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जन्माष्टमी व्रत की महिमा एवं विधि

img 7730 1जन्माष्टमी के व्रत की महिमा व विधि

भगवान श्रीकृष्ण युधिष्ठिरजी को कहते हैं : “२० करोड़ एकादशी व्रतों के समान अकेला श्रीकृष्ण जन्माष्टमी व्रत हैं |”

धर्मराज सावित्री से कहते हैं : “ भारतवर्ष में रहनेवाला जो प्राणी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है वह १०० जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है |”

चार रात्रियाँ विशेष पुण्य प्रदान करनेवाली हैं

१ )दिवाली की रात

२) महाशिवरात्रि की रात

३) होली की रात और

४) कृष्ण जन्माष्टमी की रात इन विशेष रात्रियों का जप, तप , जागरण बहुत बहुत पुण्य प्रदायक है |

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात्रि को मोहरात्रि कहा जाता है। इस रात में योगेश्वर श्रीकृष्ण का ध्यान,नाम अथवा मन्त्र जपते हुए जागने से संसार की मोह-माया से मुक्ति मिलती है। जन्माष्टमी का व्रत व्रतराज है। इस व्रत का पालन करना चाहिए।

(शिवपुराण, कोटिरूद्र संहिता अ. 37)

जन्माष्टमी व्रत-उपवास की महिमा

जन्माष्टमी का व्रत रखना चाहिए, बड़ा लाभ होता है ।इससे सात जन्मों के पाप-ताप मिटते हैं ।
जन्माष्टमी एक तो उत्सव है, दूसरा महान पर्व है, तीसरा महान व्रत-उपवास और पावन दिन भी है।
वायु पुराण’ में और कई ग्रंथों में जन्माष्टमी के दिन की महिमा लिखी है। ‘जो जन्माष्टमी की रात्रि को उत्सव के पहले अन्न खाता है, भोजन कर लेता है वह नराधम है’ – ऐसा भी लिखा है, और जो उपवास करता है, जप-ध्यान करके उत्सव मना के फिर खाता है, वह अपने कुल की 21 पीढ़ियाँ तार लेता है और वह मनुष्य परमात्मा को साकार रूप में अथवा निराकार तत्त्व में पाने में सक्षमता की तरफ बहुत आगे बढ़ जाता है । इसका मतलब यह नहीं कि व्रत की महिमा सुनकर मधुमेह वाले या कमजोर लोग भी पूरा व्रत रखें ।
बालक, अति कमजोर तथा बूढ़े लोग अनुकूलता के अनुसार थोड़ा फल आदि खायें ।
जन्माष्टमी के दिन किया हुआ जप अनंत गुना फल देता है ।
उसमें भी जन्माष्टमी की पूरी रात जागरण करके जप-ध्यान का विशेष महत्त्व है। जिसको क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का और अपने गुरु मंत्र का थोड़ा जप करने को भी मिल जाय, उसके त्रिताप नष्ट होने में देर नहीं लगती ।
भविष्य पुराण’ के अनुसार जन्माष्टमी का व्रत संसार में सुख-शांति और प्राणीवर्ग को रोगरहित जीवन देनेवाला, अकाल मृत्यु को टालनेवाला, गर्भपात के कष्टों से बचानेवाला तथा दुर्भाग्य और कलह को दूर भगानेवाला होता है।

श्रीकृष्ण-जन्माष्टमीव्रत की कथा एवं विधि

भविष्यपुराण उत्तरपर्व अध्याय – २४
राजा युधिष्ठिर ने कहा – अच्युत ! आप विस्तार से (अपने जन्म-दिन) जन्माष्टमी व्रत का विधान बतलाने की कृपा करें |
भगवान् श्रीकृष्ण बोले – राजन ! जब मथुरा में कंस मारा गया, उस समय माता देवकी मुझे अपनी गोद में लेकर रोने लगीं | पिता वसुदेवजी भी मुझे तथा बलदेवजी आलिंगन कर गद्गदवाणी से कहने लगे – ‘आज मेरा जन्म सफल हुआ, जो मैं अपने दोनों पुत्रों को कुशल से देख रहा हूँ | सौभाग्य से आज हम सभी एकत्र मिल रहे हैं |’ हमारे माता-पिता को अति हर्षित देखकर बहुत से लोग वहाँ एकत्र हुए और मुझसे कहने लगे – ‘भगवन ! आपने बहुत बड़ा काम किया, जो इस दुष्ट कंसको मारा | हम सभी इससे बहुत पीड़ित थे | आप कृपाकर यह बतलाये कि आप माता देवकी के गर्भ से कब आविर्भूत हुए थे ? हम सब उस दिन महोत्सव मनाया करेंगे | आपको बार-बार नमस्कार है, हम सब आपकी शरण में हैं | आप हम पर प्रसन्न होइये | उस समय पिता वसुदेवजी ने भी मुझसे कहा था कि अपना जन्मदिन इन्हें बता दो |’
तब मैंने मथुरानिवासी जनों को जन्माष्टमी व्रत का रहस्य बतलाया और कहा – ‘पुरवासियों ! आपलोग मेरे जन्म दिन को विश्व में जन्माष्टमी के नाम से प्रसारित करें | प्रत्येक धार्मिक व्यक्ति को जन्माष्टमी का व्रत अवश्य करना चाहिये | जिस समय सिंह राशि पर सूर्य और वृषराशिपर चन्द्रमा था, उस भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अर्धरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में मेरा जन्म हुआ | वसुदेवजी के द्वारा माता देवकी के गर्भ से मैंने जन्म लिया | यह दिन संसार में जन्माष्टमी नाम से विख्यात होगा | प्रथम यह व्रत मथुरा में प्रसिद्ध हुआ और बाद में सभी लोकों में इसकी प्रसिद्धी हो गयी | इस व्रत के करने से संसार में शान्ति होगी, सुख प्राप्त होगा और प्राणिवर्ग रोगरहित होगा |’
महाराज युधिष्ठिर ने कहा – भगवन ! अब आप इस व्रत का विधान बतलाये, जिसके करने से आप प्रसन्न होते हैं |
भगवान श्रीकृष्ण बोले – महाराज ! इस एक ही व्रत के कर लेने से सात जन्म के पाप नष्ट हो जाते हैं | व्रत के पहले दिन दंतधावन आदि करके व्रत का नियम ग्रहण करें | व्रत के दिन मध्यान्ह में स्नान कर माता भगवती देवकी का एक सूतिका गृह बनाये | उसे पद्मरागमणि और वनमाला आदिसे सुशोभित करें | गोकुल की भांति गोप, गोपी, घंटा, मृदंग, शंख और मांगल्य-कलश आदिसे समन्वित तथा अलंकृत सुतिका-गृह के द्वारपर रक्षा के लिए खणग, कृष्ण छाग, मुशल आदि रखे | दीवालों पर स्वस्तिक आदि मांगलिक चिन्ह बना दें | षष्ठीदेवी की भी नैवेद्य आदि के साथ स्थापना करें | इस प्रकार यथाशक्ति उस सूतिकागृह को विभूषितकर बीच में पर्यंक के ऊपर मुझसहित अर्धसुप्तावस्थावाली, तपस्विनी माता देवकी की प्रतिमा स्थापित करें | प्रतिमाएँ आठ प्रकार की होती हैं –स्वर्ण, चाँदी, ताम्र, पीतल, मृत्तिका, काष्ठ की मणिमयी तथा चित्रमयी | इनमे से किसी भी वस्तुकी सर्वलक्षणसम्पन्न प्रतिमा बनाकर स्थापित करें | माता देवकी का स्तनपान करती हुई बालस्वरूप मेरी प्रतिमा उनके समीप पलंग के ऊपर स्थापित करें | एक कन्या के साथ माता यशोदा की प्रतिमा भी वहां स्थापित की जाय | सूतिका-मंडप के ऊपर की भित्त्तियों में देवता, ग्रह, नाग तथा विद्याधर आदि की मूर्तियाँ हाथोसे पुष्प-वर्षा करते हुए बनाये | वसुदेवजी को सूतिकागृह के बाहर खणग और ढाल धारण किये चित्रित करना चाहिये | वसुदेवजी महर्षि कश्यप के अवतार हैं और देवकी माता अदितिकी | बलदेवजी शेषनाग के अवतार हैं, नन्दबाबा दक्षप्रजापति के, यशोदा दिति की और गर्गमुनि ब्रह्माजी के अवतार हैं | कंस कालनेमिका अवतार है | कंस के पहरेदारों को सूतिकागृह के आस-पास निद्रावस्था में चित्रित करना चाहिये | गौ, हाथी आदि तथा नाचती-गाती हुई अप्सराओं और गन्धर्वो की प्रतिमा भी बनाये | एक ओर कालिया नाग को यमुना के ह्रदय में स्थापित करें |
इसप्रकार अत्यंत रमणीय नवसुतिका-गृह में देवी देवकी की स्थापनकर भक्ति से गंध, पुष्प, अक्षत, धूप, नारियल, दाडिम, ककड़ी, बीजपुर, सुपारी, नारंगी तथा पनस आदि जो फल उस देशमें उससमय प्राप्त हों, उन सबसे पूजनकर माता देवकी की इसप्रकार प्रार्थना करे –
गायभ्दि: किन्नराध्यै: सततपरिवृता वेणुवीणानीनादै भृंगारादर्शकुम्भप्रमरकृतकरै: सेव्यमाना मुनीन्द्रै: |
पर्यन्गे स्वास्तृते या मुदित्ततरमना: पुत्रिणी सम्यगास्ते सा देवी देवमाता जयति सुवदना देवकी कान्तरूपा ||
जिनके चारों ओर किन्नर आदि अपने हाथों में वेणु तथा वीणा-वाद्यों के द्वारा स्तुति-गान कर रहे हैं और जो अभिषेक-पात्र, आदर्श, मंगलमय कलश तथा चँवर हाथों में लिए श्रेष्ठ मुनिगणोंद्वारा सेवित हैं तथा जो कृष्ण-जननी भलीभांति बिछे हुए पलंगपर विराजमान हैं, उन कमनीय स्वरुपवाली सुवदना देवमाता अदिति-स्वरूपा देवी देवकी की जय हो |’
उससमय यह ध्यान करें कि कमलासना लक्ष्मी देवकी के चरण दबा रही हो | उन देवी लक्ष्मी की – ‘नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नम: |’ इस मन्त्र से पूजा करे | इसके बाद ‘ॐ देवक्यै नम:, ॐ वासुदेवाय नम:, ॐ बलभद्राय नम:, ॐ श्रीकृष्णाय नम:, ॐ सुभद्रायै नम:, ॐ नन्दाय नम: तथा ॐ यशोदायै नम:’ – इन नाम-मन्त्रों से सबका अलग-अलग पूजन करें |
कुछ लोग चन्द्रमा के उदय हो जानेपर चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान कर हरि का ध्यान करते हैं, उन्हें निम्नलिखित मन्त्रों से हरि का ध्यान करना चाहिये –
अनघं वामनं शौरि वैकुण्ठ पुरुषोत्तमम |
वासुदेवं हृषीकेशं माधवं मधुसूदनम ||
वाराहं पुण्डरीकाक्षं नृसिंहं ब्राह्मणप्रियम |
दामोदरं पद्यनाभं केशवं गरुड़ध्वजम |
गोविन्दमच्युतं कृष्णमनन्तमपराजितम |
अघोक्षजं जगद्विजं सर्गस्थित्यन्तकारणम |
अनादिनिधनं विष्णुं त्रैलोक्येश त्रिविक्रमम |
नारायण चतुर्बाहुं शंखचक्रगदाधरम |
पीताम्बरधरं नित्यं वनमालाविभूषितम |
श्रीवत्सांग जगत्सेतुं श्रीधरं श्रीपति हरिम || (उत्तरपर्व ५५/४६ – ५०)
इन मन्त्रों से भगवान् श्रीहरि का ध्यान करके ‘योगेश्वराय योगसम्भवाय योगपतये गोविन्दाय नमो नम:’ – इस मन्त्र से प्रतिमा को स्नान कराना चाहिये | अनन्तर ‘यज्ञेश्वराय यज्ञसम्भवाय यज्ञपतये गोविन्दाय नमो नम:’ – इस मंत्रसे अनुलोपन, अर्घ्य, धूप, दीप आदि अर्पण करें | तदनंतर ‘विश्वाय विश्वेश्वराय विश्वसम्भवाय विश्वपतये गोविन्दाय नमो नम: |’ इस मन्त्र से नैवेद्य निवेदित करें | दीप अर्पण करने का मन्त्र इसप्रकार हैं – धम्रेश्वराय धर्मपतये धर्मसम्भवाय गोविन्दाय नमो नम: |’
इसप्रकार वेदी के ऊपर रोहिणी-सहित चन्द्रमा, वसुदेव, देवकी, नन्द, यशोदा और बलदेवजी का पूजन करें , इससे सभी पापों से मुक्ति हो जाती हैं | चंद्रोदय के समय इस मन्त्र से चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान करें –
क्षीरोदार्नवसम्भूत अत्रिनेत्रसमुद्भव |
गृहनार्घ्य शशाकेंदों रोहिण्या सहितो मम || (उत्तरपर्व ५५/५४)
आधी रात को गुड और घी से वसोर्धारा की आहुति देकर षष्ठीदेवी की पूजा करे | उसी क्षण नामकरण आदि संस्कार भी करने चाहिये | नवमी के दिन प्रात:काल मेरे ही समान भगवती का भी उत्सव करना चाहिये | इसके अनन्तर ब्राह्मणों को भोजन कराकर ‘कृष्णो में प्रीयताम’ कहकर यथाशक्ति दक्षिणा देनी चाहिये |
धर्मनंदन ! इसप्रकार जो मेरा भक्त पुरुष अथवा नारी देवी देवकी के इस महोत्सव को प्रतिवर्ष करता हैं, वह पुत्र, सन्तान, आरोग्य, धन-धान्य, सदगृह, दीर्घ आयुष्य और राज्य तथा सभी मनोरथों को प्राप्त करता हैं | जिस देशमें यह उत्सव किया जाता है, वहाँ जन्म-मरण, आवागमन की व्याधि, अवृष्टि तथा ईति-भीती आदि का कभी भय नहीं रहता | मेघ समयपर वर्षा करते हैं | पांडूपुत्र ! जिस घर में यह देवकी-व्रत किया जाता हैं, वहाँ अकालमृत्यु नहीं होती और न गर्भपात होता हैं तथा वैधव्य, दौर्भाग्य एवं कलह नहीं होता | जो एक बार भी इस व्रत को करता हैं, वह विष्णुलोक को प्राप्त होता है | इस व्रत के करनेवाले संसार के सभी सुखों को भोगकर अंत में विष्णुलोक में निवास करते हैं |
इति श्री भविष्यपुराण का उत्तरपर्व का चौवीसवाँ अध्याय समाप्त हुआ

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जन्माष्टमी के अचूक उपाय

50bdff78 d5a8 48e9 aa79 c984001e84b4 2 1जन्माष्टमी के उपाय

ज्योतिष के अनुसार, अगर इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय किए जाएं तो माता लक्ष्मी भी प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। ये उपाय करने से मनोकामना की पूर्ति व धन प्राप्ति के योग भी बन सकते हैं।
ये हैं जन्माष्टमी के अचूक 12 उपाय, 1 भी करेंगे तो होगा फायदा
1. आमदनी नहीं बढ़ रही है या नौकरी में प्रमोशन नहीं हो रहा है तो जन्माष्टमी पर 7 कन्याओं को घर बुलाकर खीर या सफेद मिठाई खिलाएं। इसके बाद लगातार पांच शुक्रवार तक सात कन्याओं को खीर या सफेद मिठाई बांटें।
2. जन्माष्टमी से शुरु कर 27 दिन लगातार नारियल व बादाम किसी कृष्ण मंदिर में चढ़ाने से सभी इच्छाएं पूरी हो सकती है।
3. यदि पैसे की समस्या चल रही हो तो जन्माष्टमी पर सुबह स्नान आदि करने के बाद राधाकृष्ण मंदिर जाकर दर्शन करें व पीले फूलों की माला अर्पित करें। इससे आपकी परेशानी कम हो सकती है।
4. सुख-समृद्धि पाने के लिए जन्माष्टमी पर पीले चंदन या केसर से गुलाब जल मिलाकर माथे पर टीका अथवा बिंदी लगाएं। ऐसा रोज करें। इस उपाय से मन को शांति प्राप्ति होगी और जीवन में सुख-समृद्धि आने के योग बनेंगे।
5. लक्ष्मी कृपा पाने के लिए जन्माष्टमी पर कहीं केले के पौधे लगा दें। बाद में उनकी नियमित देखभाल करते रहे। जब पौधे फल देने लगे तो इसका दान करें, स्वयं न खाएं।
6. जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को पान का पत्ता भेंट करें और उसके बाद इस पत्ते पर रोली (कुमकुम) से श्री यंत्र लिखकर तिजोरी में रख लें। इस उपाय से धन वृद्धि के योग बन सकते हैं।
7. जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण को सफेद मिठाई या खीर का भोग लगाएं।इसमें तुलसी के पत्ते अवश्य डालें। इससे भगवान श्रीकृष्ण जल्दी ही प्रसन्न हो जाते हैं
8. जन्माष्टमी पर दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक करें। इस उपाय से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं। ये उपाय करने वाले की हर इच्छा पूरी हो सकती है।
9. कृष्ण मंदिर जाकर तुलसी की माला से नीचे लिखे मंत्र की 11 माला जप करें। इस उपाय से आपकी हर समस्या का समाधान हो सकताहै।
मंत्र- क्लीं कृष्णाय वासुदेवाय हरि:परमात्मने
प्रणत:क्लेशनाशाय गोविंदय नमो नम:
10. भगवान श्रीकृष्ण को पीतांबर धारी भी कहते हैं, जिसका अर्थ है पीले रंग के कपड़े पहनने वाला। जन्माष्टमी पर पीले रंग के कपड़े, पीले फल व पीला अनाज दान करने से भगवान श्रीकृष्ण व माता लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं
11. जन्माष्टमी की रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करें तो जीवन में सुख-समृद्धि आने के योग बनाते हैं।
12. जन्माष्टमी को शाम के समय तुलसी को गाय के घी का दीपक लगाएं और ॐ वासुदेवाय नम: मंत्र बोलते हुए तुलसी की 11 परिक्रमा करें।

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Horoscope Today August 26, 2024 : Aaj ka Rashifal August 26, 2024

Horoscope Today: Astrological prediction for 26 August 2024

वैदिक पंचांग 

दिनांक -26 अगस्त 2024

दिन – सोमवार

विक्रम संवत – 2081 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2080)

शक संवत -1946

अयन – दक्षिणायन

ऋतु – शरद ॠतु

मास – भाद्रपद (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)

पक्ष – कृष्ण

तिथि  अष्टमी 27 अगस्त रात्रि 02:19 तक तत्पश्चात नवमी

नक्षत्र  कृत्तिका शाम 03:55 तक तत्पश्चात रोहिणी

योग  व्याघात रात्रि 10:17 तक तत्पश्चात हर्षण

राहुकाल – सुबह 07:56 से सुबह 09:30 तक

सूर्योदय -06:21

सूर्यास्त- 18:58

दिशाशूल – पूर्व दिशा मे

व्रत पर्व विवरण – श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष 

दिनांक 22 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 4 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति जिद्दी, कुशाग्र बुद्धि वाले, साहसी होते हैं। ऐसे व्यक्ति को जीवन में अनेक परिवर्तनों का सामना करना पड़ता है। जैसे तेज स्पीड से आती गाड़ी को अचानक ब्रेक लग जाए ऐसा उनका भाग्य होगा। लेकिन यह भी निश्चित है कि इस अंक वाले अधिकांश लोग कुलदीपक होते हैं। आपका जीवन संघर्षशील होता है। इनमें अभिमान भी होता है। ये लोग दिल के कोमल होते हैं किन्तु बाहर से कठोर दिखाई पड़ते हैं। इनकी नेतृत्व क्षमता के लोग कायल होते हैं।

शुभ दिनांक : 4, 8, 13, 22, 26, 1

शुभ अंक : 4, 8,18, 22, 45, 57

शुभ वर्ष : 2031, 2040, 2060

ईष्टदेव : श्री गणेश, श्री हनुमान,

शुभ रंग : नीला, काला, भूरा

जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :

यह वर्ष पिछले वर्ष के दुष्प्रभावों को दूर करने में सक्षम है। आपको सजग रहकर कार्य करना होगा। परिवारिक मामलों में सहयोग के द्वारा सफलता मिलेगी। मान-सम्मान में वृद्धि होगी, वहीं मित्र वर्ग का सहयोग मिलेगा। नवीन व्यापार की योजना प्रभावी होने तक गुप्त ही रखें। शत्रु पक्ष पर प्रभावपूर्ण सफलता मिलेगी। नौकरीपेशा प्रयास करें तो उन्नति के चांस भी है। विवाह के मामलों में आश्चर्यजनक परिणाम आ सकते हैं।

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope) 

आज का दिन आपके लिए सेहत के लिहाज से कमजोर रहने वाला है। यदि किसी बात को लेकर तनाव चल रहा है, तो आपको उससे दूर रहने की आवश्यकता है। आपकी आर्थिक स्थिति कमजोर रहेगी। आप किसी से कोई बात बोले, तो बहुत ही सोच समझकर बोले। प्रेम जीवन जी रहे लोग अपने रिश्ते को लेकर कुछ समस्या महसूस करेंगे। आपको अपने भाई बहनों का कामों में साथ लेना पड़ सकता है। रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को कोई बेहतर अवसर हाथ लगेगा।

वृषभ दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए नुकसानदायक रहने वाला है। आप बेफिजूल के खर्चे में लगे रहेंगे, जिसके बाद में आपको धन की कमी का सामना करना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में भी आपके किसी लिए गए फैसले से आपको पछतावा होगा। आप किसी को धन उधार देने से बचें। किसी काम को लेकर यदि आपने जल्दबाजी दिखाई, तो उसमें आपसे गड़बड़ी हो सकती है। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। आपकी मनमानी आपके कामों पर भारी पड़ेगी।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। आप किसी काम को पूरा करने के लिए अपने पिताजी से सलाह मशवरा करेंगे। संतान की संगति की ओर आपको विशेष ध्यान देना होगा। आप अपने व्यवसाय में कुछ बदलाव की योजना बना सकते हैं। आपकी किसी नए काम के प्रति रुचि जागृत हो सकती है। सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोग किसी काम को लेकर बाहर जा सकते हैं। आपको किसी मांगलिक आयोजन में सम्मिलित होने का मौका मिलेगा।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope) 

आज का दिन आपके लिए सोच समझकर कामों को करने के लिए रहेगा। व्यवसाय में आप किसी दूसरे पर आश्रित ना रहें और अपनी बुद्धि व विवेक से काम ले। माताजी को कोई आंखों से संबंधित समस्या हो सकती है। आपको अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियां में ढील देने से बचना होगा। आप यदि कहीं घूमने फिरने जाएं, तो अपने कीमती सामानों की सुरक्षा अवश्य करें। आपकी तरक्की की राह में आ रही बाधाएं दूर होगी। आपका कोई रुका हुआ काम बन सकता है। आपको अपने आलस्य को त्यागकर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए अच्छा रहने वाला है। आपके धार्मिक कार्यों के प्रति रुचि बढ़ेगी। आपको किसी बेवजह के काम में पड़ने से बचना होगा। कार्यक्षेत्र में आपको कोई पुरस्कार मिल सकता है। आपको यदि किसी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करने का मौका मिले, तो अवश्य करें। आपको अपने किसी मित्र की याद सता सकती है। आपकी पुरानी गलती से पर्दा उठ सकता है, जिसके लिए आपको माफी मांगनी पड़ सकती है। जीवनसाथी से किसी बात को लेकर खटपट रहेगी।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए खर्च से भरा रहने वाला है। आपके सामने कुछ काम ऐसे होंगे, जो आपको मजबूरी में ना चाहते हुए भी करने पड़ेंगे। संतान के मनवाने व्यवहार के कारण आप परेशान रहेंगे। कार्यक्षेत्र में आपके अनुभवों का आपको पूरा लाभ मिलेगा। आप अपने व्यवसाय को विदेशों तक फैलाने की कोशिश में लगे रहेंगे, जिसके लिए आप कुछ नए लोगों से कांटेक्ट करेंगे। आप अपनी वाणी की सौम्यता बनाए रखें, नहीं तो कोई विवाद विवाद होने की संभावना है। आप किसी काम को लेकर चिंतित न हो।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए मान सम्मान में वृद्धि लेकर आने वाला है। आप ऊर्जा से भरपूर रहेंगे, लेकिन आपको अपनी ऊर्जा को सही कामों में लगाना होगा। यदि आपको किसी काम को लेकर कोई चिंता सता रही थी, तो वह भी दूर होगी, लेकिन शेयर मार्केट से जुड़े लोग कोई जोखिम उठाने से बचें। नौकरी में कार्यरत लोगों के ऊपर काम का दबाव अधिक रहेगा, लेकिन फिर भी वह अपने कामों को समय से पूरा करके देंगे। अविवाहित जातकों के लिए आज कोई बेहतर रिश्ता सकता है।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है। आपको अपनी सेहत के प्रति सचेत रहना होगा। दूसरों की भावनाओं का सम्मान करें। बिजनेस कर रहे लोगों को अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। आप किसी निवेश संबंधी योजना के बारे में भी सोचें। आपको अपने खान-पान पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है। यदि कहीं घूमने फिरने जाएं, तो उसमे कोई लापरवाही ना करें। प्रेम जीवन जी रहे लोग अपने साथी के लिए कोई गिफ्ट लेकर आ सकते हैं।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए भाग्य के दृष्टिकोण से अच्छा रहने वाला है। आपके प्रभाव और प्रताप में वृद्धि होगी। आप अपने कामों में कोई ढील दी, तो आप समस्या में आ सकते हैं। आपको अपने पिताजी की कोई बात बुरी लग सकती है। घूमने फिरने के दौरान आपको कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी। राजनीति में कार्यरत लोग अपने कामों से एक अच्छा मुकाम हासिल करेंगे। आप किसी काम को पूरे उत्साह से करेंगे, तो आपके विरोधी भी आपसे दूर रहेंगे।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए व्यस्तता भरा रहने वाला है। आप अपने लंबे समय से रुके हुए कामों को पूरा करने के लिए व्यस्त रहेंगे। प्रेम जीवन जी रहे लोगों को अपने साथी के साथ घूमने फिरने के लिए समय निकालना होगा, नहीं तो दोनों के बीच मनमुटाव की स्थिति बन सकती है। आपकी संतान के भविष्य को लेकर आपको प्लानिंग कर सकते हैं। सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे लोगों को किसी परीक्षा को देना पड़ सकता है। निर्णय लेने की क्षमता का आपको लाभ मिलेगा। कारोबार में कोई परिवर्तन करना आपके लिए बेहतर रहेगा। आपको किसी पैतृक संपत्ति की प्राप्ति हो सकती है।

कुंभ दैनिक राशिफल (Aquarius Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए उन्नति दिलाने वाला रहेगा। पारिवारिक बिजनेस में कोई बंटवारे को लेकर बातचीत हो सकती है, जो आपको परेशानी दगी। माता-पिता के आशीर्वाद से आप किसी नए काम में हाथ आजमा सकते हैं। संतान को कोई पुरस्कार मिलने से उनका नाम रोशन होगा। जीवनसाथी का सहयोग व सानिध्य आपको भरपूर मात्रा में मिलेगा। परिवार के सदस्य आपके कामों में पूरा साथ देंगे। आप किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जाने की प्लानिंग कर सकते हैं।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope) 

आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। ससुराल पक्ष से आपको धन लाभ मिलता दिख रहा है। नौकरी में कार्यरत लोगों को प्रमोशन मिलने के कारण उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ सकता है। आपके पिताजी को यदि कोई शारीरिक कष्ट लंबे समय से परेशान कर रहा था, तो उसमें उन्हे राहत मिलेगी। आप परोपकार के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे। सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों के कामों में वृद्धि होगी, जिससे उन्हें घबराने की आवश्यकता नहीं है

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