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Horoscope Today: Astrological prediction for March 24, 2023

Horoscope Today: Astrological prediction for March 24, 2023
Horoscope Today: Astrological prediction for March 24, 2023

आज का हिन्दू पंचांग

दिनांक – 24 मार्च 2023

दिनशुक्रवार

विक्रम संवत् – 2080

शक संवत् – 1945

अयनउत्तरायण

ऋतुवसंत

मासचैत्र

पक्षशुक्ल

तिथितृतीया शाम 04:59 तक तत्पश्चात चतुर्थी

नक्षत्रअश्विनी दोपहर 01:22 तक तत्पश्चात भरणी

योगवैधृति रात्रि 01:43 तक तत्पश्चात विष्कम्भ

राहु कालसुबह 11:15 से 12:46 तक

सूर्योदय – 06:40

सूर्यास्त – 06:52

दिशा शूलपश्चिम दिशा में

ब्राह्ममुहूर्तप्रातः 05:06 से 05:53 तक

निशिता मुहूर्तरात्रि 12:22 से 01:09 तक

चैत्र नवरात्रि (22 से 30 मार्च 2023)

नवरात्रि की तृतीया तिथि यानी तीसरा दिन माता चंद्रघंटा की पूजा कि जाती है यह शक्ति माता का शिवदूती स्वरूप हैं इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है असुरों के साथ युद्ध में देवी चंद्रघंटा ने घंटे की टंकार से असुरों का नाश किया था नवरात्रि के तृतीय दिन इनका पूजन किया जाता है इनके पूजन से साधक को मणिपुर चक्र के जाग्रत होने वाली सिद्धियां स्वत: प्राप्त हो जाती हैं तथा सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है

तृतीया तिथि यानी की तीसरे दिन को माता दुर्गा को दूध का भोग लगाएं इससे दुखों से मुक्ति मिलती है

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष

दिनांक 24 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 6 होगा। आपमें गजब का आत्मविश्वास है। इसी आत्मविश्वास के कारण आप किसी भी परिस्थिति में डगमगाते नहीं है। आपको सुगंध का शौक होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति आकर्षक, विनोदी, कलाप्रेमी होते हैं। आप अपनी महत्वाकांक्षा के प्रति गंभीर होते हैं। अगर आप स्त्री हैं तो पुरुषों के प्रति आपकी दिलचस्पी होगी। लेकिन आप दिल के बुरे नहीं है। 6 मूलांक शुक्र ग्रह द्वारा संचालित होता है। अत: शुक्र से प्रभावित बुराई भी आपमें पाई जा सकती है। जैसे स्त्री जाति के प्रति आपमें सहज झुकाव होगा।

शुभ दिनांक : 6, 15, 24

शुभ अंक : 6, 15, 24, 33, 42, 51, 69, 78

शुभ वर्ष : 2022, 2026

ईष्टदेव : मां सरस्वती, महालक्ष्मी

शुभ रंग : क्रीम, सफेद, लाल, बैंगनी

कैसा रहेगा यह वर्ष

नौकरीपेशा व्यक्ति अपने परिश्रम के बल पर उन्नति के हकदार होंगे। बैक परीक्षाओं में भी सफलता अर्जित करेंगे। दाम्पत्य जीवन में मिली जुली स्थिति रहेगी। आर्थिक मामलों में सभंलकर चलना होगा। लेखन संबंधी मामलों के लिए उत्तम होती है। जो विद्यार्थी सीए की परीक्षा देंगे उनके लिए शुभ रहेगा। व्यापारव्यवसाय में भी सफलता रहेगी। विवाह के योग भी बनेंगे। स्त्री पक्ष का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए मिलाजुला रहने वाला है। आपको यदि किसी बात के लिए उलझन हो, तो आप उस काम को बिल्कुल ना करें। रचनात्मक कार्य में आज सुधार होगा। आपको रक्त संबंधी रिश्तों में मजबूती आएगी, लेकिन आपकी पुरानी गलती लोगों के सामने सकती है। आपके तेज को देखकर कार्यक्षेत्र में शत्रु आपस में लड़कर ही नष्ट हो जाएंगे। आपको कोई काम मातापिता की बिना मर्जी के करने से नुकसान हो सकता है। यदि आपने किसी प्रतियोगिता में भाग लिया था, तो उसमें आपको जीत अवश्य मिलेगी।

वृष दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए ऊर्जावान रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में आप कुछ नया करने की कोशिश में लगे रहेंगे, जिससे आपको लाभ भी अवश्य मिलेगा। आप अपने व्यवहार से आज लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब रहेंगे। आपकी किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मुलाकात होगी, जिसमें आपको कोई महत्वपूर्ण सूचना सुनने को मिल सकती है, जो लोग प्रेम जीवन जी रहे हैं, उन्हें परिवार के सदस्यों द्वारा विवाह की मंजूरी मिल सकती है, जिससे परिवार का माहौल खुशनुमा रहेगा।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए आय के नए नए स्त्रोत लेकर आएगा और व्यावसायिक गतिविधियां भी आपके लिए बेहतर रहेंगे। आपने पुराने निवेश से आपको अच्छा लाभ मिल सकता है। यदि किसी को धन उधार दिया था, तो वह भी आपको वापस दे सकता है। आप अपनी सुखसुविधाओं के कुछ वस्तुओं की खरीदारी पर भी ध्यान दें। कामकाज की तलाश में दरदर भटक रहे लोगों को कोई शुभ सूचना सुनने को मिल सकती है। आपके घर परिवार में चल रहा लड़ाई झगड़ा आपके लिए सिरदर्द बन सकता है।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope)

आज का दिन आपकी पद प्रतिष्ठा में वृद्धि लेकर आने वाला है। शासन प्रशासन का आपको पूरा लाभ मिलेगा और आप किसी नए पद को पाकर प्रसन्न रहेंगे। जो लोग किसी काम के पूरा होने के कारण परेशान चल रहे हैं, तो उनका वह काम पूरा हो सकता है। घर परिवार में लोग आपके दिए गए सुझावों का पूरा मान रखेंगे, लेकिन आपको किसी सदस्य से किए हुए वादे को पूरा करना होगा। संतान को यदि आप कोई जिम्मेदारी देंगे, तो वह उसे समय रहते पूरी करेंगे, जिससे आपको खुशी होगी।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आने वाला है। आपको आज लंबी दूरी की यात्रा पर जाने का मौका मिलेगा और कुछ मनोरंजन की गतिविधियां भी बढ़ेंगी। आपकी आय बढ़ने से आपका मन प्रसन्न रहेगा, लेकिन आप भाइयों के साथ किसी अनबन को लेकर आज परेशान रहेंगे, जिससे आपका कार्य करने में भी मन नहीं लगेगा। काम को लेकर आप लापरवाही बिल्कुल ना बरतें, नहीं तो बाद में आपको समस्या हो सकती है।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए कोई निर्णय जल्दबाजी में लेने से बचने के लिए रहेगा और किसी जोखिम भरे काम में हाथ ना डालें। आपको घूमने फिरने के दौरान कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी, लेकिन आप परिजन की सलाह पर आगे बढ़ेंगे तो आपके लिए बेहतर रहेगा। किसी से भी बातचीत करते समय आप उसे अपने मन की सारी बात ना बताएं, नहीं तो वह उसका फायदा उठा सकते हैं। काम का बोझ बढ़ने से आप थोड़ा परेशान रहेंगे, लेकिन फिर भी आप उससे घबराएंगे नहीं।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope)

आज का दिन दांपत्य जीवन जी रहे लोगों के लिए खुशहाली लेकर आएगा, क्योंकि जीवनसाथी की तरक्की देखकर आपको प्रसन्नता होगी। कार्य क्षेत्र में आपको कुछ गुप्त शत्रुओं से सावधान रहना होगा और सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों को अपने किसी साथी के कारण असुविधा होगी, क्योंकि वह उनके बनते कामों में रोड़ा अटकाने की कोशिश करेंगे। नेतृत्व क्षमता को बल मिलेगा और लाभ बढ़ने से आप प्रसन्न रहेंगे, लेकिन आप जल्दबाजी ना करें, नहीं तो कोई गलती हो सकती है।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)

आज का दिन सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों के लिए अच्छा रहने वाला है और आपको उम्मीद से ज्यादा धन मिलने से आप प्रसन्न रहेंगे। यदि आपके कामों में कुछ अवरोध रहे हैं तो वह भी आज दूर होंगी। आप अपनी सुखसुविधाओं की कुछ वस्तुओं की खरीदारी करने में अत्यधिक धन व्यय कर सकते हैं। यदि आपने अपने कुछ कामों को कल पर टाला था, तो आपको उन्हें पूरा अवश्य करना होगा। कार्यक्षेत्र में आप अत्यधिक मेहनत करें, तभी आपके रुके हुए काम पूरे हो सकेंगे।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए प्रसन्नता दिलाने वाला रहेगा। विद्यार्थियों को बौद्धिक और मानसिक बोझ से छुटकारा मिलता दिख रहा है और आप मन के रिश्ते पर पूरा ध्यान देंगे, लेकिन आज जीवनसाथी से कहासुनी के दौरान कोई ऐसी बात होगी, जो आपको परेशान करके रखेगी। यदि आप किसी से धन उधार लेने की सोच रहे हैं, तो वह भी आपको आसानी से मिल जाएगा। कला कौशल में सुधार आएगा। आर्थिक लाभ में वृद्धि होगी। महत्वपूर्ण मामलों में आप आगे बढ़ेंगे। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)

आज का दिन आपको जल्दबाजी में किसी काम को करने से बचना होगा और किसी बाहरी व्यक्ति के मामले में आप हस्तक्षेप ना करें, नहीं तो समस्या हो सकती है। पारिवारिक मामलों में आप अस्पष्टता बनाए रखें। आपको आज कुछ बेवजह की वस्तुओं की खरीदारी पर बल देंगे और घर परिवार में लोग आपकी बात का पूरा मान रखेंगे, जिससे आप प्रसन्न रहेंगे। यदि आप से कोई गलती हुई है, तो आपको उसके लिए माफी मांगनी पड़ सकती है। पिताजी के लिए आप कोई उपहार लेकर सकते हैं।

कुंभ दैनिक राशिफल (Aquarius Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए आलस्य भरा रहने वाला है। आपकी सुख सुविधाओं में वृद्धि होने से आपके अंदर आलस्य भरा रहेगा, लेकिन आपको ऐसा नहीं करना है। भाईचारे को बढ़ावा मिलेगा। किसी सरकारी योजना में धन लगाने से आपको अच्छा लाभ मिल सकता है। यदि आपको कोई जिम्मेदारी सौंपी जाए, तो आप उसे कल पर ना टालें। मातापिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम आसानी से बन सकता है। आप यदि किसी यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो फिर वाहन बहुत ही सावधानी से चलाएं, नहीं तो किसी दुर्घटना के होने का भय सता रहा है।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। आपके घर किसी अतिथि का आगमन होने से आप थोड़ा परेशान रहेंगे और आपको किसी यात्रा पर जाने का मौका मिल सकता है, लेकिन जन कल्याण की भावना आज आपके अंदर बनी रहेगी। आपको आज लोगों की गलती को बड़प्पन दिखाते हुए माफ करना होगा। कारोबार की गति आज तेज रहेगी। आपका मन प्रसन्न रहेगा। संतान से आपकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो सकती है। परिवार में छोटे बच्चे आपसे कुछ फरमाइशें कर सकते हैं|

जय श्री राम

Consultation:-mail@analystastro.com

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23/03/2023 Today’s Horoscope and Rashifal

23/03/2023 Today’s Horoscope and Rashifal

आज का सभी राशियो का राशिफल एवं मुहूर्त

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वैदिक पंचांग

दिनांक – 23 मार्च 2023

दिन – गुरुवार

विक्रम संवत – 2080 (गुजरात – 2079)

शक संवत -1945

अयन – उत्तरायण

ऋतु – वसंत ॠतु

मास – चैत्र

पक्ष – शुक्ल

तिथि – द्वितीया शाम 06:20 तक तत्पश्चात तृतीया

नक्षत्र – रेवती दोपहर 02:08 तक तत्पश्चात अश्र्विनी

योग – इन्द्र 24 मार्च रात्रि 03:43 तक तत्पश्चात वैधृति

राहुकाल – दोपहर 02:17 से शाम 03:48 तक

सूर्योदय- 06:41

सूर्यास्त – 18:49

दिशाशूल – दक्षिण दिशा में

चैत्र नवरात्रि दूसरा दिन

तप की शक्ति का प्रतीक है मां ब्रह्मचारिणी

नवरात्रि की द्वितीया तिथि पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है। देवी ब्रह्मचारिणी ब्रह्म शक्ति यानी तप की शक्ति का प्रतीक हैं। इनकी आराधना से भक्त की तप करने की शक्ति बढ़ती है। साथ ही, सभी मनोवांछित कार्य पूर्ण होते हैं।

मां ब्रह्मचारिणी हमें यह संदेश देती है कि जीवन में बिना तपस्या अर्थात कठोर परिश्रम के सफलता प्राप्त करना असंभव है। बिना श्रम के सफलता प्राप्त करना ईश्वर के प्रबंधन के विपरीत है। अत: ब्रह्मशक्ति अर्थात समझने व तप करने की शक्ति हेतु इस दिन शक्ति का स्मरण करें। योगशास्त्र में यह शक्ति स्वाधिष्ठान चक्र में स्थित होती है। अत: समस्त ध्यान स्वाधिष्ठान चक्र में करने से यह शक्ति बलवान होती है एवं सर्वत्र सिद्धि व विजय प्राप्त होती है।

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष

23 का अंक देखने पर ॐ का आभास देता है। जो कि भारतीय परंपरा में शुभ प्रतीक है। आप बेहद भाग्यशाली हैं कि आपका जन्म 23 को हुआ है। 23 का अंक आपस में मिलकर 5 होता है। जबकि 5 का अंक बुध ग्रह का प्रतिनिधि करता है। ऐसे व्यक्ति अधिकांशत: मितभाषी होते हैं। कवि, कलाकार, तथा अनेक विद्याओं के जानकार होते हैं।

आपमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन करना मुश्किल है। अर्थात अगर आप अच्छे स्वभाव के व्यक्ति हैं तो आपको कोई भी बुरी संगत बिगाड़ नहीं सकती। अगर आप खराब आचरण के हैं तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको सुधार नहीं सकती। लेकिन सामान्यत: 23 तारीख को पैदा हुए व्यक्ति सौम्य स्वभाव के ही होते हैं। आपमें गजब की आकर्षण शक्ति होती है। आपमें लोगों को सहज अपना बना लेने का विशेष गुण होता है। अनजान व्यक्ति की मदद के लिए भी आप सदैव तैयार रहते हैं।

शुभ दिनांक : 1, 5, 7, 14, 23

शुभ अंक : 1, 2, 3, 5, 9, 32, 41, 50

शुभ वर्ष : 2030, 2032, 2034, 2050, 2059, 2052

ईष्टदेव : देवी महालक्ष्मी, गणेशजी, मां अम्बे।

शुभ रंग : हरा, गुलाबी जामुनी, क्रीम

कैसा रहेगा यह वर्ष

वर्ष आपके लिए सफलताओं भरा रहेगा। अभी तक आ रही परेशानियां भी इस वर्ष दूर होती नजर आएंगी। परिवारिक प्रसन्नता रहेगी। संतान पक्ष से खुशखबर आ सकती है। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए यह वर्ष निश्चय ही सफलताओं भरा रहेगा। दाम्पत्य जीवन में मधुर वातावरण रहेगा। अविवाहित भी विवाह में बंधने को तैयार रहें। व्यापार-व्यवसाय में प्रगति से प्रसन्नता रहेगी।

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहने वाला है। रचनात्मक कार्य में आप पूरी रुचि दिखाएंगे और कार्यक्षेत्र में बुद्धि व विवेक से काम करके आप अधिकारियों को भी हैरान कर सकते हैं। आपके अंदर एक नई ऊर्जा का संचार रहेगा। घर परिवार में लोग आपसे किसी बात को लेकर नाराज हो सकते हैं। आपको किसी संपत्ति की खरीदारी करते समय उसके जरूरी कागजातों का ध्यान अवश्य दें, नहीं तो कोई आपके साथ धोखा कर सकता है। आप वरिष्ठ सदस्यों की उम्मीदों पर आज खरे उतरेंगे।

वृष दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए आय और व्यय में संतुलन बनाए रखने के लिए रहेगा। नौकरी में कार्यरत लोगों को काम की तारीफ मिलने से वह आपसे प्रसन्न रहेंगे। लेनदेन के मामले में आप सावधानी बरतें। आपको किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जाने का मौका मिल सकता है। आपके बढ़ते हुए खर्चे आपका सिर दर्द बन सकते हैं, जिससे आपको बचना होगा।आप आज दोस्तों के साथ कुछ समय मौज मस्ती करने मे व्यतीत करेगे। माताजी को यदि कोई रोग लंबे समय से परेशान कर रहा था, तो उनके कष्टों में वृद्धि हो सकती है।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। आपको एक से अधिक स्त्रोतों से आय प्राप्त होगी। आप लापरवाही करने से बचे। आपको किसी बचत की योजना पर भी थोड़ा ध्यान देना होगा, तभी आप भविष्य के लिए धन कर सकेंगे। किसी नयी योजना में धन निवेश करने से नुकसान हो सकता है। दांपत्य जीवन में सरसता बनी रहेगी। आपका कोई पुराना लेन-देन आज आपको समय रहते चुकता करना होगा। आप जीवन साथी को कहीं घुमाने फिराने लेकर जा सकते हैं।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए अत्याधिक धन लाभ लेकर आएगा। आप उम्मीद से ज्यादा धन मिलने से आपके प्रसन्नता का ठिकाना नहीं रहेगा। कारोबार में उन्नति मिलने से आप प्रसन्न रहेंगे। आपके कुछ प्रयास आपको सफलता दिलाएंगे। आप किसी नए काम की शुरुआत कर सकते हैं। किसी परिजन से बहसबाजी न करें। आप बिजनेस के कुछ कामों को लेकर तनाव में रह सकते हैं। माताजी को किसी पुराने रोग के कारण समस्या हो सकती है।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए भाग्य के दृष्टिकोण से उत्तम रहने वाला है। दीर्घकालीन योजनाओं को आज गति मिलेगी। आपको बिजनेस से संबंधित कोई शुभ सूचना सुनने को मिल सकती है। आपके किसी पुराने मित्र से लंबे समय बाद मुलाकात होगी, जो आपके लिए लाभदायक रहेगी। व्यापार कर रहे लोग यदि अपने व्यापार की गति को लेकर परेशान थे, तो आज उन्हें भी कुछ अच्छा ऑफर मिल सकता है। विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के मार्ग प्रशस्त होंगे। आपके धार्मिक कार्यों के प्रति आस्था बढ़ेगी।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके स्वास्थ्य के मामले में कुछ कमजोर रहने वाला है। आपको किसी काम में हाथ आजमाने से बचना होगा। जीवनसाथी से यदि किसी बात को लेकर कहासुनी हो, तो अपनी बात उनके सामने अवश्य रखें। अपने जरूरी जरूरी कामों की आज एक सूची बनाएं, तभी वह पूरा हो सकता है। घर परिवार में यदि आपने कुछ जिम्मेदारी ली है, तो आप उनसे घबराए नहीं। यदि आप परिवार में किसी सदस्य को कोई सुझाव देंगे, तो वह उसे पूरा अवश्य करेंगे।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए आत्मविश्वास से भरपूर रहने वाला है। आपको कार्य क्षेत्र में कुछ योजनाओं को फिर से शुरू करके अच्छा लाभ मिल सकता है। जो लोग सट्टेबाजी अथवा लॉटरी में धन का निवेश करते हैं, उन्हें भी आज कोई खुशखबरी मिल सकती है। आप अपने करीबियों के साथ-साथ आगे बढ़ेंगे। साझेदारी में किसी काम को करना आपके लिए बेहतर रहेगा। करियर संबंधी अच्छा लाभ मिल सकता है। नौकरी से संबंधित कोई काम यदि लटका हुआ था, तो वह पूरा हो सकता है। आपको कुछ महत्वपुर्ण चर्चाओं में सम्मिलित होने का मौका मिलेगा।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए मेहनत से कार्य करने के लिए रहेगा। आप कार्यक्षेत्र में किसी की बातों में आकर कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं, जिससे आपको समस्या होगी। किसी सरकारी काम में उसके नीति व नियमों पर ध्यान दें, तभी वह पूरा हो सकेगा। यदि लेनदेन से संबंधित मामला आपको लंबे समय से घेरे हुए हैं, तो उसमें आपको सावधानी बरतनी होगी। कार्यक्षेत्र में आप अपनी मेहनत से अच्छी जगह बनाने में कामयाब रहेंगे। विपक्षियों पर आप अंकुश बनाए रखें।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए सुखमय रहने वाला है। आपके महत्वपूर्ण कार्य में तेजी रहेगी। आपको घूमने फिरने के दौरान आज कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती है। मित्रों के साथ आप अच्छा समय व्यतीत करेंगे। प्रतिस्पर्धा के क्षेत्र में आप आगे बढ़ेंगे। विद्यार्थियों ने यदि नौकरी से संबंधित कोई परीक्षा दी है तो उसका परिणाम आपके पक्ष में आ सकता है। सरकारी नौकरी में कार्यरत लोगों को बहुत ही सावधानी बरतनी होगी, नहीं तो उनसे कोई गलती हो सकती है। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए मिश्रित रूप से फलदायक रहने वाला है। यदि कोई वाहन खरीदना छह रहे हैं तो आपकी इच्छा आज पूरी हो सकती है। आपको व्यवसाय में आज कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। कुछ संवेदनशील मामलों में आप जल्दबाजी ना दिखाएं, नहीं तो समस्या हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आपको तरक्की मिलने से आपका मन प्रसन्न रहेगा। महत्वपूर्ण विषयों पर आप पूरा ध्यान दें।

कुंभ दैनिक राशिफल (Aquarius Daily Horoscope)

आज का दिन आपके साहस व पराक्रम में वृद्धि लेकर आने वाला है। आप सभी लोगों के साथ आदर व सम्मान बनाए रखें। ससुराल पक्ष का कोई व्यक्ति आज आपसे मेल मुलाकात करने आ सकता है। आपको परिवार में किसी सदस्य की नौकरी से संबंधित कोई शुभ सूचना सुनने को मिल सकती है। भाई बंधुत्व की भावना को आज बढ़ावा मिलेगा। आप अपने घर परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में कामयाब रहेंगे। आप छोटी दूरी की यात्रा पर भी जा सकते हैं।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope)

आज का दिन दांपत्य जीवन जी रहे लोगों के लिए सुखमय रहने वाला है। आपके व्यक्तित्व में निखार आएगा। आप कुछ नये लोगो से मेलजोल बढ़ाने में कामयाब रहेंगे। आप अपने दोस्तों के साथ बिताए कुछ यादगार पलो को ताजा करेंगे। घर परिवार में दिन आनंदमय रहेगा। विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा में आ रही समस्याओं को लेकर यदि किसी बात की चिंता थी, तो वह भी आज दूर होगी। आपके जरूरी काम आज पूरे होंगे। आपको कोई मूल्यवान वस्तु भेंट स्वरूप प्राप्त हो सकती है।

जय श्री राम

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Navratri Special|Chaitra Navratri 2023||नव संवत्सर 2080। हिंदू नव वर्ष 2080

चैत्र नवरात्रि विशेष :-img 7909

नौ दिनों में माता के अलग-अलग स्वरुपों की पूजा की जाती है. इन दिनों की अलग-अलग पूजा विधि होती है, जबकि नौ दिनों के लिए अलग-अलग मंत्री भी शास्त्रों में बनाए गए हैं. शास्त्रों के हिसाब से 9 दिनों में इन्ही मंत्रों के साथ माता की पूजा की जाती है. खास बात यह है कि अलग-अलग दिन माता को भोग भी अलग-अलग ही लगाया जाता है. नवरात्रि पर पूजन विधि से जुड़ी पूरी जानकारी अधोलिखित है :-

पहले दिन मां भगवती के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा की जाती है. दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कूष्माण्डा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन कात्यायनी, सातवें दिन कालरात्रि, आठवे दिन महागौरी और नौवें दिन सिद्धिदात्री के रूप में माता को पूजा जाता है. हर दिन मां के अलग-अलग मंत्रों का उच्चारण करने से मनोकामना पूरी होती है और व्रत सफल होता है. 

img 79591. पहला दिन यानि मां शैलपुत्री:- शैलपुत्री पूजन विधि ( Shailputri Puja Vidhi) :  दुर्गा को मातृ शक्ति यानी स्नेह, करूणा और ममता का स्वरूप मानकर हम पूजते हैं, अत: इनकी पूजा में सभी तीर्थों, नदियों, समुद्रों, नवग्रहों, दिक्पालों, दिशाओं, नगर देवता, ग्राम देवता सहित सभी योगिनियों को भी आमंत्रित किया जाता और और कलश में उन्हें विराजने हेतु प्रार्थना सहित उनका आहवान किया जाता है। नवरात्र पर कलश स्थापना के साथ ही मां दुर्गा की पूजा शुरू की जाती है। पहले दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा होती है. कलश में सप्तमृतिका यानी सात प्रकार की मिट्टी, सुपारी, मुद्रा सादर भेट किया जाता है और पंच प्रकार के पल्लव से कलश को सुशोभित किया जाता है।इस कलश के नीचे सात प्रकार के अनाज और जौ बोये जाते हैं जिन्हें दशमी तिथि को काटा जाता है और इससे सभी देवी-देवता की पूजा होती है।इसे जयन्ती कहते हैं जिसे इस मंत्र के साथ अर्पित किया जाता है “जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी, दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा, स्वधा नामोस्तुते”. इसी मंत्र से पुरोहित यजमान के परिवार के सभी सदस्यों के सिर पर जयंती डालकर सुख, सम्पत्ति एवं आरोग्य का आर्शीवाद देते हैं।

शैलपुत्री पूजन महत्व (Significance of Worshipping Shailputri) :  देवी दुर्गा की प्रतिमा पूजा स्थल पर बीच में स्थापित की जाती है और उनके दोनों तरफ यानी दायीं ओर देवी महालक्ष्मी, गणेश और विजया नामक योगिनी की प्रतिमा रहती है। वहीं बायीं ओर कार्तिकेय, देवी महासरस्वती और जया नामक योगिनी रहती है तथा भगवान भोले नाथ की भी पूजा की जाती है। प्रथम पूजन के दिन “शैलपुत्री” के रूप में भगवती दुर्गा दुर्गतिनाशिनी की पूजा फूल, अक्षत, रोली, चंदन से होती है।

मंत्र: वन्दे वांच्छितलाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम्‌।

      वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्‌ ॥

कलश स्थापना के पश्चात देवी दु्र्गा जिन्होंने दुर्गम नामक प्रलयंकारी अ-सुर का संहार कर अपने भक्तों को उसके त्रास से यानी पीड़ा से मुक्त कराया उस देवी का आह्वान किया जाता है. प्रतिदिन संध्या काल में देवी की आरती होती है. आरती में “जग जननी जय जय” और “जय अम्बे गौरी” के गीत भक्त जन गाते हैं.

img 79612. दूसरा दिन यानि मां ब्रह्मचारिणी: दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. नवरात्र पर्व के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। साधक इस दिन अपने मन को माँ के चरणों में लगाते हैं। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बाएँ हाथ में कमण्डल रहता है।मां दुर्गाजी का यह दूसरा स्वरूप भक्तों और सिद्धों को अनन्तफल देने वाला है। इनकी उपासना से मनुष्य में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है। जीवन के कठिन संघर्षों में भी उसका मन कर्तव्य-पथ से विचलित नहीं होता।मां ब्रह्मचारिणी देवी की कृपा से उसे सर्वत्र सिद्धि और विजय की प्राप्ति होती है। दुर्गा पूजा के दूसरे दिन इन्हीं के स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन ‘स्वाधिष्ठान ’चक्र में शिथिल होता है। इस चक्र में अवस्थित मनवाला योगी उनकी कृपा और भक्ति प्राप्त करता है।

मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा विधि:  देवी ब्रह्मचारिणी जी की पूजा में सर्वप्रथम माता की फूल, अक्षत, रोली, चंदन, से पूजा करें तथा उन्हें दूध, दही, शर्करा, घृत, व मधु से स्नान करायें व देवी को प्रसाद अर्पित करें। प्रसाद के पश्चात आचमन और फिर पान, सुपारी भेंट कर इनकी प्रदक्षिणा करें। कलश देवता की पूजा के पश्चात इसी प्रकार नवग्रह, दशदिक्पाल, नगर देवता, ग्राम देवता, की पूजा करें। देवी की पूजा करते समय सबसे पहले हाथों में एक फूल लेकर प्रार्थना करें-

मंत्र: दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।

      देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

इसके पश्चात् देवी को पंचामृत स्नान करायें और फिर भांति भांति से फूल, अक्षत, कुमकुम, सिन्दुर, अर्पित करें देवी को अरूहूल का फूल व कमल बेहद प्रिय होते हैं अत: इन फूलों की माला पहनायें, घी व कपूर मिलाकर देवी की आरती करें।

“मां ब्रह्मचारिणी का स्रोत पाठ”

तपश्चारिणी त्वंहि तापत्रय निवारणीम्।

ब्रह्मरूपधरा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्॥

शंकरप्रिया त्वंहि भुक्ति-मुक्ति दायिनी।

शान्तिदा ज्ञानदा ब्रह्मचारिणीप्रणमाम्यहम्॥

“मां ब्रह्मचारिणी का कवच” 

त्रिपुरा में हृदयं पातु ललाटे पातु शंकरभामिनी।

अर्पण सदापातु नेत्रो, अर्धरी च कपोलो॥

पंचदशी कण्ठे पातुमध्यदेशे पातुमहेश्वरी॥

षोडशी सदापातु नाभो गृहो च पादयो।

अंग प्रत्यंग सतत पातु ब्रह्मचारिणी।

img 79623.तीसरा दिन यानि मां चंद्रघंटा: तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को पूजा जाता है. नवरात्र का तीसरा दिन भय से मुक्ति और अपार साहस प्राप्त करने का होता है। इस दिन मां के चंद्रघंटा स्वरुप की उपासना की जाती है। इनके सिर पर घंटे के आकार का चंद्रमा है। इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनके दसों हाथों में अ-स्त्र-शस्त्र हैं और इनकी मुद्रा युद्ध की मुद्रा है। मां चंद्रघंटा तंभ साधना में मणिपुर चक्र को नियंत्रित करती है और ज्योतिष में इनका संबंध मंगल ग्रह से होता है।

ऐसे करें पूजा : मां चंद्रघंटा , जिनके माथे पर घंटे के आकार का एक चंद्र होता है. इनकी पूजा करने से शांति आती है, परिवार का कल्याण होता है. मां को लाल फूल चढ़ाएं, लाल सेब और गुड़ चढाएं, घंटा बजाकर पूजा करें, ढोल और नगाड़े बजाकर पूजा और आरती करें, शुत्रुओं की हार होगी। इस दिन गाय के दूध का प्रसाद चढ़ाने का विशेष विधान है। इससे हर तरह के दुखों से मुक्ति मिलती है।

मंत्र:पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता।

     प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥

img 79634. चौथा दिन यानि मां कूष्माण्डा: चौथे दिन मां कूष्माण्डा की पूजा की जाती है.नवरात्र के चौथे दिन मां पारांबरा भगवती दुर्गा के कुष्मांडा स्वरुप की पूजा की जाती है। मान्‍यता ये है कि जब सृष्टि का अ-स्तित्व नहीं था, तब कुष्माण्डा देवी ने ब्रह्मांड की रचना की थी।अपनी मंद-मंद मुस्कान भर से ब्रम्हांड की उत्पत्ति करने के कारण ही इन्हें कुष्माण्डा के नाम से जाना जाता है इसलिए ये सृष्टि की आदि-स्वरूपा, आदिशक्ति हैं। देवी कुष्मांडा का निवास सूर्यमंडल के भीतर के लोक में है जहां निवास कर सकने की क्षमता और शक्ति केवल इन्हीं में है। इनके शरीर की कांति और प्रभा सूर्य के समान ही अलौकिक हैं।माता के तेज और प्रकाश से दसों दिशाएं प्रकाशित होती हैं ब्रह्मांड की सभी वस्तुओं और प्राणियों में मौजूद तेज मां कुष्मांडा की छाया है। मां कुष्‍माण्‍डा की आठ भुजाएं हैं। इसलिए मां कुष्मांडा को अष्टभुजा देवी के नाम से भी जाना जाता हैं। इनके सात हाथों में क्रमशः कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा है। आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जपमाला है। मां सिंह के वाहन पर सवार रहती हैं।

मंत्र: सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।

      दधाना हस्तपद्माभ्यां कुष्मांडा शुभदास्तु मे॥

img 79645. पांचवां दिन यानि मां स्कंदमाता :नवरात्र का पांचवां दिनस्कंदमाता की उपासना का दिन होता है। मोक्ष के द्वार खोलने वाली माता परम सुखदायी हैं। माँ अपने भक्तों की समस्त इच्छाओं की पूर्ति करती हैं। भगवान स्कंद ‘कुमार कार्तिकेय’ नाम से भी जाने जाते हैं। ये प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे। पुराणों में इन्हें कुमार और शक्ति कहकर इनकी महिमा का वर्णन किया गया है। इन्हीं भगवान स्कंद की माता होने के कारण माँ दुर्गाजी के इस स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है।स्कंदमाता की चार भुजाएं हैं। इनके दाहिनी तरफ की नीचे वाली भुजा, जो ऊपर की ओर उठी हुई है, उसमें कमल पुष्प है। बाईं तरफ की ऊपर वाली भुजा में वरमुद्रा में तथा नीचे वाली भुजा जो ऊपर की ओर उठी है उसमें भी कमल पुष्प ली हुई हैं। इनका वर्ण पूर्णत: शुभ्र है। ये कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं। इसी कारण इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है। सिंह इनका भी वाहन है।

स्कन्दमाता की पूजा विधि : कुण्डलिनी जागरण के उद्देश्य से जो साधक दुर्गा मां की उपासना कर रहे हैं उनके लिए दुर्गा पूजा का यह दिन विशुद्ध चक्र की साधना का होता है। इस चक्र का भेदन करने के लिए साधक को पहले मां की विधि सहित पूजा करनी चाहिए। पूजा के लिए कुश अथवा कम्बल के पवित्र आसन पर बैठकर पूजा प्रक्रिया को उसी प्रकार से शुरू करना चाहिए जैसे आपने अब तक के चार दिनों में किया है फिर इस मंत्र से देवी की प्रार्थना करनी चाहिए।

मंत्र: सिंहसनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।

      शुभदास्तु सदा देवी स्कंदमाता यशस्विनी॥

अब पंचोपचार विधि से देवी स्कन्दमाता की पूजा कीजिए। नवरात्रे की पंचमी तिथि को कहीं कहीं भक्त जन उद्यंग ललिता का व्रत भी रखते हैं। इस व्रत को फलदायक कहा गया है। जो भक्त देवी स्कन्द माता की भक्ति-भाव सहित पूजन करते हैं उसे देवी की कृपा प्राप्त होती है। देवी की कृपा से भक्त की मुराद पूरी होती है और घर में सुख, शांति एवं समृद्धि रहती है।

स्कन्दमाता की मंत्र:

सिंहासना गता नित्यं पद्माश्रि तकरद्वया ।

शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ।।

या देवी सर्वभू?तेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता। 

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

img 79656.छठवां दिन यानि मां कात्यायनी:मां दुर्गा के छठे स्वरूप का नाम कात्यायनी है। उस दिन साधक का मन ‘आज्ञा’ चक्र में स्थित होता है। योगसाधना में इस आज्ञा चक्र का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। इस चक्र में स्थित मन वाला साधक माँ कात्यायनी के चरणों में अपना सर्वस्व निवेदित कर देता है। परिपूर्ण आत्मदान करने वाले ऐसे भक्तों को सहज भाव से मां के दर्शन प्राप्त हो जाते हैं।

मां कात्यायनी का स्वरूप : मां कात्यायनी का स्वरूप अत्यन्त दिव्य और स्वर्ण के समान चमकीला है। यह अपनी प्रिय सवारी सिंह पर विराजमान रहती हैं। इनकी चार भुजायें भक्तों को वरदान देती हैं, इनका एक हाथ अभय मुद्रा में है, तो दूसरा हाथ वरदमुद्रा में है अन्य हाथों में तलवार और कमल का फूल है।देवी कात्यायनी अमोद्य फलदायिनी हैं इनकी पूजा अर्चना द्वारा सभी संकटों का नाश होता है, मां कात्यायनी दानवों तथा पापियों का नाश करने वाली हैं। मान्यता के अनुसार देवी कात्यायनी जी के पूजन से भक्त के भीतर अद्भुत शक्ति का संचार होता है। भक्त को माता के पूजन द्वारा सहजभाव से मां कात्यायनी के दर्शन प्राप्त होते हैं। साधक इस लोक में रहते हुए अलौकिक तेज से युक्त रहता है।

मां कात्यायनी की पूजा विधि : नवरात्रों के छठे दिन मां कात्यायनी की सभी प्रकार से विधिवत पूजा अर्चना करनी चाहिए फिर मां का आशीर्वाद लेना चाहिए और साधना में बैठना चाहिए। इस प्रकार जो साधक प्रयास करते हैं उन्हें भगवती कात्यायनी सभी प्रकार के भय से मुक्त करती हैं. मां कात्यायनी की भक्ति से धर्म, अर्थ, कर्म, काम, मोक्ष की प्राप्ति होती है। पूजा की विधि शुरू करने पर हाथों में फूल लेकर देवी को प्रणाम कर देवी के मंत्र का ध्यान किया जाता है. देवी की पूजा के पश्चात महादेव और परम पिता की पूजा करनी चाहिए. श्री हरि की पूजा देवी लक्ष्मी के साथ ही करनी चाहिए।

मंत्र:चंद्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।

     कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी॥

चढावा– षष्ठी तिथि के दिन देवी के पूजन में मधु का महत्व बताया गया है। इस दिन प्रसाद में मधु यानि शहद का प्रयोग करना चाहिए।

मनोकामना– मां कात्यायनी अमोघ फलदायिनी मानी गई हैं। शिक्षा प्राप्ति के क्षेत्र में प्रयासरत भक्तों को माता की अवश्य उपासना करनी चाहिए।

मनोवान्छित वर की प्राप्ति :माना जाता है कि जिन कन्याओं के विवाह मे विलम्ब हो रहा हो, उन्हे इस दिन माँ कात्यायनी की उपासना अवश्य करनी चाहिए, जिससे उन्हें मनोवान्छित वर की प्राप्ति होती है।

विवाह के लिए कात्यायनी मन्त्र- 

ऊॅं कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि ! नंदगोपसुतम् देवि पतिम् मे कुरुते नम:।’

img 79667. सातवां दिन यानि मां कालरात्रि:नवरात्रि के सातवें दिन होती है मां कालरात्रि की पूजा। मां कालरात्रि को यंत्र, मंत्र और तंत्र की देवी कहा जाता है। कहा जाता है कि देवी दुर्गा ने रक्तबीज का वध करने के लिए कालरात्रि को अपने तेज से उत्पन्न किया था। इनकी उपासना से प्राणी सर्वथा भय मुक्त हो जाता है।ऐसा है मां का स्वरूप: इनके शरीर का रंग काला है। मां कालरात्रि के गले में नरमुंड की माला है। कालरात्रि के तीन नेत्र हैं और उनके केश खुले हुए हैं। मां गर्दभ  की सवारी करती हैं। मां के चार हाथ हैं एक हाथ में कटार और एक हाथ में लोहे का कांटा है।

मंत्र: 

    ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।

     दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तु ते।।

     जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतार्तिहारिणि।                    

     जय सर्वगते देवि कालरात्रि नमोस्तु ते।।

– धां धीं धूं धूर्जटे: पत्नी वां वीं वूं वागधीश्वरी

क्रां क्रीं क्रूं कालिका देवि शां शीं शूं मे शुभं कुरु।

बीज मंत्र :  ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ( तीन, सात या ग्यारह माला करें)

कालरात्रि पूजा विधि  :  सप्तमी की पूजा अन्य दिनों की तरह ही होती परंतु रात्रि में विशेष विधान के साथ देवी की पूजा की जाती है। इस दिन कहीं कहीं तांत्रिक विधि से पूजा होने पर मदिरा भी देवी को अर्पित कि जाती है। सप्तमी की रात्रि ‘सिद्धियों’ की रात भी कही जाती है। पूजा विधान में शास्त्रों में जैसा वर्णित हैं उसके अनुसार पहले कलश की पूजा करनी चाहिए।

नवग्रह, दशदिक्पाल, देवी के परिवार में उपस्थित देवी देवता की पूजा करनी चाहिए फिर मां कालरात्रि की पूजा करनी चाहिए। दुर्गा पूजा में सप्तमी तिथि का काफी महत्व बताया गया है। इस दिन से भक्त जनों के लिए देवी मां का दरवाज़ा खुल जाता है और भक्तगण पूजा स्थलों पर देवी के दर्शन हेतु पूजा स्थल पर जुटने लगते हैं।

मनोकामना: मां की इस तरह की पूजा से मृत्यु का भय नहीं सताता। देवी का यह रूप ऋद्धि- सिद्धि प्रदान करने वाला है। देवी भगवती के प्रताप से सब मंगल ही मंगल होता है।

img 79678.आठवां दिन यानि मां महागौरी: नवरात्र के आठवें दिन आठवीं दुर्गा यानि की महागौरी की पूजा अर्चना और आराधना की जाती है। कहते हैं अपनी कठीन तपस्या से मां ने गौर वर्ण प्राप्त किया था। तभी से इन्हें उज्जवला स्वरूपा महागौरी, धन ऐश्वर्य प्रदायिनी, चैतन्यमयी त्रैलोक्य पूज्य मंगला, शारीरिक मानसिक और सांसारिक ताप का हरण करने वाली माता महागौरी का नाम दिया गया। 

श्वेते वृषे समरूढा श्वेताम्बराधरा शुचिः। 

महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा ।।

मां महागौरी की पूजा करने से मन पवित्र हो जाता है और भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन षोडशोपचार पूजन किया जाता है। मां की कृपा से अलौकिक सिद्धियों की प्राप्ति होती है। देवी महागौरी का अत्यंत गौर वर्ण हैं। इनके वस्त्र और आभूषण सफेद हैं। इनकी चार भुजाएं हैं। महागौरी का वाहन बैल है। देवी के दाहिने ओर के ऊपर वाले हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले हाथ में त्रिशूल है। बाएं ओर के ऊपर वाले हाथ में डमरू और नीचे वाले हाथ में वर मुद्रा है।

पूजन विधि इस प्रकार है : सबसे पहले गंगा जल से शुद्धिकरण करके देवी मां महागौरी की प्रतिमा या तस्वीर चौकी पर स्थापित करें। इसके बाद चौकी पर चांदी, तांबे या मिट्टी के घड़े में जल भरकर उस पर नारियल रखकर कलश स्थापना करें। उसी चौकी पर श्रीगणेश, वरुण, नवग्रह, षोडश मातृका (16 देवी), सप्त घृत मातृका(सात सिंदूर की बिंदी लगाएं) की स्थापना भी करें।इसके बाद व्रत, पूजन का संकल्प लें और वैदिक एवं सप्तशती मंत्रों द्वारा माता महागौरी सहित समस्त स्थापित देवताओं की षोडशोपचार पूजा करें। इसमें आवाहन, आसन, पाद्य, अध्र्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, बिल्वपत्र, आभूषण, पुष्प-हार, सुगंधित द्रव्य, धूप-दीप, नैवेद्य, फल, पान, दक्षिणा, आरती, प्रदक्षिणा, मंत्र पुष्पांजलि आदि करें। इस दिन माता दुर्गा को नारियल का भोग लगाएं और नारियल का दान भी करें।

मां महागौरी का उपासना मंत्र: 

श्वेते वृषे समारुढ़ा, श्वेताम्बरधरा शुचिः।

महागौरीं शुभं दद्यान्महादेवप्रमोदया।।

img 79689.नौवां दिन यानि मां सिद्धिदात्री :-नवरात्रि के नौवें और आखिरी दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मां दुर्गा की नौवीं शक्ति देवी सिद्धिदात्री की पूजा करने से भक्तों को सारी सिद्धियां प्राप्त होती हैं। देवी सिद्धिदात्री को मां सरस्वती का भी एक रूप माना जाता है क्योंकि माता अपने सफेद वस्त्र एवं अलंकार से सुसज्जित अपने भक्तों को महाज्ञान एवं मधुर स्वर से मन्त्र-मुग्ध करती है। सिद्धिदात्री मां की पूजा के बाद ही अगले दिन दशहरा त्योहार मनाया जाता है।

देवी सिद्धिदात्री का रूप अत्यंत सौम्य है, देवी की चार भुजाएं हैं। दाईं भुजा में माता ने चक्र और गदा धारण किया है और बांई भुजा में शंख और कमल का फूल है। मां सिद्धिदात्री कमल आसन पर विराजमान रहती हैं, मां की सवारी सिंह हैं। मां की आराधना वाले इस दिन को रामनवमी भी कहा जाता है और शारदीय नवरात्रि के अगले दिन अर्थात दसवें दिन को रावण पर राम की विजय के रूप में मनाया जाता है।

ऐसे करें पूजा:  इस दिन माता सिद्धिदात्री को नवाह्न प्रसाद, नवरस युक्त भोजन, नौ प्रकार के पुष्प और नौ प्रकार के ही फल अर्पित करने चाहिए। सर्वप्रथम कलश की पूजा व उसमें स्थपित सभी देवी-देवताओ का ध्यान करना चाहिए। इसके पश्चात माता के मंत्रो का जाप कर उनकी पूजा करनी चाहिए। इस दिन नौ कन्याओं को घर में भोग लगाना चाहिए। नव-दुर्गाओं में सिद्धिदात्री अंतिम है तथा इनकी पूजा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। कन्याओं की आयु दो वर्ष से ऊपर और 10 वर्ष तक होनी चाहिए और इनकी संख्या कम से कम 9 तो होनी ही चाहिए। यदि 9 से ज्यादा कन्या भोज पर आ रही है तो कोई आपत्ति नहीं है।इस तरह से की गई पूजा से माता अपने भक्तों पर तुरंत प्रसन्न होती है। भक्तों को संसार में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन भक्तों को अपना सारा ध्यान निर्वाण चक्र की ओर लगाना चाहिए। यह चक्र हमारे कपाल के मध्य में स्थित होता है। ऐसा करने से भक्तों को माता सिद्धिदात्री की कृपा से उनके निर्वाण चक्र में उपस्थित शक्ति स्वतः ही प्राप्त हो जाती है।

मंत्र: सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।

     सेव्यमाना सदा भूयाात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।।

देवी का बीज मंत्र :

ऊॅं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे नमो नमः ।।

मां सिद्धदात्री की पूजा में हवन करने के लिए दुर्गा सप्तशती के सभी श्लोकों का प्रयोग किया जा सकता है।

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जय माता की

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