🔱 वैदिक पंचांग 05 जनवरी 2026 | आज का पंचांग, संकष्ट चतुर्थी व्रत, मंगल देव ऋण मुक्ति उपाय, 5 जनवरी जन्मदिन विशेष और वर्ष 2026 का संपूर्ण राशिफल
भारतीय सनातन धर्म में पंचांग केवल दिन-तिथि बताने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जीवन के हर निर्णय का आधार माना गया है। विवाह, गृह प्रवेश, यात्रा, व्रत-उपवास, पूजन, व्यापारिक कार्य या कोई भी शुभ कार्य पंचांग देखकर ही किया जाता है।
आइए जानते हैं 05 जनवरी 2026, सोमवार का संपूर्ण वैदिक पंचांग विस्तार से।
🌞 आज का पंचांग – 05 जनवरी 2026 (सोमवार)
दिनांक: 05 जनवरी 2026 वार: सोमवार विक्रम संवत: 2082 शक संवत: 1947 अयन: दक्षिणायन ऋतु: शिशिर ऋतु मास: माघ मास (गुजरात एवं महाराष्ट्र में पौष मास) पक्ष: कृष्ण पक्ष
सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दिन शिव पूजन, रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना जाता है।
🌙 तिथि का पूर्ण विवरण
कृष्ण द्वितीया: प्रातः 09:56 बजे तक कृष्ण तृतीया: 09:56 बजे के बाद प्रारंभ
👉 द्वितीया तिथि को संयम, सात्त्विक भोजन और नियमों का पालन करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है।
⭐ नक्षत्र का विस्तृत प्रभाव
पुष्य नक्षत्र: दोपहर 01:25 बजे तक अश्लेशा नक्षत्र: इसके बाद
पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। यह धन, स्थिरता, नौकरी, निवेश और दीर्घकालीन योजनाओं के लिए अत्यंत शुभ होता है।
अश्लेशा नक्षत्र में गुप्त शत्रुओं से सावधान रहना चाहिए।
🧘 योग का प्रभाव
विष्कंभ योग: रात्रि 10:47 बजे तक प्रीति योग: इसके बाद
विष्कंभ योग में धैर्य और संयम आवश्यक होता है। प्रीति योग प्रेम, सौहार्द और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है।
⏰ शुभ एवं अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 08:39 से 10:01 तक सूर्योदय: 07:18 सूर्यास्त: 06:09
👉 राहुकाल में कोई भी नया या शुभ कार्य शुरू नहीं करना चाहिए।
🧭 दिशाशूल का महत्व
दिशाशूल: पूर्व दिशा
पूर्व दिशा में यात्रा से बचें। यदि अत्यंत आवश्यक हो तो यात्रा से पूर्व दही या गुड़ का सेवन करें।
🚩 व्रत, पर्व एवं धार्मिक नियम
📖 द्वितीया तिथि का निषेध
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार द्वितीया तिथि को
बृहती (छोटा बैंगन / कटेहरी) का सेवन वर्जित है।
📜 संदर्भ:
ब्रह्मवैवर्त पुराण – ब्रह्म खंड (27.29–34)
🌷 संकष्ट चतुर्थी व्रत – 06 जनवरी 2026 (मंगलवार)
➡️ 06 जनवरी 2026, मंगलवार को संकष्ट चतुर्थी का पावन व्रत रखा जाएगा।
चंद्र दर्शन: रात्रि 09:07 बजे
यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित है और विशेष रूप से
✔ संकट निवारण
✔ मनोकामना पूर्ति
✔ ऋण एवं आर्थिक बाधा नाश
के लिए किया जाता है।
🕉️ संकष्ट चतुर्थी पूजन विधि (विस्तार से)
प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें गणपति जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें दूर्वा, मोदक, लाल पुष्प अर्पित करें दिन भर उपवास रखें रात्रि में चंद्र दर्शन करें चंद्रमा को जल अर्पित करें गणपति मंत्रों का जप करें
📿 जप मंत्र
ॐ गं गणपते नमः ॐ सोमाय नमः
🔴 मंगलवार चतुर्थी – ऋण मुक्ति का महा उपाय
चतुर्थी काल:
06 जनवरी 2026 प्रातः 08:01
से
07 जनवरी 2026 प्रातः 06:52 तक
👉 इस विशेष योग में मंगल देव की पूजा करने से
कर्ज से राहत नौकरी व व्यापार में स्थिरता साहस और आत्मबल में वृद्धि होती है।
🔥 मंगल देव के 21 नाम (पूर्ण पाठ)
(पूर्ण रूप से बिना किसी कटौती के)
ॐ मंगलाय नमः ॐ भूमि पुत्राय नमः ॐ ऋण हर्त्रे नमः ॐ धन प्रदाय नमः ॐ स्थिर आसनाय नमः ॐ महाकायाय नमः ॐ सर्व कामार्थ साधकाय नमः ॐ लोहिताय नमः ॐ लोहिताक्षाय नमः ॐ साम गानाम कृपा करे नमः ॐ धरात्मजाय नमः ॐ भुजाय नमः ॐ भौमाय नमः ॐ भुमिजाय नमः ॐ भूमि नन्दनाय नमः ॐ अंगारकाय नमः ॐ यमाय नमः ॐ सर्व रोग प्रहाराकाय नमः ॐ वृष्टि कर्ते नमः ॐ वृष्टि हराते नमः ॐ सर्व कामा फल प्रदाय नमः
🌾 मंगल देव अर्घ्य मंत्र (अर्थ सहित)
भूमि पुत्रो महा तेजा
कुमारो रक्त वस्त्रका
ग्रहण अर्घ्यं मया दत्तम
ऋणम शान्तिं प्रयाक्ष्मे
अर्थ:
हे भूमि पुत्र मंगल देव! आप महातेजस्वी हैं। मेरा अर्घ्य स्वीकार करें और मुझे ऋण से शांति प्रदान करें।
🎂 05 जनवरी जन्मदिन विशेष (अंक ज्योतिष)
यदि आपका जन्म 5 जनवरी को हुआ है तो आप अत्यंत भाग्यशाली माने जाते हैं।
मूलांक: 5 आप आकर्षक व्यक्तित्व के स्वामी होते हैं कला, साहित्य और ज्ञान में रुचि रखते हैं लोगों को सहज ही अपना बना लेते हैं परिवर्तन को स्वीकार करना आपके लिए कठिन होता है
🔮 आपके लिए शुभ
शुभ तिथि: 1, 5, 7, 14, 23 शुभ अंक: 1, 2, 3, 5, 9, 32, 41, 50 शुभ वर्ष: 2030, 2032, 2034, 2050, 2052, 2059 ईष्ट देव: महालक्ष्मी, गणेश जी, माँ अम्बे शुभ रंग: हरा, गुलाबी, जामुनी, क्रीम
🌹 वर्ष 2026 का संपूर्ण वार्षिक राशिफल (पूर्ण विवरण)
♈ मेष राशि
संघर्ष के बाद सफलता। धैर्य रखें, वर्ष के अंत में सम्मान मिलेगा।
♉ वृष राशि
आर्थिक उन्नति, संपत्ति लाभ और सामाजिक प्रतिष्ठा।
♊ मिथुन राशि
मानसिक दबाव, स्वास्थ्य खर्च संभव। संयम रखें।
♋ कर्क राशि
सुख, संतुलन और पारिवारिक खुशहाली।
♌ सिंह राशि
निर्णयों में सावधानी रखें। आत्मविश्वास बनाए रखें।
♍ कन्या राशि
मान-सम्मान बढ़ेगा। संतान सुख प्राप्त होगा।
♎ तुला राशि
व्यापारिक विस्तार, दांपत्य सुख।
♏ वृश्चिक राशि
परिश्रम से सफलता, खर्च नियंत्रण जरूरी।
♐ धनु राशि
स्वास्थ्य पर ध्यान दें। वर्षांत में सुधार।
♑ मकर राशि
धन लाभ, उन्नति और भौतिक सुख।
♒ कुंभ राशि
मिश्रित परिणाम, मध्य वर्ष के बाद राहत।
♓ मीन राशि
लाभ, सम्मान और धार्मिक रुचि।



