें । धूप करें ।

दीपक के दर्शन करें । दीपक दिखाएँ ।

मिष्टान्न स्वीकार करें । प्रसाद चढ़ाएँ ।

आचमन हेतु जल स्वीकार करें । कहकर जल के छीटें दें ।

ऋतुफल स्वीकार करें । ऋतुफल चढ़ाएँ ।

मुखशुद्धि के लिए पान स्वीकार करें । पान , सुपारी चढ़ाएँ ।

दक्षिणा स्वीकार करें । कहते हुए नकदी चढ़ाएँ ।

नमस्कार स्वीकार करें । नमस्कार करें ।

अब करबद्ध होकर गणेशजी को निम्नलिखित मन्त्र से नमस्कार करे ।

विघ्न हरण मंगल करण , गौरी सुत गणराज ।

मैं लियो आसरो आपको , पूरण करजो काज ॥

षोडशमातृका पूजन

गणेश पूजन के उपरान्त षोडशमातृका का पूजन करना चाहिए । हाथ में चावल लेकर दाहिने हाथ की ओर स्थापित लाल वस्त्र पर आरूढ़ षोडशामातृका पर चावल छोड़ते हुए निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करें ।

बेग पधारो गेह मम , सोलह माता आप ।

वंश बढ़े , पीड़ा कटे , मिटे शोक संताप ॥

इसके पश्चात् जिस प्रकार से गणेश जी का पूजन किया था , उसी प्रकार से षोडशमातृका का पूजन करें । अन्त में निम्नलिखित मन्त्र के साथ षोडशमातृका को नमस्कार करें ।

सोलह माता आपको , नमस्कार सत बार ।

पुष्टि तुष्टि मंगल करो , भरो अखण्ड भण्डार ॥

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नवग्रह पूजन

बायें हाथ में चावल लेकर दाहिने हाथ से सफेद वस्त्र पर चावल छोड़े एवं निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करें ।

रवि शशि मंगल बुध , गुरु शुक्र शनि महाराज ।

राहु केतु नवग्रह नमो , सकल सँवारो काज ॥

हे नवग्रह तुमसे करूँ , विनती बारम्बार ।

मैं तो सेवक आपको , रखो कृपा अपार ॥

इसके पश्चात् जिस प्रकार गणेश जी का पूजन किया था , उसी प्रकार नवग्रह का भी पूजन करें ।

कलश पूजन

कलश पूजन हेतु बायें हाथ में अक्षत लेकर दाहिने हाथ से मिट्टी के कलश (जिसमें शुद्ध जल भरा हो ) पर अक्षत चढ़ाते हुए वरुण देवता का निम्नलिखित मन्त्र से आवाहन करें ।

जल जीवन हे जगत का , वरुण देव का वास ।

सकल देव निस दिन करें , कलश महि निवास ॥

गंगादिक नदियॉं बसें , सागर स्वल्प निवास ।

पूजा हेतु पधारिए पाप शाप हो नाश ॥

इसके पश्चात् जिस प्रकार गणेश जी का पूजन किया गया था , उसी प्रकार कलश का पूजन करें ।

रक्षा विधान विधि

बायें में मौली , रोली , अक्षत , पुष्प तथा दक्षिणा लेकर दाहिने हाथ से बन्द कर निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण कर अक्षत को चारों दिशाओं में थोड़ा -थोड़ा छोड़ें ।

पूरब में श्रीकृष्ण जी , दक्षिण में वाराह । पश्चिम केशव दुःख हरे , उत्तर श्रीधर शाह ॥

ऊपर गिरधर कृष्ण जी , शेषनाग पाताल ।

दसों दिशा रक्षा करें , मेरी नित गोपाल ॥

इसके पश्चात् उपर्युक्त मौली , रोली , चावल , पुष्प आदि गणेश जी को चढ़ाएँ और मौली उठाकर सभी देवताओं गणेश जी , लक्ष्मी जी आदि को चढ़ाएँ । इसके पश्चात् परिजनों के बॉंधते हुए तिलक करें ।

अब लक्ष्मी पूजन करने के लिए पूर्व स्थापित लक्ष्मी जी की तस्वीर के पास चॉंदी की कटोरी में अथवा अन्य बर्तन में चॉंदी के सिक्के अथवा प्रचलित रुपए के सिक्कों को कच्चे दूध एवं पंचामृत से स्नान कराएँ एवं फिर पुष्प एवं चावल दाहिने हाथ में लेकर श्री महालक्ष्मी का आवाहन निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करते हुए करें ।

जयजगजननी , जय , रमा , विष्णुप्रिया जगदम्ब ।

बेग पधारो गेह मम , करो न मातु विलम्ब ॥

पाट विराजो गेह मम , भरो अखण्ड भंडार ।

श्रद्धा सहित पूजन करूँ , करो मातु स्वीकार॥

मातु लक्ष्मी करो कृपा , करो हृदय में वास ।

मनोकामना सिसद्ध करो , पूरण हो मेरी आस ॥

यही मोरि अरदास , हाथ जोड़ विनती करूँ ।

सब विधि करों सुवास , जय जननी जगदम्बा ॥

सब देवन के देव जो , हे विष्णु महाराज ।

हो उनकी अर्धांगिनी , हे महालक्ष्मी आप ॥

मैं गरीब अरजी धरूँ ; चरण शरण में माय ।

जो जन तुझको पूजता , सकल मनोरथ पाय ॥

आदि शक्ति मातेश्वरी , जय कमले जगदम्ब ।

यहॉं पधारो मूर्ति में , कृपा करो अविलम्ब ॥

इस प्रकार दोनों हाथों से पुष्प एवं चावल लक्ष्मी जी के पास छोड़े और तीन बार जल के छीटें दे और उच्चारण करें ।

पाद्य स्वीकार करें , अर्घ्य स्वीकार करें , आचमन हेतु जल स्वीकार करें ।

नमस्कार करते हुए मन्त्र कहें :

पाद्य अर्घ्य व आचमन का जल है यह तैयार ।

उसको भी माँ प्रेम से , कर लो तुम स्वीकार ॥

इसके पश्चात् ‘दुग्ध स्नान स्वीकार करें ’ कहते हुए दूध के छींटें दें तथा पंचामृत से स्नान करवाते हुए निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करें ।

दूध , दही घी , मधु तथा शक्कर से कर स्नान ।

निर्मल जल से कीजियो , पीछे शुद्ध स्नान ॥

वस्त्र स्वीकार करें ऐसा कहते हुए मौली चढ़ाएँ तथा निम्नलिखित मन्त्र से प्रार्थना करें ।

कुंकुम केसर का तिलक , और माँग सिन्दूर ।

लेकर सब सुख दीजियो , कर दो माँ दुःख दूर ॥

नयन सुभग कज्जल सुभग , लो नेत्रों में डाल ।

करो चूडियों से जननी , हाथों का श़ृंगार ॥

अक्षता स्वीकार करें , कहते हुए चावल चढ़ाएँ ।

‘ पुष्प स्वीकार करें ’ कहते हुए पुष्प अर्पित करें ।

धूप स्वीकार करें , कहते हुए धूप करें तथा निम्नलिखित मन्त्र से प्रार्थना करें ।

गन्ध अक्षत के बाद में , यह फूलों का हार ।

धूप सुगन्धित शुद्ध घी का , दीपक है तैयार ॥

‘ दीप ज्योति का दर्शन करें ’, कहते हुए दीपक दिखाएँ ।

‘ मिष्टान्न एवं ऋतुफल स्वीकार करें ’, कहते हुए प्रसाद चढ़ाएँ तथा निम्नलिखित मन्त्र से प्रार्थना करें ।

भोग लगाता भक्ति से , जीमो रुचि से धाप ।

करो चुल्लू ऋतफल सुभग , आरोगो अब आप ॥

‘ आचमन हेतु जल स्वीकार करें ’, कहते हुए पान सुपारी चढ़ाएँ तथा निम्नलिखित मन्त्र से प्रार्थना करें ।

ऐलापूगी लवंगयुत , माँ खालो ताम्बूल ।

क्षमा करो मुझसे हुई , जो पूजा में भूल ॥

‘ दक्षिणा स्वीकार करें ’, कहते हुए नकदी चढ़ाएँ और निम्नलिखित मन्त्र से प्रार्थना करें ।

क्या दे सकता दक्षिणा , आती मुझको लाज ।

किन्तु जान पूजांग यह , तुच्छ भेंट है आज ॥

नमस्कार करें और निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करें ।

विष्णुप्रिया सागर सुता , जनजीवन आधार ।

गेह वास मेरे करो , नमस्कार शतवार ॥

इसके पश्चात् दीपमालिका पूजन करें । जो व्यक्ति सायंकाल (प्रदोषकाल ) में लक्ष्मी पूजन करते हैं , वे लक्ष्मी पूजन करने के पश्चात् तथा जो व्यक्ति रात्रि में पूजन करते हैं , उन्हें सायंप्रदोषकाल में दीपकों का पूजन अपनी पारिवारिक परम्परा के अनुसार करना चाहिए । एक बड़े थाल के बीच में बड़ा दीपक तथा अन्य छोटे दीपकों को शुद्ध जल से स्नान करवाकर रखें । उसमें शुद्ध नई रुई की बत्ती बनाकर सरसों के तेल या तिल्ली के तेल से प्रज्वलित करें और दाहिने हाथ में अक्षत एवं पुष्प अर्पित करते हुए निम्नलिखित मन्त्र का उच्चारण करें ।

हे दीपक ! तुम देव हो , कर्मसाक्षी महाराज ।

जब तक पूजन पूर्ण हो , रहो हमारे साथ ॥

शुभ करो कल्याण करो आरोग्य सुख प्रदान करो ।

बुद्धि मेरी तीव्र करो , दीप ज्योति नमस्कार हो ॥

आत्म तत्त्व का ज्ञान दो , बोधिसत्व प्रकाश दो ।

दीपावली समर्पित तुम्हें , मातेश्वरी स्वीकार करो ॥

इस मन्त्र का उच्चारण कर दीपकों को नमस्कार करें एवं जल के छीटें दें । इसके पश्चात् लक्ष्मी जी की आरती करने के लिए दिपकों में से बड़ा दीपक लक्ष्मी जी के सामने रखें तथा आरती करें

ॐ जय लक्ष्मी माता , मैया जय लक्ष्मी माता ॥

तुमको निसदिन सेवत , हर विष्णु धाता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता॥

उमा , रमा , ब्रह्माणी , तुम ही जग माता ॥

सूर्य , चन्द्रमा ध्यावत , नारद ऋषि गाता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता॥

दुर्गा रूप निरंजनी , सुख -संम्पत्ति दाता ॥

जो कोई तुमको ध्यावत ऋद्धि सिद्धि धन पाता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता॥

तुम पाताल निवासिनी , तू ही शुभ दाता ॥

कर्म प्रभाव प्रकाशिनि , नव निधि की दाता ॥

॥ॐ जय लक्ष्मी माता॥

जिस घर में तुम रहती , तहँ सब सद्गुण आता॥

सब सम्भव हो जाता , मन नहीं घबराता ॥

॥ ॐ जय लक्ष्मी माता ॥

तुम बिन यज्ञ न होवे , वस्त्र न हो पाता ॥

खान -पान अरु वैभव तुम बिन नहीं आता ॥

॥ ॐ जय लक्ष्मी माता ॥

शुभ गुण मन्दिर सुन्दर , क्षीरदधि जाता ॥

रत्न चतुर्दश तुम बिन , कोई नहीं पाता ॥

॥ ॐ जय लक्ष्मी माता ॥

आरती श्री लक्ष्मीजी की जो कोई नर गाता ॥

उर आनन्द समाता , पाप उत्तर जाता ॥

॥ ॐ जय लक्ष्मी माता ॥

स्थिर चर जगत बखाने , कर्म प्रचुर लाता ॥

जो कोई मातु आपकी , शुभ दृष्टि पाता ॥

॥ ॐ जय लक्ष्मी माता ॥

जय लक्ष्मी माता , मैया जय लक्ष्मी माता ॥

तुमको निशदिन सेवत , हर विष्णु धाता ॥

॥ ॐ जय लक्ष्मी माता ॥

क्षमा प्रार्थना

ब्रह्माविष्णुशिव रुपिणी , परम ब्रह्म की शक्ति ।

मुझ सेवक को दीजिए , श्रीचरणों की भक्ति ॥

अपराधी नित्य का , पापों का भण्डार ।

मुझ सेवक को कीजियो , दुःखसागर से पार ॥

हो जाते हैं पूत तो , कई पूत अज्ञान ।

पर माता तो कर दया , रखती उनका ध्यान ॥

ऐसा मन में धारकर , कृपा करो अवलम्ब ।

और प्रार्थना क्या करूँ ? तू करुणा की खान ॥

त्राहि -त्राहि मातेश्वरी , मैं मूरख अज्ञान ॥

धरणी पर जब तक जीऊँ , रटूँ आपका नाम ।

तब दासों के सिद्ध सब , हो जाते हैं काम ॥

इसके पश्चात् ‘श्री महालक्ष्मी की जय ’ सब एक साथ बोलें तथा सारे कुटुम्ब के लोग मिलकर श्री गणेशजी , वरुण , षोडशमातृका , नवग्रह और महालक्ष्मी को प्रणाम करके कहें कि ‘हे सभी देवताओं ! आप सब तो यथास्थान प्रस्थान कीजिए तथा श्रीमहालक्ष्मी एवं ऋद्धि -सिद्धि और शुभ -लाभ सहित गणेश जी आप हमारे घर में और व्यापार में विराजमान रहिए और अन्त में हाथ जोड़कर निम्नलिखित उच्चारण करें । ’

त्राहि -त्राहि दुःखहारिणी , हरो बेगि सब त्रास ।

जयति -जयति जयलक्ष्मी , करो दुःखों का नाश ॥

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Horoscope Today September 21 2025 : Aaj ka Rashifal September 21 2025

Horoscope Today: Astrological prediction for 21 September 2025

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🕉️ वैदिक पंचांग 🕉️
दिनांक – 21 सितम्बर 2025
दिन – रविवार
विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)
शक संवत – 1947
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद ऋतु
मास – आश्विन (गुजरात-महाराष्ट्र भाद्रपद)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – अमावस्या 22 सितम्बर रात्रि 01:23 तक तत्पश्चात प्रतिपदा
नक्षत्र – पूर्वाफाल्गुनी सुबह 09:32 तक तत्पश्चात उत्तराफाल्गुनी
योग – शुभ शाम 07:53 तक तत्पश्चात शुक्ल
राहुकाल – शाम 05:05 से शाम 06:36 तक
सूर्योदय – 06:28
सूर्यास्त – 06:34
दिशाशूल – पश्चिम दिशा में
व्रत पर्व विवरण – दर्श अमावस्या, आश्विन अमावस्या, सर्वपित्री अमावस्या का श्राद्ध अज्ञात तिथि वालो का श्राद्ध, महालय समाप्त, पितृपक्ष समाप्त, खंडग्रास सूर्यग्रहण (भारत मे नही दिखेगा, नियम पालनीय नही है)

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष

आपका जन्मदिन: 21 सितंबर

दिनांक 21 को जन्मे व्यक्ति निष्कपट, दयालु एवं उच्च तार्किक क्षमता वाले होते हैं। अनुशासनप्रिय होने के कारण कभी-कभी आप तानाशाह भी बन जाते हैं। आप दार्शनिक स्वभाव के होने के बावजूद एक विशेष प्रकार की स्फूर्ति रखते हैं। आप सदैव परिपूर्णता या कहें कि परफेक्शन की तलाश में रहते हैं यही वजह है कि अक्सर अव्यवस्थाओं के कारण तनाव में रहते हैं। अंक ज्योतिष के अनुसार आपका मूलांक तीन आता है। यह बृहस्पति का प्रतिनिधि अंक है। आपकी शिक्षा के क्षेत्र में पकड़ मजबूत होगी। आप एक सामाजिक प्राणी हैं।

आपके लिए खास

शुभ दिनांक : 3, 12, 21, 30

शुभ अंक : 1, 3, 6, 7, 9

शुभ वर्ष : 2028, 2030, 2031, 2034, 2043, 2049, 2052

ईष्टदेव : देवी सरस्वती, देवगुरु बृहस्पति, भगवान विष्णु

शुभ रंग : पीला, सुनहरा और गुलाबी

आपकी जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल

परिवार: दांपत्य जीवन में सुखद स्थिति रहेगी। घर या परिवार में शुभ कार्य होंगे। महत्वपूर्ण कार्य से यात्रा के योग भी है।

करियर: नौकरीपेशा के लिए प्रतिभा के बल पर उत्तम सफलता का है। यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद है। किसी विशेष परीक्षा में सफलता मिल सकती है।

कारोबार: नवीन व्यापार की योजना भी बन सकती है। मित्र वर्ग का सहयोग सुखद रहेगा। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे।

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आजके दिन का प्रथम भाग मौन रहकर अथवा पूजा पाठ में बिताने से व्यर्थ के वाद विवाद से बच सकते है। कार्य क्षेत्र पर आज आपकी चुगली होने की संभावना है कोई भी अनैतिक कार्य करने से बचें। परिजनों की बेतुकी बयानबाजी मानसिक अशान्ति के साथ ही क्रोध करने पर मजबूर करेगी फिर भी आज आप विवेकी व्यवहार अपनायेंगे दोपहर से स्थिति आपके पक्ष में होने लगेगी। धन लाभ आशानुकूल नही होगा फिर भी खर्च निकल जाएंगे। नौकरी पेशा जातक आज बुद्धि बल से किसी जटिल कार्य को पूर्ण करने पर सम्मानित होंगे। पारिवारिक वातावरण में छूट पुट नोकझोंक लगी रहेगी महिलाओ के मन मे उदासी छाई रहेगी।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आपको आज दिन के पूर्वार्द्ध में अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है बनते कार्यो में उलझन पड़ने से मन नकारात्मक भाव से ग्रस्त रहेगा। महिलाओ के हाथ कोई बड़ा नुकसान हो सकता है। मध्यान से परिस्थिति आपके अनुकूल होने लगेगी फिर भी आज चंचल मन लाभ से दूर ही रखेगा। व्यवसायी वर्ग दुविधा की स्थिति में रहने के कारण उचित निर्णय नही ले सकेंगे। जल्दबाजी में आज किसी से कोई वादा ना करें पूर्ण ना करने पर अपमानित हो सकते है। आज आपका ध्यान मनोरंजन की ओर ज्यादा रहेगा। अपने मजाकि व्यवहार से आस-पास का वातावरण हल्का बनाएंगे खर्च ना चाहते भी करना पड़ेगा। सेहत में सुधार अनुभव होगा।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज दिन के पूर्वार्ध को छोड़ शेष समय अशांति वाला रहेगा। दिन के आरम्भ में हास-परिहास के मूड में रहेंगे परिवार का वातावरण भी खुशहाल रहेगा लेकिन मध्यान के आस-पास किसी के द्वारा दुखद खबर मिलने की संभावना है। स्वयं अथवा परिजन की सेहत भी अचानक खराब होने से अतिरिक्त भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। कार्य-व्यवसाय पर आज अधिक ध्यान नही दे पाएंगे जिससे लाभ भी सीमित मात्रा में ही होगा। महिला वर्ग भी आज किसी ना किसी कारण से मानसिक रूप से विचलित रहेंगी पल-पल में विचार बदलने के कारण ठोस निर्णय नही ले सकेंगे। धन के मामले में दिन आय की अपेक्षा खर्चीला अधिक रहेगा।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज दिन के आरम्भ से ही आप धन कमाने के लिये मन ही मन योजना बनाएंगे परन्तु सहयोग कम मिलने से इसे फलीभूत होने में देरी होगी फिर भी आज आपको धन कमाने के कई अवसर मिलेंगे इनका लाभ उठायें संध्या के समय अचानक से आर्थिक लाभ होगा। कार्य व्यवसाय पहले से बेहतर चलेगा उधारी में व्यवहारों में कमी आयेगी। शेयर अथवा अन्य जोखिम वाले कार्यो में आज किया गया निवेश भविष्य में लाभदायक सिद्ध होगा। पारिवारिक वातावरण मध्यान के बाद प्रसन्न चित बनेगा। निकटस्थ संबंधियों एवं पड़ोसियों से आत्मीय संबंध रहेंगे। भाई-बंधुओ से मतभेद होने पर बोल-चाल में कमी आ सकती है।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज आप अपने द्वारा किए समस्त कार्यो से संतोषी रहेंगे। महिलाये इसके विपरीत जीवन मे कुछ ना कुछ कमी अनुभव करेंगी। आज आपकी समस्त दिनचार्य व्यवस्थित रहने पर भी लाभ के अवसर कम ही मिलेंगे। कार्य क्षेत्र पर आए अनुबंद हाथ लगेंगे परन्तु लापरवाही के कारण इनसे उचित लाभ नही उठा पाएंगे। मध्यान के समय किसी गलती के कारण आलोचना होगी फिर भी आज आपको कोई कुछ भी कहे जल्दी से बुरा नही मानेंगे। परिजन विशेष कर बुजुर्ग आपकी बेपरवाह प्रवृति से चिंतित रहेंगे। मन मे लंबी यात्रा की योजना बनेगी परन्तु अभी करना आर्थिक एवं शारीरिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज दिन के आरम्भ में आपके लापरवाह स्वभाव के चलते किसी महत्त्वपूर्ण कार्य मे।विलम्ब अथवा हानि हो सकती है। कार्य क्षेत्र पर भी आज किसी कारण से देरी होगी । मध्यान तक अधिक परिश्रम करना पड़ेगा इसका फल संध्या के समय सफलता के रूप में अवश्य मिल जाएगा। व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा आज कम ही रहेगी लेकिन फिर भी आर्थिक कारणों से किसी ना किसी का मुंह ताकना पड़ेगा। सरकारी कार्य पूर्ण होते होते अंत समय मे किसी कमी के कारण लटक सकते है प्रयत्न करते रहेने पर शीघ्र ही सफलता मिलेगी। महिला वर्ग आज सर अथवा अन्य शारीरिक अंग में दर्द से परेशान रहेंगी फिर भी दैनिक कार्य समय पर कर लेंगी।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज दिन का प्रथम भाग आपको सफलता एवं सम्मान दोनो दिलाएगा। पूर्व आयोजित कार्यो से धन लाभ होगा नए कार्यो में भी निवेश करेंगे। परन्तु मध्यान के बाद घरेलू अथवा कार्य क्षेत्र पर कलह क्लेश का सामना करना पडेगा। विरोधी प्रबल होने से स्वयं को बेबस अनुभव करेंगे। परिवार में आज आपके किसी गलत आचरण की पोल खुल सकती है किसी से बहस ना करें अन्यथा परिणाम गंभीर हो सकते है। आज आपके सरकारी उलझनों में भी फंसने की संभावना है। कार्य क्षेत्र पर प्रलोभन मिलेंगे इनसे भी दूरी बना कर रखें। महिलाये का स्वाभव आज अधिकांश समय उग्र रहेगा बात-बात पर बहस करेंगी। धन लाभ सामान्य से कम होगा। मौसमी बीमारी की आशंका है।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज दिन के आरम्भ में आप कई योजनाएं बनाएंगे परन्तु आलस्य अथवा लापरवाही के कारण इनमे विलम्ब होगा फिर भी आज आप अपनी सोच-समझ से कार्य करते हुए लाभ के हकदार बनेंगे। कार्य क्षेत्र पर अधीनस्थों का सहयोग करेंगे बदले में आपको भी ऐसा ही व्यवहार मिलेगा। धन लाभ आज अकस्मात ही होगा। धन को लेकर आज कोई कार्य नही रुकेगा।महिलाये आज मनोकामना पूर्ति होने पर प्रसन्न रहेंगी लेकिन स्वभाव अन्य लोगो के कार्यो में नुक्स निकालने वाला रहेगा। घर मे शांति रहेगी। सेहत भी सामान्य बनी रहेगी।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज भी दिन के आरम्भ में परिस्थिति पूर्ववत बनी रहेगी। सेहत भी साथ ना देने से कार्यो के प्रति उत्साह नही बनेगा। मध्यान तक स्थिति सामान्य होने लगेगी लेकिन आज व्यावसायिक कार्य मिलने पर भी स्थिति स्पष्ट ना होने से असमंजस में पड़े रहेंगे। आर्थिक लाभ के लिए किसी की सहायता अथवा खुशामद करनी पड़ेगी। महिलाये आज परिवार को आर्थिक एवं अन्य समस्याओं से उबारने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी लेकिन बाद में इसका गुणगान भी करेंगी। मित्र रिश्तेदारी में जाना पड़ सकता है। संध्या का समय दिन की अपेक्षा शांति से बिताएंगे। धन सम्बन्धित लेन-देन आज ना करें।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज के दिन आपका आत्मविश्वास बढ़ा हुआ रहेगा जिस भी कार्य को करने का मन बनाएंगे उसे देर-अबेर पूरा करके ही मानेंगे। आर्थिक स्थिति भी आज उत्तम रहने से निर्णय तुरंत लेंगे जोखिम लेने से पीछे नही नही हटेंगे धन लाभ आशानुकूल नही फिर भी आवश्यकता से अधिक हो जाएगा। व्यवसाय में उन्नति होने से आज आपसे जलने वालो की संख्या में बढ़ोतरी होगी फिर भी आज आपको कोई किसी भी प्रकार की क्षति नही पहुचा सकेगा। महिलाये आज अन्य लोगो से अपनी एवं परिवार की बढ़ चढ़ कर प्रशंसा करेंगी सार्वजनिक क्षेत्र पर हास्य के पात्र भी बन सकते है। शारीरिक तंदुरुस्ती बनी रहेगी।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज के दिन घरेलू एवं व्यावसायिक कार्य एक साथ आने से थोड़े परेशान होंगे लेकिन किसी का सहयोग मिलने से इससे निजात पा लेंगे कार्य क्षेत्र पर आपकी किसी कमी के कारण मान हानि हो सकती है। आज आप अधिकांश कार्य हानि-लाभ की परवाह किये बिना करेंगे। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी फिर भी फिजूल खर्चो पर नियंत्रण ना रखा तो परेशानी में पड़ सकते है। परिवार के सदस्यों का जिद्दी व्यवहार परेशान करेगा लेकिन इसके पीछे आपका हिट ही छुपा हुआ रहेगा। महिलाये गृहस्थ को सम्भालने में दिन भर व्यस्त रहेंगी लंबी यात्रा की योजना आज साकार होगी इससे मानसिक शांति के साथ ही धन लाभ भी होगा।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आपके अंदर विलक्षण प्रतिभा देखने को मिलेगी। सामाजिक क्षेत्र पर आपके विचारों की प्रखरता भीड़ जोड़ने वाली रहेगी। अपनी बुद्धि चातुर्य से नए संबंध विकसित करेंगे निकट भविष्य में इनसे आर्थिक एवं अन्य व्यवहारिक लाभ अवश्य मिलेगा। समाज के उच्चप्रतिष्ठित लोगो से जान पहचान बनेगी। विरोधी भी आज आपकी प्रशंशा करेंगे। कार्य व्यवसाय मध्यान तक मंदा रहेगा इसके बाद अचानक गति आने से व्यस्तता बढ़ेगी। नौकरी अथवा व्यवसाय से जुड़ी महिलाये आज पुरुषों की अपेक्षा अधिक लाभ कमाएंगी परिजनों को भी उपहार एवं अन्य सुविधाएं प्रदान कर प्रसन्न रखेंगी। सेहत कुछ समय के लिए नरम रहेगी।

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Horoscope Today September 09 2025 : Aaj ka Rashifal September 09 2025

Horoscope Today: Astrological prediction for 09 September 2025

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🕉️ वैदिक पंचांग 🕉️
दिनांक – 09 सितम्बर 2025
दिन – मंगलवार
विक्रम संवत – 2082 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2081)
शक संवत – 1947
अयन – दक्षिणायन
ऋतु – शरद ऋतु
मास – आश्विन (गुजरात-महाराष्ट्र भाद्रपद)
पक्ष – कृष्ण
तिथि – द्वितीया शाम 06:28 तक तत्पश्चात तृतीया
नक्षत्र – उत्तरभाद्रपद शाम 06:07 तक तत्पश्चात रेवती

योग – गण्ड रात्रि 11:59 तक तत्पश्चात वृद्धि
राहुकाल – शाम 03:42 से शाम 05:14 तक
सूर्योदय – 06:25
सूर्यास्त – 06:46
दिशाशूल – उत्तर दिशा में
व्रत पर्व विवरण – द्वितीया का श्राद्ध,पंचक
विशेष – द्वितीया को बृहती (छोटा बैगन या कटेहरी) खाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष
अंक ज्योतिष का सबसे आखरी मूलांक है नौ। आपके जन्मदिन की संख्या भी नौ है। यह मूलांक भूमि पुत्र मंगल के अधिकार में रहता है। आप बेहद साहसी हैं। आपके स्वभाव में एक विशेष प्रकार की तीव्रता पाई जाती है। आप सही मायनो में उत्साह और साहस के प्रतीक हैं। मंगल ग्रहों में सेनापति माना जाता है। अत: आप में स्वाभाविक रूप से नेतृत्त्व की क्षमता पाई जाती है। लेकिन आपको बुद्धिमान नहीं माना जा सकता। मंगल के मूलांक वाले चालाक और चंचल भी होते हैं। आपको लड़ाई-झगड़ों में भी विशेष आनंद आता है। आपको विचित्र साहसिक व्यक्ति कहा जा सकता है।

शुभ दिनांक : 9, 18, 27

शुभ अंक : 1, 2, 5, 9, 27, 7

शुभ वर्ष : 2026, 2036, 2045

ईष्टदेव : हनुमान जी, मां दुर्गा।

शुभ रंग : लाल, केसरिया, पीला

जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :

अपनी शक्ति का सदुपयोग कर प्रगति की और अग्रसर होंगे। पारिवारिक विवाद सुलझेंगे। महत्वपूर्ण कार्य योजनाओं में सफलता मिलेगी। अधिकार क्षेत्र में वृद्धि संभव है। नौकरी में आ रही बाधा दूर होगी। स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। राजनैतिक व्यक्ति सफलता का स्वाद चख सकते हैं। मित्रों स्वजनों का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी।

मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन आपको सावधानी से प्रत्येक कार्य देखभाल कर करने की सलाह है। मध्यांन तक कार्य क्षेत्र से अथवा किसी अन्य माध्यम से धन प्राप्ति के सपने देखेंगे। लेकिन इनसे निराश होना पड़ेगा। व्यवसायी वर्ग आज थोड़ा थोड़ा लाभ कमाने का प्रयास करें इकट्ठा धन मिलना आज संभव नहीं है। जोखिम वाले कार्यों में निवेश निकट भविष्य में दोगुना होकर मिल सकता है। इसके अतिरिक्त अन्य किसी भी कार्य में निवेश ना करें। सार्वजनिक क्षेत्र पर बुद्धिजीवियों से जान पहचान बनेगी लेकिन आपके अंदर अहम रहने से इनसे कोई विशेष लाभ नहीं उठा पाएंगे। धन की आमद किसी की दया दृष्टि पड़ने पर ही होगी। लेकिन व्यवहारिकता की कमी इसमें भी कुछ ना कुछ बाधा डालेगी। माता पिता अथवा जीवनसाथी से किसी बात को लेकर वैचारिक मतभेद भी उत्पन्न होंगे। बेवजह उलझने की जगह आज शांत रहने का प्रयास करें। आने वाले दिन से स्थिति में सुधार आने लगेगा। आज शरीर में दर्द अकड़न की शिकायत के चलते स्वास्थ्य में कुछ समय के लिए नरमी बनेगी।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आपको आकस्मिक लाभ के योग बन रहे हैं। लेकिन आज परिवार में किसी के असंतुष्ट रहने के चलते दिनभर मानसिक क्लेश बना रहेगा। परिवार का कोई सदस्य अनैतिक मांग को लेकर परेशान कर सकता है। आज आपकी कार्यशैली धीमी रहेगी लेकिन वचन के पक्के रहेंगे। सार्वजनिक क्षेत्र पर आपकी छवि ईमानदार एवं बुद्धिमान जैसी बनेगी। आज आप कार्य क्षेत्र पर कम समय में अधिक लाभ कमाने वाले कार्यों को करने में रुचि लेंगे। लेकिन धन अथवा सहयोग की कमी इसे पूरा होने में विलंब कराएगी। संध्या के आस-पास कोई पुराना कार्य पूर्ण होने से आर्थिक लाभ होगा निकट भविष्य के लिए भी लाभ के मार्ग खुलेंगे। बौद्धिक कार्य से जुड़े लोगों को अपने कार्य में सफलता मिलेगी। संध्या बाद फरमाइश पूरी करने पर पारिवारिक सुख उत्तम रहेगा। सेहत में थोड़ी बहुत नरमी रहने पर भी इसकी परवाह नहीं करेंगे।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन वैसे तो आपके लिए कार्य सफलता वाला है लेकिन आज किसी कारण से शंकालु प्रवृत्ति रहेगी। लाभ के अवसर भी ज्यादा सोच विचार करने के चक्कर में हाथ से निकल सकते हैं इसका ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र पर आज किसी नई योजना पर कार्य आरंभ करने का अवसर मिलेगा पुराने अनुभवों से सीख लेकर कार्य करें निकट भविष्य में वृद्धि के योग बनेंगे। आज भी धन लाभ आशाजनक तो नहीं फिर भी काम चलाऊ हो ही जाएगा। अपनी किसी गलती का गुस्सा परिजन अथवा सहकर्मियों पर उतारने पर कुछ समय के लिए माहौल गर्म होगा लेकिन अपनी सूझबूझ से स्थिति को संभाल भी लेंगे। नौकरीपेशा जातक महत्वपूर्ण कार्य के सफल होने पर प्रसन्न होंगे व्यवसायी वर्ग को आज थोड़े से समय के लिए ही भविष्य बनाने का अवसर मिलेगा सतर्क रहें अन्यथा हाथ से निकल भी सकता है। घरेलू वातावरण में भी पहले की अपेक्षा शांति अनुभव करेंगे सर्दी जुखाम की शिकायत हो सकती है।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज का दिन आपके लिए विविध उलझन से भरा रहेगा। प्रातः काल से ही मन में निराशाजनक विचार आएंगे। आर्थिक अथवा किसी अन्य विषय को लेकर किसी से किया वादा पूरा ना कर पाने का अफसोस मन में रहेगा। इसके बाद भी आप झमेलों में पड़ना पसंद नही करेंगे किसी स्वजन के दवाब डालने पर ही दोपहर के बाद मन अनैतिक कार्यों के प्रति आकर्षित होगा धन कमाने के लिए गलत मार्ग भी अपना सकते हैं। इस वजह से अपमानजनक स्थिति का भी सामना करना पड़ेगा। कार्य क्षेत्र पर संघर्ष रहेगा। धन लाभ के लिए कई युक्तियां लगाएंगे लेकिन सफलता मिलना आज मुश्किल ही है। आज विशेषकर सरकार विरोधी गतिविधियो एवं विपरीतलिंगी आकर्षण से दूर ही रहे। आज उधारी के व्यवहार करने से बचें। पारिवारिक वातावरण में भी ग़लतफ़हमियां पनपेगी। घर मे संतान को छोड़कर अन्य सुख न्यून ही रहेंगे। माता की बातों को अनदेखा ना करें अन्यथा किसी मुसीबत में फंस सकते हैं। छाती से ऊपर के अंगों में कष्ट हो सकता है विशेषकर नेत्रज्योति संबंधित परेशानी बनेगी।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज भी दिन भर कोई ना कोई शारीरिक कष्ट बना रहेगा। सेहत को लेकर पूर्व में बरती लापरवाही भी शारीरिक शीतलता का कारण बनेगी। वैसे तो परिश्रम वाले कार्यों को करने का सामर्थ्य नहीं रहेगा फिर भी परिस्थितियों को देखकर थोड़ी बहुत भागदौड़ करनी ही पड़ेगी। शारीरिक एवं आर्थिक किसी भी प्रकार का जोखिम लेने से बचें। कार्यक्षेत्र पर सामान्य व्यवसाय रहेगा थोड़े बहुत लाभ के अवसर भी मिलेंगे लेकिन प्रतिस्पर्धा अधिक रहने के चलते ले देकर काम बनाना पड़ेगा। धन की आमद कामचलाऊ होगी। किसी से किया वादा पूरा ना करने का बोझ मन पर रहेगा। सरकारी अथवा राजनीतिक लोगों से मिलने के प्रसंग बनेंगे। इनसे ज्यादा अपेक्षाएं ना रखें दूरी बनाकर ही रखें तो ज्यादा बेहतर है। लाभ लेने की जगह कुछ ना कुछ देना पड़ सकता है। किसी परिचित रिश्तेदार के सहयोग से प्रॉपर्टी आदि से लाभ हो सकता है। आज उदर से निचले हैं अंगों में निष्क्रियता अनुभव करेंगे।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज का दिन वैसे तो आपके अनुकूल ही रहेगा लेकिन जल्दबाजी में अथवा किसी से प्रतिस्पर्धा के चलते स्वयं को श्रेष्ठ दिखाने की होड़ में हास्य के पात्र तो बनेंगे ही थोड़ी बहुत हानि भी करवाएंगे। आज आप घरेलू संबंधित मामलों में अथवा व्यवसाय में जो भी रणनीति बनाएंगे उसमें आरंभ में किसी न किसी के विरोध का सामना करना पड़ेगा। विशेषकर आज ननिहाल पक्ष से अपनी बात मनवा पाएंगे। लेकिन इनकी कहीं बातों को अनदेखा करें। परिवार में कोई पैतृक अथवा अन्य प्रॉपर्टी बेचने का विचार बनेगा। लेकिन किसी सदस्य की सहमति ना मिलने पर लटक भी सकता है। मध्यान्ह के आसपास कार्य क्षेत्र पर चोरी अथवा अन्य कारणों से नुकसान होने का भय है। सतर्क रहकर कार्य करें सरकारी उलझन में फसलें की संभावना है। आंख बंद कर किसी पर भरोसा ना करें। पेट को ठंडा रखने के उपाय करें अन्यथा समस्या होगी।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन आपको मिला जुला फल प्रदान करेगा। दिन के आरंभ में कोई छोटी बड़ी हानि की संभावना बनेगी। किसी महत्वपूर्ण विषय में जानकर भी अनजान बनने पर किसी प्रियजन से बहस भी हो सकती है। कार्यक्षेत्र पर आज आपकी आंखों के सामने से लाभ के सौदे निकल जाएंगे लेकिन कुछ कर नहीं पाने का दुख होगा। कुछ दिनों से अटके आर्थिक मामले अपनी व्यवहारिकता के बल पर बना लेंगे। अति महत्वपूर्ण कार्य संध्या से पहले पूर्ण करने का प्रयास करें इसके बाद परिस्थितियां हानिकारक बनने वाली है। घरेलू सुख सुविधाएं आज भी ठीक-ठाक ही रहेंगी लेकिन इन में वृद्धि नहीं कर पाएंगे। घर में शांति बनी रहेगी परिजनों के साथ भावनात्मक संबंध बने रहेंगे। संध्या के समय परेशान करने वाली खबर मिल सकती है। सेहत में थोड़ी बहुत नरमी रहने के बाद भी काम चलता रहेगा।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज के दिन आपके व्यक्तित्व में विकास होगा। समाज के वरिष्ठ व्यक्तियों से नए अनुभव सीखने को मिलेंगे। स्वभाव में थोड़ा सी अकड जरूर रहेगी जिसके चलते हर किसी से तालमेल नहीं बना पाएंगे। आज आध्यात्म अथवा शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े जातक एवं संतानों की प्रगति में अवरोध आएंगे हतोत्साहित ना हो परिश्रम में लगे रहे शीघ्र ही शुभ फल भी देखने को मिलेंगे। कार्य व्यवसाय का भी यही हाल रहेगा किसी बड़ी योजना के आरंभ में लोगों का गलत मार्गदर्शन मिलने से दिशा भ्रम की स्थिति बनेगी। यहां परिजनों की सलाह अवश्य काम आएगी। मध्यान्ह बाद कुछेक कार्यों के बनने से धन की आमद होगी। आज लॉटरी सट्टे अथवा अन्य जोखिम वाले कार्य में निवेश निकट भविष्य के लिए लाभदायक हो सकता है। अन्य कार्यों में भी निवेश कर सकते हैं। लेकिन लाभ कि तुरंत आशा न रखें किसी परिजन कि उद्दंडत आदत के चलते कुछ समय के लिए माहौल गर्म होगा सुख भी मिलेगा। हड्डियों संबंधित समस्या अथवा गिरने से चोट आदि का भय।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज के दिन आपको घर एवं कार्यक्षेत्र पर प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। दिन के आरंभिक भाग में सेहत में भी थोड़ी बहुत नरमी रहेगी जिसके चलते दैनिक कार्य में विलंब होगा। आज घर एवं कार्यक्षेत्र पर वाणी का सोच-समझकर प्रयोग करें लापरवाही में बोली गई बातें सामने वाले कि कष्ट पहुचायेगी जिससे किसी भी कार्य मे अड़चन आ सकती है। आज विद्या, माता संबंधी, पशुपालन, कृषि कर्म, संपत्ति निर्माण संबंधित कोई भी नया कार्य आरंभ ना करें अन्यथा धन हानि के साथ मानसिक क्लेश का कारण भी बनेगा। कार्यक्षेत्र से धन की आमद खर्च की तुलना में बहुत धीमी रहेगी व्यापार-व्यवसाय से जितना पैसा कमाएंगे तुरंत ही अन्य कार्यों में खर्च हो जाएगा। परिवार में छोटी मोटी खींचतान बनी रहेगी। घर के सदस्य स्वयं को एक दूसरे की तुलना में बेहतर दिखाने का प्रयास करेंगे। गले संबंधित व्याधि परेशान कर सकती है।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज का दिन भी आपको किसी न किसी रूप में आर्थिक लाभ कराएगा। लेकिन आज इसके लिए बेवजह की सरदर्दी भी मौज लेनी पड़ेगी। सेहत रहेगी स्वभाव में भी तेजी रहेगी लेकिन कार्य करने की शैली धीमी रहने के कारण किसी आवश्यक कार्य में विलंब होगा इस वजह से इसके पूर्ण होने में भी संदेह रहेगा। आज कोई पुराना कार्य जिससे आप लाभ की संभावना लगाए हुए थे उसके अक्समात बिगड़ने से मन निराश होगा। लेकिन तुरंत ही कोई अन्य कार्य अथवा सौदा मिलने से राहत भी मिलेगी आज विनम्रता से धन लाभ प्राप्त किया जा सकता है इसका ध्यान रखें। परिवार में कुछ समय के लिए अशांति का वातावरण बनेगा परिजनों की धैर्य हीनता के कारण आपस में टकराव की स्थिति बनेगी। सर्द गर्म, मूत्राशय में विकार एवं गला बैठने से परेशानी हो सकती है। आकस्मिक यात्रा लाभदायक रहेगी।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज का दिन आपके लिए सामान्य फलदायक रहेगा। दिन के आरंभ से ही सोची गई योजनाओं में विपरीत प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी। आज बौद्धिक कार्य संबंधित रोजगार से जुड़े जातकों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। लेकिन यहां अति आत्मविश्वास से बचें अन्यथा सम्मान मिलने की जगह अपमानित भी होना पड़ेगा। सहज होकर कार्य करें तो सम्मान के साथ धन लाभ होगा। अन्य क्षेत्र से जुड़े जातक विशेषकर सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को आज पूर्व में बरती लापरवाही अथवा गलत आचरण के चलते प्रतिष्ठा में हानी उठानी पड़ेगी। कृषि कर्म से जुड़े जातकों को भी अक्समात धन लाभ होने की संभावना है। अन्य लोगों के लिए दिन सामान्य से कम ही फल देगा। घर परिवार का वातावरण झूठे दिलासे देने तक की सामान्य रहेगा। आज शरीर में एलर्जी के कारण परेशानी हो सकती है।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आपके स्वभाव एवं व्यवहार में काफी परिवर्तन देखने को मिलेगा। कुछ समय के लिए परिजनों को भी आश्चर्यचकित करेंगे। आज आप निजी स्वार्थों को छोड़ अन्य लोगों का सहयोग एवं अन्य परोपकार के कार्यों में तत्पर रहेंगे। आप के विरोध में बोलने वाले लोग भी आज आपके किसी विशिष्ट कार्य की प्रशंसा करेंगे। कार्य क्षेत्र एवं सामाजिक क्षेत्र में भी अपने व्यवहार के बल पर विशिष्ट लोगों से संपर्क बनाएंगे। लेकिन रोजगार के मामले में आज अन्य सहकर्मियों की तुलना में पीछे ही रहेंगे। जिस भी कार्य को करेंगे उसमें कोई ना कोई झंझट पड़ेगा। जिसके चलते धन की आमद होते-होते आगे के लिए टलेगी। जितना धन लाभ होगा वह खर्चों को देखते हुए कम ही रहेगा। दांपत्य एवं पारिवारिक जीवन में सुखद अनुभव होंगे मूत्राशय अथवा अन्य गुप्त रोग हो सकते हैं।

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