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Horoscope Today: October 16 2023॥Aaj Ka Rashifal 16 October 2023

माँ ब्रह्मचारिणीHoroscope Today: Astrological prediction for 16 October 2023

Ketu Transit 2023: The Game Changer of Destiny!

Navratri 2023 complete details with mantra, puja vidhi and details

वैदिक पंचांग

दिनांक – 16 अक्टूबर 2023

दिन – सोमवार

विक्रम संवत – 2080 (गुजरात – 2079)

शक संवत -1945

अयन – दक्षिणायन

ऋतु – शरद ॠतु

मास – आश्विन

पक्ष – शुक्ल

तिथि – द्वितीया 17 अक्टूबर रात्रि 01:13 तक तत्पश्चात तृतीया

नक्षत्रस्वाती शाम 07:35 तक तत्पश्चात विशाखा

योगविष्कंभ सुबह 10:04 तक तत्पश्चात प्रीति

राहुकाल – सुबह 08:02 से सुबह 09:29 तक

सूर्योदय-06:3

सूर्यास्त- 18:12

दिशाशूल– पूर्व दिशा में

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभाशीष

दिनांक 16 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति अपने आप में कई विशेषता लिए होते हैं। यह अंक वरूण ग्रह से संचालित होता है। आप खुले दिल के व्यक्ति हैं। आपकी प्रवृत्ति जल की तरह होती है। जिस तरह जल अपनी राह स्वयं बना लेता है वैसे ही आप भी तमाम बाधाओं को पार कर अपनी मंजिल पाने में कामयाब होते हैं। आप पैनी नजर के होते हैं। किसी के मन की बात तुरंत समझने की आपमें दक्षता होती है।

शुभ दिनांक : 7, 16, 25

शुभ अंक : 7, 16, 25, 34

शुभ वर्ष : 2023

ईष्टदेव : भगवान शिव तथा विष्णु

शुभ रंग : सफेद, पिंक, जामुनी, मेहरून

कैसा रहेगा यह वर्ष

आपके कार्य में तेजी का वातावरण रहेगा। आपको प्रत्येक कार्य में जुटकर ही सफलता मिलेगी। व्यापार-व्यवसाय की स्थिति उत्तम रहेगी। अधिकारी वर्ग का सहयोग मिलेगा। नौकरीपेशा व्यक्तियों के लिए समय सुखकर रहेगा। नवीन कार्य-योजना शुरू करने से पहले केसर का लंबा तिलक लगाएं व मंदिर में पताका चढ़ाएं।

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope)

आज का दिन दांपत्य जीवन जी रहे लोगो के लिए खुशनुमा रहने वाला है। आपकी कुछ योजनाओं को गति मिलेगी। मित्रों के साथ यदि किसी बात को लेकर अनबन चल रही थी, तो वह भी दूर होगी। कार्यक्षेत्र में आपका कोई सहयोगी आपके बनते कामों में आपकी मदद करेगा, जिससे आप किसी काम को समय से पहले पूरा करके देंगे। प्रेम व सहयोग की भावना को बल मिलेगा। सबको साथ लेकर चलने की कोशिश में आप कामयाब रहेंगे। आप अपनी सुख सुविधाओं को कुछ वस्तुओं के खरीददारी पर भी अच्छा खासा धन व्यय करेंगे।

वृष दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए सावधान रहने के लिए रहेगा। आप पूरी मेहनत करेंगे, तभी आपको सफलता मिलेगी। आप किसी प्रलोभन में ना आएं। खर्चों पर आपका पूरा ध्यान रहेगा। व्यापार कर रहे लोगों के लिए दिन सामान्य रहेगा। आपकी कुछ नए लोगों से मुलाकात होगी। आपको अपने अनुभवी व्यक्तियो की बातों पर पूरा ध्यान देना होगा। संतान से आप किसी किए हुए वादे को पूरा अवश्य करें, नहीं तो समस्या हो सकती है। कुछ विरोधी आपको परेशान करने की कोशिश करेंगे।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए धन संबंधित मामलों में अच्छा रहने वाला है। किसी सरकारी काम में आप उसके नीति व नियमों पर पूरा ध्यान दें, नहीं तो समस्या हो सकती है। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई हर्षवर्धन सूचना मिलेगी। आप किसी बड़े लक्ष्य के प्रति समर्पित रहेंगे। आपके चारों ओर का वातावरण उत्सव जैसा रहेगा। करीबियों का आपको पूरा साथ मिलेगा। घूमने फिरने के दौरान आपको कोई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती है। आपके बौद्धिक प्रयास सफल रहेंगे। कुछ महत्वपूर्ण विषय में आप किसी अजनबी पर भरोसा ना करें।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए सामान्य रहने वाला है। परिवार में आपके करीबी आपके पास रहेंगे और भावनात्मक विषयों में आपको धैर्य बनाए रखना होगा। धर्म-कर्म के कार्यों में आप बढ चढ़कर हिस्सा लेंगे। रक्त संबंधी रिश्तों में मजबूती आएगी। किसी कानूनी मामले में आपको किसी अनुभवी व्यक्ति से सलाह मशवरे की आवश्यकता होगी। यदि आपका कोई काम आपने कल पर टाला, तो उससे आपको कोई नुकसान हो सकता है। दूरसंचार के साधनों में वृद्धि होगी। आप किसी से वाद विवाद में ना पड़ें।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहने वाला है। व्यवसाय में सफलता मिलेगी और सामाजिक क्षेत्रो में कार्यरत लोग कुछ नये लोगों से मेलजोल बढ़ाने में कामयाब रहेंगे। यदि आप किसी काम के पूरा होने से थोड़ा परेशान थे, तो वह पूरा हो सकता है। सबको साथ लेकर चलने की कोशिश में आप कामयाब रहेंगे। भाईचारा मजबूत रहेगा। बड़ों से आप किसी बात के लिए जिद्द व बहसबाजी ना करें। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को अपनी मेहनत से कोई कसर नहीं छोड़नी है। बिजनेस में आपको अच्छी सफलता मिलती दिख रही है।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए वाणी व व्यवहार में मधुरता लेकर आने वाला है। आप अपने भावनाओं पर नियंत्रण बनाए रखें, नहीं तो समस्या हो सकती है। कुछ नहीं लोगों से मिलजुल बढ़ाने में आप कामयाब रहेंगे। आपके घर किसी अतिथि का आगमन होने से आपकी खुशी दुगनी होगी। जो लोग नौकरी के साथ-साथ किसी दूसरी में ट्राई कर रहे थे, तो उनकी वह ईच्छा भी पूरी होगी। परिवार में यदि सदस्यो में किसी बात को लेकर आपसी वाद विवाद चल रहा था, तो वह भी समाप्त होगा।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए खुशनुमा रहने वाला है। आपके किसी परिजन के घर किसी शुभ व मांगलिक कार्यक्रम का आयोजन हो सकता है, जिसमें परिजनों का आना-जाना लगा रहेगा। रचनात्मक कार्यों के प्रति आपका रुझान बढ़ेगा। मान सम्मान में वृद्धि होने से आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। व्यापार को आप नवीनता ला सकें तो आपके लिए बेहतर रहेगा। किसी से आज धन उधार लेने से बचे, नहीं तो समस्या हो सकती है। प्रशासन के कार्य में आपको तेजी दिखानी होगी। आपकी किसी पुरानी योजना को लेकर आप थोड़ा परेशान रहेंगे।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए काम के मामले में थोड़ा धीरे रहने वाला है। बड़ों की सलाह पर चलकर आप अच्छा नाम कमाएंगे। आवश्यक कार्यों में आपको धैर्य दिखाना होगा। आप सबको जोड़ने की कोशिश में कामयाब रहेंगे। सहयोग की भावना आपके मन में बनी रहेगी। आपको अपने किसी परिजन से किए हुए वादे को पूरा करना होगा। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई निराशाजनक सूचना को मिल सकती है। आपके सहयोगी आपके काम में हाथ बटाएंगे, लेकिन फिर भी आप थोड़ा परेशान रहेंगे। आपको किसी पुराने किए गए निवेश से अच्छा लाभ मिलेगा।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए ऊर्जावान रहने वाला है। आपके अंदर एक्स्ट्रा एनर्जी रहने के कारण आप थोड़ा परेशान रहेंगे। कारोबार में तेजी आएगी। प्रतिस्पर्धा का भाव आपके मन में बना रहेगा। आप अपने कार्यों को संभाल कर पूरा करें, नहीं तो समस्या हो सकती है। आपके कुछ विरोधी आपको परेशान करने की कोशिश करेंगे, जिनसे आपको बचना होगा। माता-पिता के आशीर्वाद से आप जीवनसाथी के लिए किसी छोटे-मोटे काम की शुरुआत करा सकते हैं। विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई लिखाई पर पूरा फोकस बनाए रखना होगा।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए कला व कौशल में सुधार लेकर आएगा। प्रशासन के कार्य में आज तेजी आएगी। यदि आपका कुछ मंदा चल रहा था, तो वह भी गति पकड़ सकता है। आप अपने घर की पूजा पाठ व भजन कीर्तन आदि को करा सकते हैं। कुछ विरोधी आप पर हावी होने की कोशिश करेंगे, जिनसे आपको बचना होगा। विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के मार्ग प्रशस्त होंगे। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी करने को मिल सकती है।

कुंभ दैनिक राशिफल (Aquarius Daily Horoscope)

आज का दिन आपकी साख व सम्मान में वृद्धि लेकर आने वाला है और आपकी कुछ महत्वपूर्ण योजनाएं आज पूरी हो सकती हैं। आपको कारोबार में किसी काम में ढील नहीं देनी है, नहीं तो वह आपके लिए समस्या लेकर आ सकती है। आपको एक से अधिक स्रोतों से आय प्राप्त होगी। आपकी कुछ नई योजनाओं की शुरुआत हो सकती है। मित्रों के साथ आप कुछ समय मौज-मस्ती करने में व्यतीत करेंगे। आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope)

आज का दिन सामाजिक क्षेत्रों में कार्यरत लोगों के लिए अच्छा रहने वाला है। आज किसी से कोई समझौता न करें, नहीं तो इससे आपकी छवि पर आंच आ सकती है। स्वास्थ्य में चल रही समस्याओं को लेकर आपको कोई बड़ा एक्शन लेना पड़ सकता है। वरिष्ठ सदस्यों का सहयोग व सानिध्य आपको भरपूर मात्रा में मिलेगा। कारोबार में आपको कोई बड़ी उपलब्धि मिलने से आपकी प्रसन्नता का ठिकाना नहीं रहेगा। जो लोग कामकाज की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं, उन्हें भी कोई अच्छा अवसर हाथ लग सकता है|

🙏जय श्री राम 🙏

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Horoscope Today: October 15 2023॥Aaj Ka Rashifal 15 October 2023

Horoscope Today: Astrological prediction for 15 October 2023

Navratri 2023 संपूर्ण जानकारी मंत्रएवं पूजा विधि

वैदिक पंचांग

दिनांक – 15 अक्टूबर 2023

दिन – रविवार

विक्रम संवत – 2080 (गुजरात – 2079)

शक संवत -1945

अयन – दक्षिणायन

ऋतुशरद ॠतु

मास – आश्विन

पक्ष – शुक्ल

तिथि – प्रतिपदा रात्रि 12:32 तक तत्पश्चात द्वितीया

नक्षत्र – चित्रा शाम 06:13 तक तत्पश्चात स्वाती

योग – वैधृति सुबह 10:25 तक तत्पश्चात विष्कंभ

राहुकाल – शाम 04:47 से शाम 06:15 तक

सूर्योदय-06:35

सूर्यास्त- 18:13

दिशाशूल- पश्चिम दिशा में

व्रत पर्व विवरण – आश्विन– शारदीय नवरात्र प्रारंभ,घट-स्थापना,मातामह श्राद्ध

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभाशीष

दिनांक 15 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 6 होगा। आपमें गजब का आत्मविश्वास है। इसी आत्मविश्वास के कारण आप किसी भी परिस्थिति में डगमगाते नहीं है। आपको सुगंध का शौक होगा। इस अंक से प्रभावित व्यक्ति आकर्षक, विनोदी, कलाप्रेमी होते हैं। आप अपनी महत्वाकांक्षा के प्रति गंभीर होते हैं। 6 मूलांक शुक्र ग्रह द्वारा संचालित होता है।

अत: शुक्र से प्रभावित बुराई भी आपमें पाई जा सकती है। जैसे स्त्री जाति के प्रति आपमें सहज झुकाव होगा। अगर आप स्त्री हैं तो पुरुषों के प्रति आपकी दिलचस्पी होगी। लेकिन आप दिल के बुरे नहीं है।

शुभ दिनांक : 6, 15, 24

शुभ अंक : 6, 15, 24, 33, 42, 51, 69, 78

शुभ वर्ष : 2022, 2026

ईष्टदेव : मां सरस्वती, महालक्ष्मी

शुभ रंग : क्रीम, सफेद, लाल, बैंगनी

कैसा रहेगा यह वर्ष

नौकरीपेशा व्यक्ति अपने परिश्रम के बल पर उन्नति के हकदार होंगे। बैक परीक्षाओं में भी सफलता अर्जित करेंगे। दाम्पत्य जीवन में मिली जुली स्थिति रहेगी। आर्थिक मामलों में सभंलकर चलना होगा। लेखन संबंधी मामलों के लिए उत्तम होती है। जो विद्यार्थी सीए की परीक्षा देंगे उनके लिए शुभ रहेगा। व्यापार-व्यवसाय में भी सफलता रहेगी। विवाह के योग भी बनेंगे। स्त्री पक्ष का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए लेनदेन के मामले में अच्छा रहने वाला है। आपको किसी काम को लेकर यदि कोई चिंता सता रही थी, तो आपकी वह चिंता भी दूर होगी। आप अपने खर्चों को लेकर थोड़ा परेशान रहेंगे। यदि आप परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर किसी नई योजना को लेकर बातचीत कर सकते हैं। आपके कुछ विरोधी आपको कोई नुकसान पहुंचा सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आप किसी पर आंख मूंद कर भरोसा ना करें, नहीं तो वह आपके उस भरोसे को तोड़ सकता है।

वृष दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए मेहनत से काम करने के लिए रहेगा। बिजनेस कर रहे लोग अपनी मेहनत में कोई कसर ना छोड़ें, तभी उनके सभी काम पूरे होंगे। सोच समझकर आगे बढ़ना होगा। माता-पिता से आप अपने मन की किसी इच्छा को जाहिर कर सकते हैं। आपकी किसी पुरानी रुकी हुई डील से आपको अच्छा लाभ मिलेगा। यदि आपने किसी से धन उधार लिया था, तो आपको उसे समय रहते चुकाना होगा। आपके आपसी रिश्तों में दरार पैदा हो सकती हैं। कार्यक्षेत्र में अधिकारी आपकी जिम्मेदारियों को बढ़ा सकते हैं।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए कला व कौशल में सुधार लेकर आएगा। रोजगार की तलाश में दर-दर भटक रहे लोगों को कोई शुभ सूचना सुनने को मिल सकती है। आपको उम्मीद से ज्यादा धन मिलने से आप अपने व्यर्थ के खर्चों को बढ़ा सकते हैं। आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। संतान को संस्कारों व परंपराओं का पाठ पढ़ाएंगे, नहीं तो वह किसी गलत राह पर भटक सकते हैं। मामा पक्ष से आपको धन लाभ मिलता दिख रहा है। अध्ययन व आध्यात्मिक के प्रति आपकी रुचि जागृत होगी। कार्यक्षेत्र में आप अपनी कला का अच्छा प्रदर्शन करेंगे। विद्यार्थियों ने यदि किसी खेल प्रतियोगिता में भाग लिया था, तो आज उसके परिणाम आ सकते हैं। विदेश से व्यापार कर रहे लोगों को कोई निराशाजनक सूचना सुनने को मिल सकती है।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope)

आज का दिन आपकी सुख व समृद्धि बढ़ाने वाला रहेगा। निजी जीवन में आप सावधानी बरतें। व्यक्तिगत विषयों पर आपका पूरा फोकस बढ़ेगा। भावनात्मक प्रदर्शन में आप सहज रहेंगे । परिवार में आप लोगों के साथ तालमेल बैठा कर चलेंगे। आप यदि किसी यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे थे, तो उसे कुछ समय के लिए स्थगित कर दें। आप अपने परिवार के सदस्यों के साथ किसी पिकनिक आदि पर जाने की योजना बनाएंगे। जीवनसाथी के लिए आप कोई उपहार लेकर आ सकते हैं।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए एक से अधिक स्रोतों से आय दिलाने वाला रहेगा। आपको कार्यक्षेत्र में यदि कोई जिम्मेदारी सौंपी जाए, तो आप उसमें ढील ना बरतें। आपको किसी की कहीसुनी बातों में आकर कोई निर्णय नहीं लेना है, नहीं तो वह आपके लिए गलत साबित हो सकता है। किसी काम को लेकर लंबे समय से परेशान हैं तो परिजनों की सलाह लें।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए बाकी दिनों की तुलना में अच्छा रहने वाला है। आपको अकस्मात धन लाभ मिलने से आपकी प्रसन्नता का ठिकाना नहीं रहेगा। आप अपनी योग्यता अनुसार काम मिलने से आप प्रसन्न रहेंगे। सरकारी नौकरी में कार्यरत लोगों को प्रमोशन मिलने से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ सकता है। जीवनसाथी के साथ मिलकर आप भविष्य के लिए कुछ प्लानिंग कर सकते हैं। विद्यार्थी अपनी पढ़ाई लिखाई में आ रही समस्याओं को लेकर अपने गुरुजनो से बातचीत कर सकते हैं। माता-पिता के आशीर्वाद से आपका कोई रुका हुआ काम पूरा होगा।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope)

आज का दिन आपकी साख व सम्मान में वृद्धि लेकर आने वाला है। विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ-साथ किसी दूसरे काम के प्रति रुचि जागृत हो सकती है। संतान पक्ष की ओर से आपको कोई खुशखबरी सुनने को मिल सकती है। आप कुछ नए लोगों से मेलजोल बढ़ाने में कामयाब रहेंगे। आपके कुछ विरोधी आपसे किसी मुद्दे को लेकर सलाह मश्वरा कर सकते हैं। अविवाहित जातकों के लिए उत्तम विवाह के प्रस्ताव आएंगे। आपकी आधुनिक विषयों के प्रति रुचि जागृत होगी। कुछ नए अनुबंधों का आपको लाभ मिलेगा।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए कामकाज के मामले में अच्छा रहने वाला है। यदि आपने किसी अजनबी पर भरोसा किया, तो वह आपके लिए कोई नहीं समस्या खड़ी कर सकते है। अपने कामों को आप धैर्य रखकर निपटाएं, तभी वह समय से पूरा हो सकता है। यदि आपका कोई संपत्ति संबंधित विवाद लंबे समय से चल रहा था, तो उसमें आपको सावधानी बरतनी होगी। आपकी किसी पुरानी गलती से पर्दा उठ सकता है, जिसके बाद जीवनसाथी आपसे नाराज हो सकती है। आप परिवार के सदस्यों के साथ किसी मांगलिक कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए लाभदायक रहने वाला है। आपके मन में नकारात्मक विचारों को लाने से बचना होगा, नहीं तो समस्या आ सकती है। वरिष्ठ जनों का आपको पूरा सहयोग मिलेगा। आपका कोई बड़ा लक्ष्य यदि लंबे समय से लटका हुआ था, तो वह पूरा हो सकता है। माताजी से आप किसी बात को लेकर बातचीत कर सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आप अपने जूनियर्स की मदद से किसी काम को समय से पहले पूरा करके देंगे। यदि आपने किसी से धन उधार लिया था, तो आप उसे भी काफी हद तक उतार सकते हैं।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए तरक्की दिलाने वाला रहेगा। आपको कार्य क्षेत्र में कोई अहम जिम्मेदारी मिल सकती है, जिसके बाद आपकी पद में भी वृद्धि होगी, जो लोग नौकरी में बदलाव की योजना बना रहे थे, तो उन्हें कोई अच्छा अवसर आ सकता है। कार्य क्षेत्र में आप अपनी वाणी की मधुरता के कारण अधिकारियों से प्रिय बनेंगे। सामाजिक क्षेत्रो में कार्यरत लोग किसी काम को लेकर थोड़ा परेशान रहेंगे। आप यदि किसी महत्वपूर्ण चर्चा में सम्मिलित हो, तो उसमें बहुत ही तोल-मोल कर बोले। आपके कुछ शत्रु आप पर हावी होने की कोशिश करेंगे।

कुंभ दैनिक राशिफल (Aquarius Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए धार्मिक कार्यों के प्रति अग्रसर होने के लिए रहेगा। आपको दीर्घकालीन योजनाओं को गति मिलेगी। आप कुछ कामों की सूची बनाकर आगे बढ़ें, तो आपके लिए बेहतर रहेगा। आपकी कुछ योजना यदि लंबे समय से रुकी हुई थी, तो वह शुरू हो सकती है। व्यापार में वृद्धि होने से आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। आध्यात्मिक विषयों में आपकी पूरी रुचि रहेगी। आप विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा के मार्ग प्रशस्त होंगे। यदि आपने किसी नए काम को करने का सोचा है, तो आपका वह काम पूरा हो सकता है।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए बहुत ही सूझबूझ दिखा कर आगे बढ़ाने के लिए रहेगा। किसी जोखिम भरे काम को करने से बचे, नहीं तो समस्या हो सकती है। अपने खान-पान में अत्यधिक तले भुने भोजन से परहेज रखें, नहीं तो आपको कोई पेट संबंधित समस्या परेशान कर सकती है। परिवार में यदि किसी बात को लेकर कोई वाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो, तो आपस में चुप लगाए। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोग अपने प्रयासों में कोई कमी ना छोड़े, नहीं तो बाद में उनका पछतावा हो सकता है।

🙏जय श्री राम 🙏

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Shiv Puran||शिव पुराण॥Shiv MahaPuran

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नवरात्रि 2023 संपूर्ण जानकारी : पूजा विधि : मंत्र #navratri

नवरात्रि की संपूर्ण जानकारी हर दिन का विवरण और मंत्रों के साथ माता के पूजा की विधि #navratri

नौ दिनों में माता के अलग-अलग स्वरुपों की पूजा की जाती है. इन दिनों की अलग-अलग पूजा विधि होती है, जबकि नौ दिनों के लिए अलग-अलग मंत्री भी शास्त्रों में बनाए गए हैं. शास्त्रों के हिसाब से 9 दिनों में इन्ही मंत्रों के साथ माता की पूजा की जाती है. खास बात यह है कि अलग-अलग दिन माता को भोग भी अलग-अलग ही लगाया जाता है. नवरात्रि पर पूजन विधि से जुड़ी पूरी जानकारी अधोलिखित है :-

पहले दिन मां भगवती के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा की जाती है. दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कूष्माण्डा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन कात्यायनी, सातवें दिन कालरात्रि, आठवे दिन महागौरी और नौवें दिन सिद्धिदात्री के रूप में माता को पूजा जाता है. हर दिन मां के अलग-अलग मंत्रों का उच्चारण करने से मनोकामना पूरी होती है और व्रत सफल होता है.

1. पहला दिन यानि मां शैलपुत्री:-

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शैलपुत्री पूजन विधि ( Shailputri Puja Vidhi) : दुर्गा को मातृ शक्ति यानी स्नेह, करूणा और ममता का स्वरूप मानकर हम पूजते हैं, अत: इनकी पूजा में सभी तीर्थों, नदियों, समुद्रों, नवग्रहों, दिक्पालों, दिशाओं, नगर देवता, ग्राम देवता सहित सभी योगिनियों को भी आमंत्रित किया जाता और और कलश में उन्हें विराजने हेतु प्रार्थना सहित उनका आहवान किया जाता है। शारदीय नवरात्र पर कलश स्थापना के साथ ही मां दुर्गा की पूजा शुरू की जाती है। पहले दिन मां दुर्गा के पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा होती है. कलश में सप्तमृतिका यानी सात प्रकार की मिट्टी, सुपारी, मुद्रा सादर भेट किया जाता है और पंच प्रकार के पल्लव से कलश को सुशोभित किया जाता है।इस कलश के नीचे सात प्रकार के अनाज और जौ बोये जाते हैं जिन्हें दशमी तिथि को काटा जाता है और इससे सभी देवी-देवता की पूजा होती है।इसे जयन्ती कहते हैं जिसे इस मंत्र के साथ अर्पित किया जाता है “जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी, दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा, स्वधा नामोस्तुते”. इसी मंत्र से पुरोहित यजमान के परिवार के सभी सदस्यों के सिर पर जयंती डालकर सुख, सम्पत्ति एवं आरोग्य का आर्शीवाद देते हैं।

शैलपुत्री पूजन महत्व (Significance of Worshipping Shailputri) : देवी दुर्गा की प्रतिमा पूजा स्थल पर बीच में स्थापित की जाती है और उनके दोनों तरफ यानी दायीं ओर देवी महालक्ष्मी, गणेश और विजया नामक योगिनी की प्रतिमा रहती है। वहीं बायीं ओर कार्तिकेय, देवी महासरस्वती और जया नामक योगिनी रहती है तथा भगवान भोले नाथ की भी पूजा की जाती है। प्रथम पूजन के दिन “शैलपुत्री” के रूप में भगवती दुर्गा दुर्गतिनाशिनी की पूजा फूल, अक्षत, रोली, चंदन से होती है।

मंत्र: वन्दे वांच्छितलाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम्‌।

वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्‌ ॥

कलश स्थापना के पश्चात देवी दु्र्गा जिन्होंने दुर्गम नामक प्रलयंकारी अ-सुर का संहार कर अपने भक्तों को उसके त्रास से यानी पीड़ा से मुक्त कराया उस देवी का आह्वान किया जाता है. प्रतिदिन संध्या काल में देवी की आरती होती है. आरती में “जग जननी जय जय” और “जय अम्बे गौरी” के गीत भक्त जन गाते हैं.

2. दूसरा दिन यानि मां ब्रह्मचारिणी:

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दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है. नवरात्र पर्व के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। साधक इस दिन अपने मन को माँ के चरणों में लगाते हैं। ब्रह्म का अर्थ है तपस्या और चारिणी यानी आचरण करने वाली। इस प्रकार ब्रह्मचारिणी का अर्थ हुआ तप का आचरण करने वाली। इनके दाहिने हाथ में जप की माला एवं बाएँ हाथ में कमण्डल रहता है।मां दुर्गाजी का यह दूसरा स्वरूप भक्तों और सिद्धों को अनन्तफल देने वाला है। इनकी उपासना से मनुष्य में तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार, संयम की वृद्धि होती है। जीवन के कठिन संघर्षों में भी उसका मन कर्तव्य-पथ से विचलित नहीं होता।मां ब्रह्मचारिणी देवी की कृपा से उसे सर्वत्र सिद्धि और विजय की प्राप्ति होती है। दुर्गा पूजा के दूसरे दिन इन्हीं के स्वरूप की उपासना की जाती है। इस दिन साधक का मन ‘स्वाधिष्ठान ’चक्र में शिथिल होता है। इस चक्र में अवस्थित मनवाला योगी उनकी कृपा और भक्ति प्राप्त करता है।

मां दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा विधि: देवी ब्रह्मचारिणी जी की पूजा में सर्वप्रथम माता की फूल, अक्षत, रोली, चंदन, से पूजा करें तथा उन्हें दूध, दही, शर्करा, घृत, व मधु से स्नान करायें व देवी को प्रसाद अर्पित करें। प्रसाद के पश्चात आचमन और फिर पान, सुपारी भेंट कर इनकी प्रदक्षिणा करें। कलश देवता की पूजा के पश्चात इसी प्रकार नवग्रह, दशदिक्पाल, नगर देवता, ग्राम देवता, की पूजा करें। देवी की पूजा करते समय सबसे पहले हाथों में एक फूल लेकर प्रार्थना करें-

मंत्र: दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।

देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥

इसके पश्चात् देवी को पंचामृत स्नान करायें और फिर भांति भांति से फूल, अक्षत, कुमकुम, सिन्दुर, अर्पित करें देवी को अरूहूल का फूल व कमल बेहद प्रिय होते हैं अत: इन फूलों की माला पहनायें, घी व कपूर मिलाकर देवी की आरती करें।

“मां ब्रह्मचारिणी का स्रोत पाठ”

तपश्चारिणी त्वंहि तापत्रय निवारणीम्।

ब्रह्मरूपधरा ब्रह्मचारिणी प्रणमाम्यहम्॥

शंकरप्रिया त्वंहि भुक्ति-मुक्ति दायिनी।

शान्तिदा ज्ञानदा ब्रह्मचारिणीप्रणमाम्यहम्॥

“मां ब्रह्मचारिणी का कवच”

त्रिपुरा में हृदयं पातु ललाटे पातु शंकरभामिनी।

अर्पण सदापातु नेत्रो, अर्धरी च कपोलो॥

पंचदशी कण्ठे पातुमध्यदेशे पातुमहेश्वरी॥

षोडशी सदापातु नाभो गृहो च पादयो।

अंग प्रत्यंग सतत पातु ब्रह्मचारिणी।

3.तीसरा दिन यानि मां चंद्रघंटा:

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तीसरे दिन मां चंद्रघंटा को पूजा जाता है. नवरात्र का तीसरा दिन भय से मुक्ति और अपार साहस प्राप्त करने का होता है। इस दिन मां के चंद्रघंटा स्वरुप की उपासना की जाती है। इनके सिर पर घंटे के आकार का चंद्रमा है। इसलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनके दसों हाथों में अ-स्त्र-शस्त्र हैं और इनकी मुद्रा युद्ध की मुद्रा है। मां चंद्रघंटा तंभ साधना में मणिपुर चक्र को नियंत्रित करती है और ज्योतिष में इनका संबंध मंगल ग्रह से होता है।

ऐसे करें पूजा : मां चंद्रघंटा , जिनके माथे पर घंटे के आकार का एक चंद्र होता है. इनकी पूजा करने से शांति आती है, परिवार का कल्याण होता है. मां को लाल फूल चढ़ाएं, लाल सेब और गुड़ चढाएं, घंटा बजाकर पूजा करें, ढोल और नगाड़े बजाकर पूजा और आरती करें, शुत्रुओं की हार होगी। इस दिन गाय के दूध का प्रसाद चढ़ाने का विशेष विधान है। इससे हर तरह के दुखों से मुक्ति मिलती है।

मंत्र:पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता।

प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥

4. चौथा दिन यानि मां कूष्माण्डा:

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चौथे दिन मां कूष्माण्डा की पूजा की जाती है.नवरात्र के चौथे दिन मां पारांबरा भगवती दुर्गा के कुष्मांडा स्वरुप की पूजा की जाती है। मान्‍यता ये है कि जब सृष्टि का अ-स्तित्व नहीं था, तब कुष्माण्डा देवी ने ब्रह्मांड की रचना की थी।अपनी मंद-मंद मुस्कान भर से ब्रम्हांड की उत्पत्ति करने के कारण ही इन्हें कुष्माण्डा के नाम से जाना जाता है इसलिए ये सृष्टि की आदि-स्वरूपा, आदिशक्ति हैं। देवी कुष्मांडा का निवास सूर्यमंडल के भीतर के लोक में है जहां निवास कर सकने की क्षमता और शक्ति केवल इन्हीं में है। इनके शरीर की कांति और प्रभा सूर्य के समान ही अलौकिक हैं।माता के तेज और प्रकाश से दसों दिशाएं प्रकाशित होती हैं ब्रह्मांड की सभी वस्तुओं और प्राणियों में मौजूद तेज मां कुष्मांडा की छाया है।

मां कुष्‍माण्‍डा की आठ भुजाएं हैं। इसलिए मां कुष्मांडा को अष्टभुजा देवी के नाम से भी जाना जाता हैं। इनके सात हाथों में क्रमशः कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र तथा गदा है। आठवें हाथ में सभी सिद्धियों और निधियों को देने वाली जपमाला है। मां सिंह के वाहन पर सवार रहती हैं।

मंत्र: सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।

दधाना हस्तपद्माभ्यां कुष्मांडा शुभदास्तु मे॥

5. पांचवां दिन यानि मां स्कंदमाता :

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नवरात्र का पांचवां दिन स्कंदमाता की उपासना का दिन होता है। मोक्ष के द्वार खोलने वाली माता परम सुखदायी हैं। माँ अपने भक्तों की समस्त इच्छाओं की पूर्ति करती हैं। भगवान स्कंद ‘कुमार कार्तिकेय’ नाम से भी जाने जाते हैं। ये प्रसिद्ध देवासुर संग्राम में देवताओं के सेनापति बने थे। पुराणों में इन्हें कुमार और शक्ति कहकर इनकी महिमा का वर्णन किया गया है। इन्हीं भगवान स्कंद की माता होने के कारण माँ दुर्गाजी के इस स्वरूप को स्कंदमाता के नाम से जाना जाता है।स्कंदमाता की चार भुजाएं हैं। इनके दाहिनी तरफ की नीचे वाली भुजा, जो ऊपर की ओर उठी हुई है, उसमें कमल पुष्प है। बाईं तरफ की ऊपर वाली भुजा में वरमुद्रा में तथा नीचे वाली भुजा जो ऊपर की ओर उठी है उसमें भी कमल पुष्प ली हुई हैं। इनका वर्ण पूर्णत: शुभ्र है। ये कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं। इसी कारण इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है। सिंह इनका भी वाहन है।

स्कन्दमाता की पूजा विधि : कुण्डलिनी जागरण के उद्देश्य से जो साधक दुर्गा मां की उपासना कर रहे हैं उनके लिए दुर्गा पूजा का यह दिन विशुद्ध चक्र की साधना का होता है। इस चक्र का भेदन करने के लिए साधक को पहले मां की विधि सहित पूजा करनी चाहिए। पूजा के लिए कुश अथवा कम्बल के पवित्र आसन पर बैठकर पूजा प्रक्रिया को उसी प्रकार से शुरू करना चाहिए जैसे आपने अब तक के चार दिनों में किया है फिर इस मंत्र से देवी की प्रार्थना करनी चाहिए।

मंत्र: सिंहसनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया।

शुभदास्तु सदा देवी स्कंदमाता यशस्विनी॥

अब पंचोपचार विधि से देवी स्कन्दमाता की पूजा कीजिए। नवरात्रे की पंचमी तिथि को कहीं कहीं भक्त जन उद्यंग ललिता का व्रत भी रखते हैं। इस व्रत को फलदायक कहा गया है। जो भक्त देवी स्कन्द माता की भक्ति-भाव सहित पूजन करते हैं उसे देवी की कृपा प्राप्त होती है। देवी की कृपा से भक्त की मुराद पूरी होती है और घर में सुख, शांति एवं समृद्धि रहती है।

स्कन्दमाता की मंत्र:

सिंहासना गता नित्यं पद्माश्रि तकरद्वया ।

शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी ।।

या देवी सर्वभू?तेषु माँ स्कंदमाता रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

6.छठवां दिन यानि मां कात्यायनी:

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मां दुर्गा के छठे स्वरूप का नाम कात्यायनी है। उस दिन साधक का मन ‘आज्ञा’ चक्र में स्थित होता है। योगसाधना में इस आज्ञा चक्र का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। इस चक्र में स्थित मन वाला साधक माँ कात्यायनी के चरणों में अपना सर्वस्व निवेदित कर देता है। परिपूर्ण आत्मदान करने वाले ऐसे भक्तों को सहज भाव से मां के दर्शन प्राप्त हो जाते हैं।

मां कात्यायनी का स्वरूप : मां कात्यायनी का स्वरूप अत्यन्त दिव्य और स्वर्ण के समान चमकीला है। यह अपनी प्रिय सवारी सिंह पर विराजमान रहती हैं। इनकी चार भुजायें भक्तों को वरदान देती हैं, इनका एक हाथ अभय मुद्रा में है, तो दूसरा हाथ वरदमुद्रा में है अन्य हाथों में तलवार और कमल का फूल है।देवी कात्यायनी अमोद्य फलदायिनी हैं इनकी पूजा अर्चना द्वारा सभी संकटों का नाश होता है, मां कात्यायनी दानवों तथा पापियों का नाश करने वाली हैं। मान्यता के अनुसार देवी कात्यायनी जी के पूजन से भक्त के भीतर अद्भुत शक्ति का संचार होता है। भक्त को माता के पूजन द्वारा सहजभाव से मां कात्यायनी के दर्शन प्राप्त होते हैं। साधक इस लोक में रहते हुए अलौकिक तेज से युक्त रहता है।

मां कात्यायनी की पूजा विधि : नवरात्रों के छठे दिन मां कात्यायनी की सभी प्रकार से विधिवत पूजा अर्चना करनी चाहिए फिर मां का आशीर्वाद लेना चाहिए और साधना में बैठना चाहिए। इस प्रकार जो साधक प्रयास करते हैं उन्हें भगवती कात्यायनी सभी प्रकार के भय से मुक्त करती हैं. मां कात्यायनी की भक्ति से धर्म, अर्थ, कर्म, काम, मोक्ष की प्राप्ति होती है। पूजा की विधि शुरू करने पर हाथों में फूल लेकर देवी को प्रणाम कर देवी के मंत्र का ध्यान किया जाता है. देवी की पूजा के पश्चात महादेव और परम पिता की पूजा करनी चाहिए. श्री हरि की पूजा देवी लक्ष्मी के साथ ही करनी चाहिए।

मंत्र:चंद्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।

कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी॥

चढावाषष्ठी तिथि के दिन देवी के पूजन में मधु का महत्व बताया गया है। इस दिन प्रसाद में मधु यानि शहद का प्रयोग करना चाहिए।

मनोकामना- मां कात्यायनी अमोघ फलदायिनी मानी गई हैं। शिक्षा प्राप्ति के क्षेत्र में प्रयासरत भक्तों को माता की अवश्य उपासना करनी चाहिए।

मनोवान्छित वर की प्राप्ति :माना जाता है कि जिन कन्याओं के विवाह मे विलम्ब हो रहा हो, उन्हे इस दिन माँ कात्यायनी की उपासना अवश्य करनी चाहिए, जिससे उन्हें मनोवान्छित वर की प्राप्ति होती है।

विवाह के लिए कात्यायनी मन्त्र-

ऊॅं कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि ! नंदगोपसुतम् देवि पतिम् मे कुरुते नम:।’

7. सातवां दिन यानि मां कालरात्रि:

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नवरात्रि के सातवें दिन होती है मां कालरात्रि की पूजा। मां कालरात्रि को यंत्र, मंत्र और तंत्र की देवी कहा जाता है। कहा जाता है कि देवी दुर्गा ने रक्तबीज का वध करने के लिए कालरात्रि को अपने तेज से उत्पन्न किया था। इनकी उपासना से प्राणी सर्वथा भय मुक्त हो जाता है।ऐसा है मां का स्वरूप: इनके शरीर का रंग काला है। मां कालरात्रि के गले में नरमुंड की माला है। कालरात्रि के तीन नेत्र हैं और उनके केश खुले हुए हैं। मां गर्दभ की सवारी करती हैं। मां के चार हाथ हैं एक हाथ में कटार और एक हाथ में लोहे का कांटा है।

मंत्र:

ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।

दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तु ते।।

जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतार्तिहारिणि।

जय सर्वगते देवि कालरात्रि नमोस्तु ते।।

धां धीं धूं धूर्जटे: पत्नी वां वीं वूं वागधीश्वरी

क्रां क्रीं क्रूं कालिका देवि शां शीं शूं मे शुभं कुरु।

बीज मंत्र : ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे। ( तीन, सात या ग्यारह माला करें)

कालरात्रि पूजा विधि : सप्तमी की पूजा अन्य दिनों की तरह ही होती परंतु रात्रि में विशेष विधान के साथ देवी की पूजा की जाती है। इस दिन कहीं कहीं तांत्रिक विधि से पूजा होने पर मदिरा भी देवी को अर्पित कि जाती है। सप्तमी की रात्रि ‘सिद्धियों’ की रात भी कही जाती है। पूजा विधान में शास्त्रों में जैसा वर्णित हैं उसके अनुसार पहले कलश की पूजा करनी चाहिए।

नवग्रह, दशदिक्पाल, देवी के परिवार में उपस्थित देवी देवता की पूजा करनी चाहिए फिर मां कालरात्रि की पूजा करनी चाहिए। दुर्गा पूजा में सप्तमी तिथि का काफी महत्व बताया गया है। इस दिन से भक्त जनों के लिए देवी मां का दरवाज़ा खुल जाता है और भक्तगण पूजा स्थलों पर देवी के दर्शन हेतु पूजा स्थल पर जुटने लगते हैं।

मनोकामना: मां की इस तरह की पूजा से मृत्यु का भय नहीं सताता। देवी का यह रूप ऋद्धि- सिद्धि प्रदान करने वाला है। देवी भगवती के प्रताप से सब मंगल ही मंगल होता है।

8.आठवां दिन यानि मां महागौरी:

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नवरात्र के आठवें दिन आठवीं दुर्गा यानि की महागौरी की पूजा अर्चना और आराधना की जाती है। कहते हैं अपनी कठीन तपस्या से मां ने गौर वर्ण प्राप्त किया था। तभी से इन्हें उज्जवला स्वरूपा महागौरी, धन ऐश्वर्य प्रदायिनी, चैतन्यमयी त्रैलोक्य पूज्य मंगला, शारीरिक मानसिक और सांसारिक ताप का हरण करने वाली माता महागौरी का नाम दिया गया।

श्वेते वृषे समरूढा श्वेताम्बराधरा शुचिः।

महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा ।।

मां महागौरी की पूजा करने से मन पवित्र हो जाता है और भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन षोडशोपचार पूजन किया जाता है। मां की कृपा से अलौकिक सिद्धियों की प्राप्ति होती है। देवी महागौरी का अत्यंत गौर वर्ण हैं। इनके वस्त्र और आभूषण सफेद हैं। इनकी चार भुजाएं हैं। महागौरी का वाहन बैल है। देवी के दाहिने ओर के ऊपर वाले हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले हाथ में त्रिशूल है। बाएं ओर के ऊपर वाले हाथ में डमरू और नीचे वाले हाथ में वर मुद्रा है।

पूजन विधि इस प्रकार है : सबसे पहले गंगा जल से शुद्धिकरण करके देवी मां महागौरी की प्रतिमा या तस्वीर चौकी पर स्थापित करें। इसके बाद चौकी पर चांदी, तांबे या मिट्टी के घड़े में जल भरकर उस पर नारियल रखकर कलश स्थापना करें। उसी चौकी पर श्रीगणेश, वरुण, नवग्रह, षोडश मातृका (16 देवी), सप्त घृत मातृका(सात सिंदूर की बिंदी लगाएं) की स्थापना भी करें।इसके बाद व्रत, पूजन का संकल्प लें और वैदिक एवं सप्तशती मंत्रों द्वारा माता महागौरी सहित समस्त स्थापित देवताओं की षोडशोपचार पूजा करें। इसमें आवाहन, आसन, पाद्य, अध्र्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, बिल्वपत्र, आभूषण, पुष्प-हार, सुगंधित द्रव्य, धूप-दीप, नैवेद्य, फल, पान, दक्षिणा, आरती, प्रदक्षिणा, मंत्र पुष्पांजलि आदि करें। इस दिन माता दुर्गा को नारियल का भोग लगाएं और नारियल का दान भी करें।

मां महागौरी का उपासना मंत्र:

श्वेते वृषे समारुढ़ा, श्वेताम्बरधरा शुचिः।

महागौरीं शुभं दद्यान्महादेवप्रमोदया।।

9.नौवां दिन यानि मां सिद्धिदात्री :-

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नवरात्रि के नौवें और आखिरी दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मां दुर्गा की नौवीं शक्ति देवी सिद्धिदात्री की पूजा करने से भक्तों को सारी सिद्धियां प्राप्त होती हैं। देवी सिद्धिदात्री को मां सरस्वती का भी एक रूप माना जाता है क्योंकि माता अपने सफेद वस्त्र एवं अलंकार से सुसज्जित अपने भक्तों को महाज्ञान एवं मधुर स्वर से मन्त्र-मुग्ध करती है। सिद्धिदात्री मां की पूजा के बाद ही अगले दिन दशहरा त्योहार मनाया जाता है।

देवी सिद्धिदात्री का रूप अत्यंत सौम्य है, देवी की चार भुजाएं हैं। दाईं भुजा में माता ने चक्र और गदा धारण किया है और बांई भुजा में शंख और कमल का फूल है। मां सिद्धिदात्री कमल आसन पर विराजमान रहती हैं, मां की सवारी सिंह हैं। मां की आराधना वाले इस दिन को रामनवमी भी कहा जाता है और शारदीय नवरात्रि के अगले दिन अर्थात दसवें दिन को रावण पर राम की विजय के रूप में मनाया जाता है।

ऐसे करें पूजा: इस दिन माता सिद्धिदात्री को नवाह्न प्रसाद, नवरस युक्त भोजन, नौ प्रकार के पुष्प और नौ प्रकार के ही फल अर्पित करने चाहिए। सर्वप्रथम कलश की पूजा व उसमें स्थपित सभी देवी-देवताओ का ध्यान करना चाहिए। इसके पश्चात माता के मंत्रो का जाप कर उनकी पूजा करनी चाहिए। इस दिन नौ कन्याओं को घर में भोग लगाना चाहिए। नव-दुर्गाओं में सिद्धिदात्री अंतिम है तथा इनकी पूजा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। कन्याओं की आयु दो वर्ष से ऊपर और 10 वर्ष तक होनी चाहिए और इनकी संख्या कम से कम 9 तो होनी ही चाहिए। यदि 9 से ज्यादा कन्या भोज पर आ रही है तो कोई आपत्ति नहीं है।इस तरह से की गई पूजा से माता अपने भक्तों पर तुरंत प्रसन्न होती है। भक्तों को संसार में धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन भक्तों को अपना सारा ध्यान निर्वाण चक्र की ओर लगाना चाहिए। यह चक्र हमारे कपाल के मध्य में स्थित होता है। ऐसा करने से भक्तों को माता सिद्धिदात्री की कृपा से उनके निर्वाण चक्र में उपस्थित शक्ति स्वतः ही प्राप्त हो जाती है।

मंत्र: सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।

सेव्यमाना सदा भूयाात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।।

देवी का बीज मंत्र :

ऊॅं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे नमो नमः ।।

मां सिद्धदात्री की पूजा में हवन करने के लिए दुर्गा सप्तशती के सभी श्लोकों का प्रयोग किया जा सकता है।

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