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Horoscope Today: Astrological prediction for September 06, 2023

Horoscope Today: September 06 2023॥Aaj Ka Rashifal 06 September 2023

आप सभी कृष्ण भक्तों को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ ,

जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सुने श्री विष्णु सहस्त्रानाम

वैदिक पंचांग

दिनांक – 06 सितम्बर 2023

दिन – बुधवार

विक्रम संवत – 2080 (गुजरात – 2079)

शक संवत -1945

अयनदक्षिणायन

ऋतु – शरद ॠतु

मास – भाद्रपद (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार श्रावण)

पक्ष – कृष्ण

तिथि – सप्तमी शाम 03:36 तक तत्पश्चात अष्टमी

नक्षत्रकृत्तिका सुबह 09:20 तक तत्पश्चात रोहिणी

योग – हर्षण रात्रि 10:26 तक तत्पश्चात वज्र

राहुकाल – दोपहर 12:37 से दोपहर 02:10 तक

सूर्योदय-06:24

सूर्यास्त- 18:49

दिशाशूल– उत्तर दिशा में

व्रत पर्व विवरण – शीतला सप्तमी,श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (स्मार्त),बुधवारी अष्टमी (दोपहर 03:37 से 07 सितम्बर सूर्योदय तक)

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष

दिनांक 6 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 6 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति आकर्षक, विनोदी, कलाप्रेमी होते हैं। आपमें गजब का आत्मविश्वास है। इसी आत्मविश्वास के कारण आप किसी भी परिस्थिति में डगमगाते नहीं है। आपको सुगंध का शौक होगा।

आप अपनी महत्वाकांक्षा के प्रति गंभीर होते हैं। 6 मूलांक शुक्र ग्रह द्वारा संचालित होता है। अत: शुक्र से प्रभावित बुराई भी आपमें पाई जा सकती है। जैसे स्त्री जाति के प्रति आपमें सहज झुकाव होगा। अगर आप स्त्री हैं तो पुरुषों के प्रति आपकी दिलचस्पी होगी। लेकिन आप दिल के बुरे नहीं है।

शुभ दिनांक : 6, 15, 24

शुभ अंक : 6, 15, 24, 33, 42, 51, 69, 78

शुभ वर्ष : 2021, 2026

ईष्टदेव : मां सरस्वती, महालक्ष्मी

शुभ रंग : क्रीम, सफेद, लाल, बैंगनी

कैसा रहेगा यह वर्ष

जो विद्यार्थी सीए की परीक्षा देंगे उनके लिए शुभ रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में भी सफलता रहेगी। विवाह के योग भी बनेंगे। स्त्री पक्ष का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी। नौकरीपेशा व्यक्ति अपने परिश्रम के बल पर उन्नति के हकदार होंगे। बैंक परीक्षाओं में भी सफलता अर्जित करेंगे। दाम्पत्य जीवन में मिली जुली स्थिति रहेगी। आर्थिक मामलों में सभंलकर चलना होगा

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए खुशनुमा रहने वाला है और परिवार के सदस्यों के साथ आप किसी पिकनिक आदि पर जाने की योजना बना सकते हैं। आपकी कोई समस्या समाप्त होगी और जीवनसाथी की किसी बात को लेकर आप नाराज रहेंगे। आपका कोई काम आज आपके लिए सिरदर्द बन सकता है। भाई व बहनों से आपको किसी काम को लेकर मदद लेनी पड़ सकती है। आपके परिवार में किसी सदस्य के विवाह में यदि कोई बाधा आ रही थी, तो वह आपके किसी मित्र की मदद से दूर होगी और किसी से धन उधार लेने से बचें।

वृष दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)

आज के दिन आपके लिए शासन सत्ता का पूरा सहयोग मिलेगा। आप नौकरी के साथ किसी और काम को लेकर परेशान रहेंगे। आपका कोई पुराना काम यदि लंबे समय से रुका हुआ था, तो वह आज पूरा होगा। आप जीवनसाथी के साथ किसी रोमांटिक डेट पर जाने की योजना बना सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपके कुछ विरोधी आपको परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे, जिनसे आपको सावधान रहना होगा और संतान से किसी किए हुए वादे को आज आपको पूरा करना होगा, नहीं तो वह आपसे नाराज हो सकते हैं।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए उत्तम रूप से फलदायक रहने वाला है। आपको एक के बाद एक खुशखबरी सुनने को मिलती रहेंगी। कार्यक्षेत्र में आपका प्रमोशन होगा। आप सफलता की सीढ़ी चढ़ेंगे और छोटे बच्चे आपसे किसी चीज की फरमाइशें कर सकते हैं, जिसे आपको पूरी अवश्य करना होगा। कुछ समय से यदि कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी, तो वह भी आज बातचीत के जरिए समाप्त होगी और विद्यार्थियों को किसी खेल प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका मिलेगा।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए मान सम्मान में वृद्धि लेकर आने वाला है, जो लोग राजनीति में हाथ आजमाना चाहते हैं, उन्हें आज किसी बड़े नेता से मिलने का मौका मिलेगा और आप अपने किसी मनोरंजन के कार्यक्रम में सम्मिलित हो सकते हैं। यदि किसी काम को लेकर कोई समस्या चल रही थी, तो आपकी वह चिंता भी दूर होगी। विद्यार्थियों का पढ़ाई लिखाई से मन भटक सकता है और आप इधर-उधर के कामों में ध्यान लगाएंगे। पिताजी को कोई आंखों से संबंधित समस्या हो सकती है।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए व्यवसाय के मामले में अच्छा रहने वाला है। बिजनेस कर रहे लोगों ने यदि किसी प्रोजेक्ट की शुरुआत करनी है, तो उसके लिए अपनी आंख व कान खुले रखें। किसी सरकारी योजना का लाभ मिलेगा। आपका कोई मित्र आपसे लंबे समय बाद मेल मुलाकात करने आ सकता है। परिवार में चल रही समस्याओं को लेकर सदस्यों से कुछ बातचीत कर सकते हैं और आप अपने घर की रंगाई पुताई आदि की भी योजना बना सकते हैं।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए तरक्की के नये नये मार्ग खुलेगा और यदि आपने किसी काम को भाग्य के भरोसे किया, तो उसमें भी आपको सफलता अवश्य मिलेगी, लेकिन आप संतान की संगति की ओर विशेष ध्यान दे, नहीं तो वह किसी गलत काम की तरफ अग्रसर हो सकते हैं। जीवनसाथी के करियर को लेकर यदि आप परेशान चल रहे थे, तो आपकी वह चिंता भी आज दूर होगी। आपका कोई पुराना काम यदि लंबे समय से रुका हुआ था, तो वह पूरा हो सकता है।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए सावधानी व सतर्कता बरतने के लिए रहेगा। किसी नये मेहमान का आगमन हो सकता है। परिवार में किसी सदस्य को घर से दूर नौकरी मिलने के कारण जाना पड़ सकता है। आप अपना कोई काम यदि पूरा नहीं करेंगे, तो इससे आपको समस्या होगी। आपकी कोई बड़ी डील हाथ आते आते रह सकती है। व्यापार में आप कुछ नए उपकरणों को शामिल कर सकते हैं, जिससे आपकी आय में वृद्धि होगी। ननिहाल पक्ष के व्यक्तियों से आप मेल मिलाप करने जा सकते हैं

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए सामान्य रहने वाला है। आप अपने रुखे व्यवहार के कारण कार्यक्षेत्र में लोगों को नाराज कर सकते हैं। यदि बिजनेस में आप किसी से धन उधार लेने के लिए सोच विचार कर रहे थे, तो वह आपको आसानी से मिल जाएगा, लेकिन किसी संपत्ति की खरीदारी करने से पहले उसके चल व अचल पहलुओं को स्वाधीनता से जांच ले। आपको किसी नये काम की शुरुआत करना अच्छा रहेगा। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को अपनी आंख व कान खुले रखने होंगे।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए कोई बड़ी उपलब्धि लेकर आने वाला है। आपकी तरक्की देखकर आपके विरोधी भी हैरान रहेंगे। आपको आज शीघ्रता व भावुकता में कोई निर्णय नहीं लेना है। सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों में आप बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। किसी सरकारी कार्य को यदि आपने टाला, तो बाद में वह आपके लिए कोई नहीं समस्या लेकर आ सकता है। आपके किसी मित्र को आप दावत पर बुला सकते हैं, जिसमें आप अच्छा खासा धन खर्च करेंगे।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)

आज के दिन आपके लिए धन संबंधित मामलों में अच्छा रहने वाला है। आप नौकरी के साथ-साथ यदि किसी पार्ट टाइम काम को करने की योजना बना रहे थे, तो आपकी इच्छा भी पूरी होगी, लेकिन बिजनेस में अपने यदि किसी को पार्टनर बनने का सोचा है, तो उसकी पूरी जांच पड़ताल अवश्य करें। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। किसी यात्रा पर जाने से पहले आप माता-पिता से आशीर्वाद अवश्य लें और आपका किसी नए घर को खरीदने का सपना पूरा होगा।

कुंभ दैनिक राशिफल (Aquarius Daily Horoscope)

कुंभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन उनके प्रभाव और प्रताप में वृद्धि लेकर आने वाला है। परिवार के सदस्यों के साथ मिल बैठकर आप कुछ समस्याओं को लेकर बातचीत कर सकते हैं और किसी से धोखा और गलत व्यवहार आपको बिल्कुल पसंद नहीं आएगा और वह मानसिक कष्ट दे सकता है। कारोबार में आपके किसी शत्रु के कारण आपको कोई नुकसान हो सकता है। वाद विवाद की स्थिति में भी आप धैर्य बनाए रखें। किसी पर आंख बंदकर भरोसा ना करें।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए धन संबंधित मामलों में कुछ चिंताएं लेकर आने वाला है। आपका उधार दिया हुआ धन आपको वापस मांगने से नहीं मिलेगा, जिससे आपका मन परेशान रहेगा। जीवनसाथी से आप यदि कोई सलाह करेंगे, तो वह आपको बिजनेस संबंधित कोई अच्छे सलाह आवश्यक देंगे। आपको कही घूमने फिरने के दौरान कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी, लेकिन आप कोई जरूरी जानकारी लीक ना होने दे। किसी महत्वपूर्ण काम में आपको ढील देने से बचना होगा।

🙏जय श्री राम 🙏

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श्रीकृष्ण-जन्माष्टमी 2023

Sri Krishna Janmashtami Special

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ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार

भारतवर्ष में रहने वाला जो प्राणी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करता है, वह सौ जन्मों के पापों से मुक्त हो जाता है। इसमें संशय नहीं है। वह दीर्घकाल तक वैकुण्ठलोक में आनन्द भोगता है। फिर उत्तम योनि में जन्म लेने पर उसे भगवान श्रीकृष्ण के प्रति भक्ति उत्पन्न हो जाती है-यह निश्चित है।

अग्निपुराण के अनुसार

इस तिथिको उपवास करने से मनुष्य सात जन्मों के किये हुए पापों से मुक्त हो जाता हैं | अतएव भाद्रपद के कृष्णपक्ष की अष्टमी को उपवास रखकर भगवान श्रीकृष्ण का पूजन करना चाहिये | यह भोग और मोक्ष प्रदान करनेवाला हैं।

भविष्यपुराण के अनुसार

कृष्ण जन्माष्टमी व्रत जो मनुष्य नहीं करता, वह क्रूर राक्षस होता है।

स्कन्दपुराण के अनुसार

जो व्यक्ति कृष्ण जन्माष्टमी व्रत नहीं करता, वह जंगल में सर्प और व्याघ्र होता है।

श्रीकृष्ण-जन्माष्टमीव्रत की कथा एवं विधि

06 सितम्बर 2023 बुधवार को जन्माष्टमी (स्मार्त) 07 सितम्बर 2023 गुरुवार को जन्माष्टमी (भागवत)

भविष्यपुराण उत्तरपर्व अध्याय – २४

राजा युधिष्ठिर ने कहा – अच्युत ! आप विस्तार से (अपने जन्म-दिन) जन्माष्टमी व्रत का विधान बतलाने की कृपा करें |

भगवान् श्रीकृष्ण बोले – राजन ! जब मथुरा में कंस मारा गया, उस समय माता देवकी मुझे अपनी गोद में लेकर रोने लगीं | पिता वसुदेवजी भी मुझे तथा बलदेवजी आलिंगन कर गद्गदवाणी से कहने लगे – ‘आज मेरा जन्म सफल हुआ, जो मैं अपने दोनों पुत्रों को कुशल से देख रहा हूँ | सौभाग्य से आज हम सभी एकत्र मिल रहे हैं |’ हमारे माता-पिता को अति हर्षित देखकर बहुत से लोग वहाँ एकत्र हुए और मुझसे कहने लगे – ‘भगवन ! आपने बहुत बड़ा काम किया, जो इस दुष्ट कंसको मारा | हम सभी इससे बहुत पीड़ित थे | आप कृपाकर यह बतलाये कि आप माता देवकी के गर्भ से कब आविर्भूत हुए थे ? हम सब उस दिन महोत्सव मनाया करेंगे | आपको बार-बार नमस्कार है, हम सब आपकी शरण में हैं | आप हम पर प्रसन्न होइये | उस समय पिता वसुदेवजी ने भी मुझसे कहा था कि अपना जन्मदिन इन्हें बता दो |’ तब मैंने मथुरानिवासी जनों को जन्माष्टमी व्रत का रहस्य बतलाया और कहा – ‘पुरवासियों ! आपलोग मेरे जन्म दिन को विश्व में जन्माष्टमी के नाम से प्रसारित करें | प्रत्येक धार्मिक व्यक्ति को जन्माष्टमी का व्रत अवश्य करना चाहिये | जिस समय सिंह राशि पर सूर्य और वृषराशिपर चन्द्रमा था, उस भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अर्धरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में मेरा जन्म हुआ | वसुदेवजी के द्वारा माता देवकी के गर्भ से मैंने जन्म लिया | यह दिन संसार में जन्माष्टमी नाम से विख्यात होगा | प्रथम यह व्रत मथुरा में प्रसिद्ध हुआ और बाद में सभी लोकों में इसकी प्रसिद्धी हो गयी | इस व्रत के करने से संसार में शान्ति होगी, सुख प्राप्त होगा और प्राणिवर्ग रोगरहित होगा |’

महाराज युधिष्ठिर ने कहा – भगवन ! अब आप इस व्रत का विधान बतलाये, जिसके करने से आप प्रसन्न होते हैं |

भगवान श्रीकृष्ण बोले – महाराज ! इस एक ही व्रत के कर लेने से सात जन्म के पाप नष्ट हो जाते हैं | व्रत के पहले दिन दंतधावन आदि करके व्रत का नियम ग्रहण करें | व्रत के दिन मध्यान्ह में स्नान कर माता भगवती देवकी का एक सूतिका गृह बनाये | उसे पद्मरागमणि और वनमाला आदिसे सुशोभित करें | गोकुल की भांति गोप, गोपी, घंटा, मृदंग, शंख और मांगल्य-कलश आदिसे समन्वित तथा अलंकृत सुतिका-गृह के द्वारपर रक्षा के लिए खणग, कृष्ण छाग, मुशल आदि रखे | दीवालों पर स्वस्तिक आदि मांगलिक चिन्ह बना दें | षष्ठीदेवी की भी नैवेद्य आदि के साथ स्थापना करें | इस प्रकार यथाशक्ति उस सूतिकागृह को विभूषितकर बीच में पर्यंक के ऊपर मुझसहित अर्धसुप्तावस्थावाली, तपस्विनी माता देवकी की प्रतिमा स्थापित करें | प्रतिमाएँ आठ प्रकार की होती हैं –स्वर्ण, चाँदी, ताम्र, पीतल, मृत्तिका, काष्ठ की मणिमयी तथा चित्रमयी | इनमे से किसी भी वस्तुकी सर्वलक्षणसम्पन्न प्रतिमा बनाकर स्थापित करें | माता देवकी का स्तनपान करती हुई बालस्वरूप मेरी प्रतिमा उनके समीप पलंग के ऊपर स्थापित करें | एक कन्या के साथ माता यशोदा की प्रतिमा भी वहां स्थापित की जाय | सूतिका-मंडप के ऊपर की भित्त्तियों में देवता, ग्रह, नाग तथा विद्याधर आदि की मूर्तियाँ हाथोसे पुष्प-वर्षा करते हुए बनाये | वसुदेवजी को सूतिकागृह के बाहर खणग और ढाल धारण किये चित्रित करना चाहिये | वसुदेवजी महर्षि कश्यप के अवतार हैं और देवकी माता अदितिकी | बलदेवजी शेषनाग के अवतार हैं, नन्दबाबा दक्षप्रजापति के, यशोदा दिति की और गर्गमुनि ब्रह्माजी के अवतार हैं | कंस कालनेमिका अवतार है | कंस के पहरेदारों को सूतिकागृह के आस-पास निद्रावस्था में चित्रित करना चाहिये | गौ, हाथी आदि तथा नाचती-गाती हुई अप्सराओं और गन्धर्वो की प्रतिमा भी बनाये | एक ओर कालिया नाग को यमुना के ह्रदय में स्थापित करें |

इसप्रकार अत्यंत रमणीय नवसुतिका-गृह में देवी देवकी की स्थापनकर भक्ति से गंध, पुष्प, अक्षत, धूप, नारियल, दाडिम, ककड़ी, बीजपुर, सुपारी, नारंगी तथा पनस आदि जो फल उस देशमें उससमय प्राप्त हों, उन सबसे पूजनकर माता देवकी की इसप्रकार प्रार्थना करे –

गायभ्दि: किन्नराध्यै: सततपरिवृता वेणुवीणानीनादै भृंगारादर्शकुम्भप्रमरकृतकरै: सेव्यमाना मुनीन्द्रै: |

पर्यन्गे स्वास्तृते या मुदित्ततरमना: पुत्रिणी सम्यगास्ते सा देवी देवमाता जयति सुवदना देवकी कान्तरूपा ||

जिनके चारों ओर किन्नर आदि अपने हाथों में वेणु तथा वीणा-वाद्यों के द्वारा स्तुति-गान कर रहे हैं और जो अभिषेक-पात्र, आदर्श, मंगलमय कलश तथा चँवर हाथों में लिए श्रेष्ठ मुनिगणोंद्वारा सेवित हैं तथा जो कृष्ण-जननी भलीभांति बिछे हुए पलंगपर विराजमान हैं, उन कमनीय स्वरुपवाली सुवदना देवमाता अदिति-स्वरूपा देवी देवकी की जय हो |

उससमय यह ध्यान करें कि कमलासना लक्ष्मी देवकी के चरण दबा रही हो | उन देवी लक्ष्मी की – ‘नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नम: |’ इस मन्त्र से पूजा करे | इसके बाद ‘ॐ देवक्यै नम:, ॐ वासुदेवाय नम:, ॐ बलभद्राय नम:, ॐ श्रीकृष्णाय नम:, ॐ सुभद्रायै नम:, ॐ नन्दाय नम: तथा ॐ यशोदायै नम:’ – इन नाम-मन्त्रों से सबका अलग-अलग पूजन करें |कुछ लोग चन्द्रमा के उदय हो जानेपर चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान कर हरि का ध्यान करते हैं, उन्हें निम्नलिखित मन्त्रों से हरि का ध्यान करना चाहिये –

अनघं वामनं शौरि वैकुण्ठ पुरुषोत्तमम |

वासुदेवं हृषीकेशं माधवं मधुसूदनम ||

वाराहं पुण्डरीकाक्षं नृसिंहं ब्राह्मणप्रियम |

दामोदरं पद्यनाभं केशवं गरुड़ध्वजम |

गोविन्दमच्युतं कृष्णमनन्तमपराजितम |

अघोक्षजं जगद्विजं सर्गस्थित्यन्तकारणम |

अनादिनिधनं विष्णुं त्रैलोक्येश त्रिविक्रमम |

नारायण चतुर्बाहुं शंखचक्रगदाधरम |

पीताम्बरधरं नित्यं वनमालाविभूषितम |

श्रीवत्सांग जगत्सेतुं श्रीधरं श्रीपति हरिम || (उत्तरपर्व ५५/४६ – ५०)

इन मन्त्रों से भगवान् श्रीहरि का ध्यान करके ‘योगेश्वराय योगसम्भवाय योगपतये गोविन्दाय नमो नम:’ – इस मन्त्र से प्रतिमा को स्नान कराना चाहिये | अनन्तर यज्ञेश्वराय यज्ञसम्भवाय यज्ञपतये गोविन्दाय नमो नम:’ – इस मंत्रसे अनुलोपन, अर्घ्य, धूप, दीप आदि अर्पण करें | तदनंतर ‘विश्वाय विश्वेश्वराय विश्वसम्भवाय विश्वपतये गोविन्दाय नमो नम: |’ इस मन्त्र से नैवेद्य निवेदित करें | दीप अर्पण करने का मन्त्र इसप्रकार हैं – धम्रेश्वराय धर्मपतये धर्मसम्भवाय गोविन्दाय नमो नम: |’

इसप्रकार वेदी के ऊपर रोहिणी-सहित चन्द्रमा, वसुदेव, देवकी, नन्द, यशोदा और बलदेवजी का पूजन करें , इससे सभी पापों से मुक्ति हो जाती हैं | चंद्रोदय के समय इस मन्त्र से चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान करें

क्षीरोदार्नवसम्भूत अत्रिनेत्रसमुद्भव |

गृहनार्घ्य शशाकेंदों रोहिण्या सहितो मम || (उत्तरपर्व ५५/५४)

आधी रात को गुड और घी से वसोर्धारा की आहुति देकर षष्ठीदेवी की पूजा करे | उसी क्षण नामकरण आदि संस्कार भी करने चाहिये| नवमी के दिन प्रात:काल मेरे ही समान भगवती का भी उत्सव करना चाहिये | इसके अनन्तर ब्राह्मणों को भोजन कराकर ‘कृष्णो में प्रीयताम’ कहकर यथाशक्ति दक्षिणा देनी चाहिये |

धर्मनंदन ! इसप्रकार जो मेरा भक्त पुरुष अथवा नारी देवी देवकी के इस महोत्सव को प्रतिवर्ष करता हैं, वह पुत्र, सन्तान, आरोग्य, धन-धान्य, सदगृह, दीर्घ आयुष्य और राज्य तथा सभी मनोरथों को प्राप्त करता हैं | जिस देशमें यह उत्सव किया जाता है, वहाँ जन्म-मरण, आवागमन की व्याधि, अवृष्टि तथा ईति-भीती आदि का कभी भय नहीं रहता | मेघ समयपर वर्षा करते हैं | पांडूपुत्र ! जिस घर में यह देवकी-व्रत किया जाता हैं, वहाँ अकालमृत्यु नहीं होती और न गर्भपात होता हैं तथा वैधव्य, दौर्भाग्य एवं कलह नहीं होता | जो एक बार भी इस व्रत को करता हैं, वह विष्णुलोक को प्राप्त होता है | इस व्रत के करनेवाले संसार के सभी सुखों को भोगकर अंत में विष्णुलोक में निवास करते हैं |

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स्मार्त और वैष्णव क्या है

स्मार्त और वैष्णव संप्रदाय क्या है??

जन्माष्टमी 2023 विशेष

आपने पंचांगों में देखा होगा कि भगवान विष्णु के अवतारों और उनसे संबंधित व्रत और त्यौहार दो दिन दिया रहता है उसमें आप देखेंगे तो एक त्यौहार में स्मार्त लिखा होगा और एक में वैष्णव!

सबसे पहले हमें यह समझना होगा कि स्मार्त और वैष्णव क्या है ?

तभी आप समझ पाएंगे!

स्मार्त:

स्मार्त संप्रदाय के सनातनी जैसे आप और हम सभी देवी-देवता जैसे भगवान शिव, गणेश, देवी दुर्गा सूर्य देव की उपासना करते हैं और उन्हीं के आधार पर उपवास या पर्व मनाते हैं,

कहने का अर्थ है कि जितने भी आप और हम गृहस्थ हैं वे सभी स्मार्त कहलाते हैं।

वैष्णव:

वहीं वैष्णव संप्रदाय के लोग मानते,सभी देवी देवताओं को हैं परंतु केवल भगवान विष्णु और उनके अवतारों पर आधारित उपवास या पर्व रखते हैं ।

कहने का अर्थ यह है कि जिन संन्यासियों ने भगवान विष्णु के नाम की दीक्षा ली हुई है और वह घर-गृहस्थी से अलग है वे सभी वैष्णव कहलाते हैं।

जैसे: रामानंद(जगतगुरु रामभद्राचार्य जी)वल्लभ, निम्बार्क, माध्व, राधावल्लभ इत्यादि!

अब यदि किसी को पंचांग भी देखना ना आए तो इसमें आप और हम क्या कर सकते हैं ऐसा हम आपको नहीं कह रहे हैं उनके लिए कह रहे हैं जिन्हें वैष्णव और स्मार्त में अंतर नहीं पता!

वैष्णव और स्मार्त क्या है इतनी बात यदि गूगल पर भी पूछी जाए तब भी पता चल जाएगी।

चूंकि स्मार्त(गृहस्थ) सप्तमी से युक्त अष्टमी को गृहण करके अष्टमी का व्रत कर सकते हैं और अष्टमी 6 तारीख को दिन में लगभग 3:30 बजे से आ रही है और रात्रि में रोहिणी नक्षत्र से युक्त अष्टमी भी प्राप्त हो रही है अतः स्मार्त (आप और हम) 6 तारीख को करेंगे।

परंतु वहीं दूसरी ओर वैष्णव (संन्यासी) सप्तमी से युक्त अष्टमी को ग्रहण नहीं करते हैं जो कि 6 तारीख को पड़ रही है उनके लिए सूर्योदय में अष्टमी होना आवश्यक है इसीलिए वह 7 तारीख को करेंगे।

जय श्री कृष्ण

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