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हनुमान जी और वास्तु शास्त्र

वास्तु शास्त्र
यदि घर में देवीदेवताओं के चित्र लगे हों तो घर में कई तरह की परेशानियां दूर हो जाती हैं और घर में सुखशांति बनी रहती है। वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर में हनुमान जी की तस्वीर लगाने से कई लाभ मिलते हैं। अगर घर में वास्तु के नियमानुसार सही दिशा में सही तरह से हनुमानजी की तस्वीर लगाई जाए तो कई लाभ हो सकते हैं।
1⃣ हनुमानजी बाल ब्रहमचारी है इसलिए उनकी तस्वीर बेडरूम में नहीं लगानी चाहिए। बेडरूम में लगाई गई हनुमानजी की तस्वीर शुभ फल नहीं देती।
2⃣ भगवान हनुमानजी की तस्वीर घर या दुकान में दक्षिण दिशा की ओर लगाना सबसे अच्छा माना जाता है। क्योंकि हनुमानजी ने अपनी शक्तियों का प्रयोग दक्षिण दिशा की ओर दिखाया था।
3⃣ घर मे पंचमुखी, पर्वत उठाते हुए या राम भजन करते हुए हनुमानजी की तस्वीर लगाना सबसे अच्छा होता है। इससे घर के सभी दोष खत्म हो जाते हैं।
4⃣ उत्तर दिशा में हनुमानजी की तस्वीर लगाने पर दक्षिण दिशा से आने वाली प्रत्येक नकारात्मक शक्ति को हनुमानजी रोक देते हैं। इससे घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है।
5⃣ जिस रुप में हनुमानजी अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हो. ऐसी तस्वीर घर में लगाने से किसी तरह की बुरी शक्ति घर में प्रवेश नहीं कर पाती।
6⃣ हनुमानजी की तस्वीर पर सिंदूर जरुर लगाना चाहिए। ऐसा कर पाने पर सिंदूर का केवल तिलक भी किया जा सकता है। इससे सभी मनोकामनाएं जरुर पूरी होती हैं

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हनुमान जी और वास्तु शास्त्र

हनुमान जन्मोत्सव
धर्म ग्रंथों में हनुमानजी के 12 नाम बताए गए हैं, जिनके द्वारा उनकी स्तुति की जाती है। गीताप्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित श्रीहनुमान अंक के अनुसार हनुमानजी के इन 12 नामों का जो रात में सोने से पहले सुबह उठने पर अथवा यात्रा प्रारंभ करने से पहले पाठ करता है, उसके सभी भय दूर हो जाते हैं और उसे अपने जीवन में सभी सुख प्राप्त होते हैं। वह अपने जीवन में अनेक उपलब्धियां प्राप्त करता है। हनुमानजी की 12 नामों वाली स्तुति इस प्रकार है

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स्तुति
हनुमानअंजनीसूनुर्वायुपुत्रो महाबल:
रामेष्ट: फाल्गुनसख: पिंगाक्षोअमितविक्रम:।।
उदधिक्रमणश्चेव सीताशोकविनाशन:
लक्ष्मणप्राणदाता दशग्रीवस्य दर्पहा।।
एवं द्वादश नामानि कपीन्द्रस्य महात्मन:
स्वापकाले प्रबोधे यात्राकाले : पठेत्।।
तस्य सर्वभयं नास्ति रणे विजयी भवेत्।
राजद्वारे गह्वरे भयं नास्ति कदाचन।।
इन 12 नामो से होती है हनुमानजी की स्तुति, जानिए इनकी महिमा
🙏🏻 हनुमान
हनुमानजी का यह नाम इसलिए पड़ा क्योकि एक बार क्रोधित होकर देवराज इंद्र ने इनके ऊपर अपने वज्र का प्रहार किया था यह वज्र सीधे इनकी ठोड़ी (हनु) पर लगा। हनु पर वज्र का प्रहार होने के कारण ही इनका नाम हनुमान पड़ा
🙏🏻 लक्ष्मणप्राणदाता
जब रावण के पुत्र इंद्रजीत ने शक्ति का उपयोग कर लक्ष्मण को बेहोश कर दिया था, तब हनुमानजी संजीवनी बूटी लेकर आए थे। उसी बूटी के प्रभाव से लक्ष्मण को होश आया था।इस लिए हनुमानजी को लक्ष्मणप्राणदाता भी कहा जाता है
🙏🏻 दशग्रीवदर्पहा
दशग्रीव यानी रावण और दर्पहा यानी धमंड तोड़ने वाला हनुमानजी ने लंका जाकर सीता माता का पता लगाया, रावण के पुत्र अक्षयकुमार का वध किया साथ ही लंका में आग भी लगा दी ।इस प्रकार हनुमानजी ने कई बार रावण का धमंड तोड़ा था इसलिए इनका एक नाम ये भी प्रसिद्ध है
🙏🏻 रामेष्ट
हनुमान भगवान श्रीराम के परम भक्त हैं धर्म ग्रंथों में अनेक स्थानों पर वर्णन मिलता है कि श्रीराम ने हनुमान को अपना प्रिय माना है भगवान श्रीराम को प्रिय होने के कारण ही इनका एक नाम रामेष्ट भी है
🙏🏻 फाल्गुनसुख
महाभारत के अनुसार, पांडु पुत्र अर्जुन का एक नाम फाल्गुन भी है युद्ध के समय हनुमानजी अर्जुन के रथ की ध्वजा पर विराजित थे इस प्रकार उन्होंने अर्जुन की सहायता की सहायता करने के कारण ही उन्हें अर्जुन का मित्र कहा गया है फाल्गुन सुख का अर्थ है अर्जुन का मित्र
🙏🏻 पिंगाक्ष
पिंगाक्ष का अर्थ है भूरी आंखों वाला ।अनेक धर्म ग्रंथों में हनुमानजी का वर्णन किया गया है उसमें हनुमानजी को भूरी आंखों वाला बताया है इसलिए इनका एक नाम पिंगाक्ष भी है
🙏🏻 अमितविक्रम
विक्रम का अर्थ है पराक्रमी और अमित का अर्थ है बहुत अधिक हनुमानजी ने अपने पराक्रम के बल पर ऐसे बहुत से कार्य किए, जिन्हें करना देवताओं के लिए भी कठिन था इसलिए इन्हें अमितविक्रम भी कहा जाता हैं
🙏🏻 उदधिक्रमण
उदधिक्रमण का अर्थ है समुद्र का अतिक्रमण करने वाले यानी लांधने वाला सीता माता की खोज करते समय हनुमानजी ने समुद्र को लांधा था। इसलिए इनका एक नाम ये भी है
🙏🏻 अंजनीसुत
माता अंजनी के पुत्र होने के कारण ही हनुमानजी का एक नाम अंजनीसुत भी प्रसिद्ध है
🙏🏻 वायुपुत्र
हनुमानजी का एक नाम वायुपुत्र भी है पवनदेव के पुत्र होने के कारण ही इन्हें वायुपुत्र भी कहा जाता है
🙏🏻 महाबल
हनुमानजी के बल की कोई सीमा नहीं हैं इसलिए इनका एक नाम महाबल भी है
🙏🏻 सीताशोकविनाशन
माता सीता के शोक का निवारण करने के कारण हनुमानजी का ये नाम पड़ा

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हनुमान जयन्ती

स्तुति
हनुमानअंजनीसूनुर्वायुपुत्रो महाबल:
रामेष्ट: फाल्गुनसख: पिंगाक्षोअमितविक्रम:।।
उदधिक्रमणश्चेव सीताशोकविनाशन:
लक्ष्मणप्राणदाता दशग्रीवस्य दर्पहा।।
एवं द्वादश नामानि कपीन्द्रस्य महात्मन:
स्वापकाले प्रबोधे यात्राकाले : पठेत्।।
तस्य सर्वभयं नास्ति रणे विजयी भवेत्।
राजद्वारे गह्वरे भयं नास्ति कदाचन।।
🙏🏻 इन 12 नामो से होती है हनुमानजी की स्तुति, जानिए इनकी महिमा
🙏🏻 हनुमान
हनुमानजी का यह नाम इसलिए पड़ा क्योकि एक बार क्रोधित होकर देवराज इंद्र ने इनके ऊपर अपने वज्र का प्रहार किया था यह वज्र सीधे इनकी ठोड़ी (हनु) पर लगा। हनु पर वज्र का प्रहार होने के कारण ही इनका नाम हनुमान पड़ा
🙏🏻 लक्ष्मणप्राणदाता
जब रावण के पुत्र इंद्रजीत ने शक्ति का उपयोग कर लक्ष्मण को बेहोश कर दिया था, तब हनुमानजी संजीवनी बूटी लेकर आए थे। उसी बूटी के प्रभाव से लक्ष्मण को होश आया था।इस लिए हनुमानजी को लक्ष्मणप्राणदाता भी कहा जाता है
🙏🏻 दशग्रीवदर्पहा
दशग्रीव यानी रावण और दर्पहा यानी धमंड तोड़ने वाला हनुमानजी ने लंका जाकर सीता माता का पता लगाया, रावण के पुत्र अक्षयकुमार का वध किया साथ ही लंका में आग भी लगा दी ।इस प्रकार हनुमानजी ने कई बार रावण का धमंड तोड़ा था इसलिए इनका एक नाम ये भी प्रसिद्ध है
🙏🏻 रामेष्ट
हनुमान भगवान श्रीराम के परम भक्त हैं धर्म ग्रंथों में अनेक स्थानों पर वर्णन मिलता है कि श्रीराम ने हनुमान को अपना प्रिय माना है भगवान श्रीराम को प्रिय होने के कारण ही इनका एक नाम रामेष्ट भी है
🙏🏻 फाल्गुनसुख
महाभारत के अनुसार, पांडु पुत्र अर्जुन का एक नाम फाल्गुन भी है युद्ध के समय हनुमानजी अर्जुन के रथ की ध्वजा पर विराजित थे इस प्रकार उन्होंने अर्जुन की सहायता की सहायता करने के कारण ही उन्हें अर्जुन का मित्र कहा गया है फाल्गुन सुख का अर्थ है अर्जुन का मित्र
🙏🏻 पिंगाक्ष
पिंगाक्ष का अर्थ है भूरी आंखों वाला ।अनेक धर्म ग्रंथों में हनुमानजी का वर्णन किया गया है उसमें हनुमानजी को भूरी आंखों वाला बताया है इसलिए इनका एक नाम पिंगाक्ष भी है
🙏🏻 अमितविक्रम
विक्रम का अर्थ है पराक्रमी और अमित का अर्थ है बहुत अधिक हनुमानजी ने अपने पराक्रम के बल पर ऐसे बहुत से कार्य किए, जिन्हें करना देवताओं के लिए भी कठिन था इसलिए इन्हें अमितविक्रम भी कहा जाता हैं
🙏🏻 उदधिक्रमण
उदधिक्रमण का अर्थ है समुद्र का अतिक्रमण करने वाले यानी लांधने वाला सीता माता की खोज करते समय हनुमानजी ने समुद्र को लांधा था। इसलिए इनका एक नाम ये भी है
🙏🏻 अंजनीसुत
माता अंजनी के पुत्र होने के कारण ही हनुमानजी का एक नाम अंजनीसुत भी प्रसिद्ध है
🙏🏻 वायुपुत्र
हनुमानजी का एक नाम वायुपुत्र भी है पवनदेव के पुत्र होने के कारण ही इन्हें वायुपुत्र भी कहा जाता है
🙏🏻 महाबल
हनुमानजी के बल की कोई सीमा नहीं हैं इसलिए इनका एक नाम महाबल भी है
🙏🏻 सीताशोकविनाशन
माता सीता के शोक का निवारण करने के कारण हनुमानजी का ये नाम पड़ा

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Horoscope Today April 09 2025 : Aaj ka Rashifal April 09 2025

Horoscope Today: Astrological prediction for 09 April 2025

🕉️ वैदिक पंचांग 🕉️

दिनांक – 09 अप्रैल 2025

दिन – बुधवार

विक्रम संवत – 2082 गुजरात अनुसार 2081

शक संवत – 1947

अयन – उत्तरायण

ऋतु – वसंत ऋतु

मास – चैत्

पक्ष – शुक्ल

तिथि – द्वादशी रात्रि 10:55 तक तत्पश्चात त्रयोदशी

नक्षत्र – मघा सुबह 09:57 तक तत्पश्चात पूर्वाफाल्गुनी

योग – गण्ड शाम 06:26 तक तत्पश्चात वृद्धि

राहुकाल – दोपहर 12:40 से दोपहर 02:14 तक

सूर्योदय – 06:25

सूर्यास्त – 06:54

दशाशूल – उत्तर दिशा में

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं बधाई और शुभ आशीष

अंक ज्योतिष का सबसे आखरी मूलांक है नौ। आपके जन्मदिन की संख्या भी नौ है। यह मूलांक भूमि पुत्र मंगल के अधिकार में रहता है। आप बेहद साहसी हैं। आपके स्वभाव में एक विशेष प्रकार की तीव्रता पाई जाती है। आप सही मायनो में उत्साह और साहस के प्रतीक हैं।

मंगल ग्रहों में सेनापति माना जाता है। अत: आप में स्वाभाविक रूप से नेतृत्त्व की क्षमता पाई जाती है। लेकिन आपको बुद्धिमान नहीं माना जा सकता। मंगल के मूलांक वाले चालाक और चंचल भी होते हैं। आपको लड़ाई-झगड़ों में भी विशेष आनंद आता है। आपको विचित्र साहसिक व्यक्ति कहा जा सकता है।

शुभ दिनांक : 9, 18, 27

शुभ अंक : 1, 2, 5, 9, 27, 72

शुभ वर्ष : 2027, 2036, 2045

ईष्टदेव : हनुमान जी, मां दुर्गा।

शुभ रंग : लाल, केसरिया, पीला

जन्मतिथि के अनुसार भविष्यफल :

अपनी शक्ति का सदुपयोग कर प्रगति की और अग्रसर होंगे। पारिवारिक विवाद सुलझेंगे। महत्वपूर्ण कार्य योजनाओं में सफलता मिलेगी। अधिकार क्षेत्र में वृद्धि संभव है। नौकरी में आ रही बाधा दूर होगी। स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। राजनैतिक व्यक्ति सफलता का स्वाद चख सकते हैं। मित्रों स्वजनों का सहयोग मिलने से प्रसन्नता रहेगी।

मेष दैनिक राशिफल (Aries Daily Horoscope) 

आज का दिन आपके लिए आत्मविश्वास से भरपूर रहने वाला है। परिवार के सदस्यों के साथ आपको कुछ समय बिताने का मौका मिलेगा। शासनसत्ता का आपको पूरा लाभ मिलेगा। आपकी कोई पुरानी गलती परिवार के सदस्यों के सामने आ सकती हैं। आपकी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर रहेगी, आपको किसी डील को पार्टनरशिप में फाइनल करने से बचना होगा और कोई सरकारी काम यदि आपका लटका हुआ था, तो उसके भी पूरे होने की संभावना है।

वृषभ दैनिक राशिफल (Taurus Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए उत्तम संपत्ति के संकेत दे रहा है। किसी कानूनी मामले में आपको अपनी आंख और कान खोलकर रखने होंगे। बिजनेस में आपको पार्टनर से आपको धोखा मिलने की संभावना है। जो विद्यार्थी विदेश जाकर शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं, उन्हें कोई अच्छा अवसर हाथ लगेगा। आपको अपने घर परिवार में सुख शांति बनाए रखनी होगी। आपके अंदर एक्स्ट्रा एनर्जी रहने से आप दूसरों के मामले में ज्यादा ना बोले।

मिथुन दैनिक राशिफल (Gemini Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए उन्नति के नए-नए अवसर मिलेंगे। मित्रों और सहकर्मियों का आपको पूरा सहयोग मिलेगा। आप किसी से मांगकर वाहन ना चलाएं। राजनीति में कार्यरत लोग लोगों के जन समर्थन में इजाफा होगा और उनकी वाणी की मिठास आपको मान-सम्मान दिलवाएगी। आप अपने पिताजी की सेहत में चल रही किसी समस्या को लेकर परेशान रहेंगे, जिसके लिए आप अच्छे डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।

कर्क दैनिक राशिफल (Cancer Daily Horoscope) 

आज का दिन आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। आपको किसी दूर रह रहे परिजन की याद आ सकती है। नौकरी में किसी काम को लेकर आप कहीं बाहर जा सकते हैं। जीवनसाथी की आपसे यदि किसी बात को लेकर कहासुनी हो, तो आपको उन्हे मानने की पूरी कोशिश करनी होगी। आपको एक साथ कई काम हाथ लगने से आपकी व्याकाग्रता बढ़ेगी, लेकिन आपको समझदारी दिखाते हुए कामों को निपटाने की कोशिश करनी होगी।

सिंह दैनिक राशिफल (Leo Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए अपने दिनचर्या को बेहतर बनाए रखने के लिए रहेगा। किसी पुराने मित्र से आपको लंबे समय बाद मिलने का मौका मिलेगा। आप अपने खानपान में पौष्टिक भोजन ले, नहीं तो आपकी शारीरिक समस्याएं उभर सकती हैं। आपका कोई काम यदि लंबे समय से लटका हुआ था, तो उसके भी पूरा होने की संभावना है। विद्यार्थियों को बौद्धिक और मानसिक बोझ से छुटकारा मिलेगा। आप किसी के साथ बिजनेस की शुरुआत करने के लिए प्लानिंग कर सकते हैं।

कन्या दैनिक राशिफल (Virgo Daily Horoscope)

आज का दिन राजनीति में कार्यरत लोगों के लिए अच्छा रहने वाला है। परिवार में किसी नए सदस्य का आगमन हो सकता है। आप अपने घर की साफ-सफाई और रखरखाव पर पूरा ध्यान देंगे। आपकी ससुराल पक्ष के किसी व्यक्ति से कहासुनी होने की संभावना है। बिजनेस में कुछ उतार-चढ़ाव रहने से आपका मन परेशान रहेगा। आपको किसी मांगलिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने का मौका मिल सकता है। आपकी इनकम के सोर्स बढ़ने से आप खर्चे भी अधिक करेंगे।

तुला दैनिक राशिफल (Libra Daily Horoscope) 

आज का दिन आपके लिए उत्तम संपत्ति के संकेत दे रहा है। दांपत्य जीवन में खुशियां भरपूर रहेंगी। प्रेम संबंधों में यदि कटुता आ गयी थी, तो वह भी दूर होगी। आपकी संतान को यदि आप कोई जिम्मेदारी देंगे, तो वह उसमें ढील दे सकती है। आपको किसी पूजा-पाठ में सम्मिलित होने का मौका मिलेगा, जिससे आपको मानसिक शांति मिलेगी। आपको कार्यक्षेत्र में अपने कामों पर पूरा ध्यान देने की आवश्यकता है, नहीं तो कोई गड़बड़ी हो सकती है।

वृश्चिक दैनिक राशिफल (Scorpio Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जाने के लिए रहेगा। आपका कोई धन को लेकर काम रुका हुआ था, तो वह भी पूरा होगा। आपकी पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। आपको अपनी जरूरत के हिसाब से खर्च करना बेहतर रहेगा। आप किसी के बहकावे में आकर कोई गलत निवेश कर सकते हैं। आपको किसी पुरानी गलती से सबक लेना होगा। आपको वाहनों के प्रयोग से सावधानी बरतनी होगी। आपको किसी अजनबी पर अधिक भरोसा करना नुकसान देगा।

धनु दैनिक राशिफल (Sagittarius Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए आर्थिक दृष्टिकोण से अच्छा रहने वाला है। आपके अंदर एक्स्ट्रा एनर्जी रहने से आप अपने कामों को आसानी से पूरा करने की कोशिश करेंगे। घूमने-फिरने जाने की आप योजना बना सकते हैं। परिवार में किसी सदस्य के विवाह प्रस्ताव पर मोहर लगने से माहौल खुशनुमा रहेगा। आपको अपनी संतान की शिक्षा में आ रही समस्याओं को लेकर उनके गुरुजनों से बातचीत करनी होगी। आपके किसी सहयोगी से आप कोई जरूरी जानकारी शेयर ना करें।

मकर दैनिक राशिफल (Capricorn Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए बढ़िया रहने वाला है। आपको नौकरी में प्रमोशन आदि मिलने से खुशी होगी। आपके बिजनेस की कोई योजना भी सफल हो सकती है। आप उन्नति की राह पर आगे बढ़ेंगे। परिवार के सदस्यों के साथ आप कुछ समय मौज-मस्ती करने में व्यतीत करेंगे। यदि आपको कोई शारीरिक समस्या लंबे समय से चली आ रही थी, तो वह बढ़ सकती है, जिसके लिए आपको किसी अच्छे डॉक्टर से परामर्श लेना होगा।

कुंभ दैनिक राशिफल (Aquarius Daily Horoscope)

आज का दिन बिजनेस कर रहे लोगों के लिए अच्छा रहने वाला है। आपको एक के बाद एक खुशखबरी मिलेगी। आपकी इनकम के सोर्स बढ़ेंगे, लेकिन आप किसी जरूरतमंद व्यक्ति की मदद के लिए भी आगे आएंगे। आपके मन में प्रेम और सहयोग की भावना बनी रहेगी। आपको जीवनसाथी की भावनाओं का सम्मान करना होगा। आप किसी से धन का लेनदेन बहुत ही सोच समझकर न करें, नहीं तो इससे आपके आपसी रिश्ते खराब हो सकते हैं।

मीन दैनिक राशिफल (Pisces Daily Horoscope)

आज का दिन आपके लिए कुछ कमजोर रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में काम का दबाव आपके ऊपर अधिक रहेगा। आपके बॉस भी आपसे किसी बात को लेकर नाराज हो सकते हैं। पारिवारिक रिश्तों में आपको किसी मामले को धैर्य से निपटाने की आवश्यकता है। आप बेवजह किसी बात को लेकर क्रोध न करें। आपकी मनमानी की आदत के कारण आपकी माताजी आपसे नाराज हो सकती हैं। आप अपनी संतान को किसी कोर्स के लिए कही दाखिला दिला सकते हैं।

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कामदाएकादशी

आज कामदा एकादशी हैं।

सर्वप्रथम आपसभी को कामदा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं! यह व्रत आपके जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और सफलता लाए।

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चैत्र शुक्ल पक्ष में कामदा नाम की एकादशी होती है। कहा गया है कि ‘कामदा एकादशी’ ब्रह्महत्या आदि पापों तथा पिशाचत्व आदि दोषों का नाश करने वाली है। इसके पढ़ने और सुनने से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है।
व्रत कथा

युधिष्ठिर ने पूछा: वासुदेव ! आपको नमस्कार है ! कृपया आप यह बताइये कि चैत्र शुक्लपक्ष में किस नाम की एकादशी होती है?
भगवान श्रीकृष्ण बोले: राजन् ! एकाग्रचित्त होकर यह पुरातन कथा सुनो, जिसे वशिष्ठजी ने राजा दिलीप के पूछने पर कहा था ।

वशिष्ठजी बोले: राजन् ! चैत्र शुक्लपक्ष में ‘कामदा’ नाम की एकादशी होती है । वह परम पुण्यमयी है । पापरुपी ईँधन के लिए तो वह दावानल ही है ।
प्राचीन काल की बात है: नागपुर नाम का एक सुन्दर नगर था, जहाँ सोने के महल बने हुए थे । उस नगर में पुण्डरीक आदि महा भयंकर नाग निवास करते थे । पुण्डरीक नाम का नाग उन दिनों वहाँ राज्य करता था । गन्धर्व, किन्नर और अप्सराएँ भी उस नगरी का सेवन करती थीं । वहाँ एक श्रेष्ठ अप्सरा थी, जिसका नाम ललिता था । उसके साथ ललित नामवाला गन्धर्व भी था । वे दोनों पति पत्नी के रुप में रहते थे । दोनों ही परस्पर काम से पीड़ित रहा करते थे । ललिता के हृदय में सदा पति की ही मूर्ति बसी रहती थी और ललित के हृदय में सुन्दरी ललिता का नित्य निवास था ।
एक दिन की बात है । नागराज पुण्डरीक राजसभा में बैठकर मनोरंजन कर रहा था । उस समय ललित का गान हो रहा था किन्तु उसके साथ उसकी प्यारी ललिता नहीं थी । गाते-गाते उसे ललिता का स्मरण हो आया । अत: उसके पैरों की गति रुक गयी और जीभ लड़खड़ाने लगी ।
नागों में श्रेष्ठ कर्कोटक को ललित के मन का सन्ताप ज्ञात हो गया, अत: उसने राजा पुण्डरीक को उसके पैरों की गति रुकने और गान में त्रुटि होने की बात बता दी । कर्कोटक की बात सुनकर नागराज पुण्डरीक की आँखे क्रोध से लाल हो गयीं । उसने गाते हुए कामातुर ललित को शाप दिया : ‘दुर्बुद्धे ! तू मेरे सामने गान करते समय भी पत्नी के वशीभूत हो गया, इसलिए राक्षस हो जा ।’

महाराज पुण्डरीक के इतना कहते ही वह गन्धर्व राक्षस हो गया । भयंकर मुख, विकराल आँखें और देखनेमात्र से भय उपजानेवाला रुप – ऐसा राक्षस होकर वह कर्म का फल भोगने लगा । ललिता अपने पति की विकराल आकृति देख मन ही मन बहुत चिन्तित हुई । भारी दु:ख से वह कष्ट पाने लगी । सोचने लगी: ‘क्या करुँ ? कहाँ जाऊँ ? मेरे पति पाप से कष्ट पा रहे हैं…’
वह रोती हुई घने जंगलों में पति के पीछे-पीछे घूमने लगी । वन में उसे एक सुन्दर आश्रम दिखायी दिया, जहाँ एक मुनि शान्त बैठे हुए थे । किसी भी प्राणी के साथ उनका वैर विरोध नहीं था । ललिता शीघ्रता के साथ वहाँ गयी और मुनि को प्रणाम करके उनके सामने खड़ी हुई । मुनि बड़े दयालु थे । उस दु:खिनी को देखकर वे इस प्रकार बोले : ‘शुभे ! तुम कौन हो ? कहाँ से यहाँ आयी हो? मेरे सामने सच-सच बताओ ।’
ललिता ने कहा: महामुने ! वीरधन्वा नामवाले एक गन्धर्व हैं । मैं उन्हीं महात्मा की पुत्री हूँ । मेरा नाम ललिता है । मेरे स्वामी अपने पाप दोष के कारण राक्षस हो गये हैं । उनकी यह अवस्था देखकर मुझे चैन नहीं है । ब्रह्मन् ! इस समय मेरा जो कर्त्तव्य हो, वह बताइये । विप्रवर! जिस पुण्य के द्वारा मेरे पति राक्षसभाव से छुटकारा पा जायें, उसका उपदेश कीजिये ।
ॠषि बोले: भद्रे ! इस समय चैत्र मास के शुक्लपक्ष की ‘कामदा’ नामक एकादशी तिथि है, जो सब पापों को हरने वाली और उत्तम है । तुम उसी का विधिपूर्वक व्रत करो और इस व्रत का जो पुण्य हो, उसे अपने स्वामी को दे डालो । पुण्य देने पर क्षणभर में ही उसके शाप का दोष दूर हो जायेगा
राजन् ! मुनि का यह वचन सुनकर ललिता को बड़ा हर्ष हुआ । उसने एकादशी को उपवास करके द्वादशी के दिन उन ब्रह्मर्षि के समीप ही भगवान वासुदेव के (श्रीविग्रह के) समक्ष अपने पति के उद्धार के लिए यह वचन कहा: ‘मैंने जो यह कामदा एकादशी का उपवास व्रत किया है, उसके पुण्य के प्रभाव से मेरे पति का राक्षसभाव दूर हो जाय ।’
वशिष्ठजी कहते हैं: ललिता के इतना कहते ही उसी क्षण ललित का पाप दूर हो गया । उसने दिव्य देह धारण कर लिया । राक्षसभाव चला गया और पुन: गन्धर्वत्व की प्राप्ति हुई
नृपश्रेष्ठ ! वे दोनों पति पत्नी ‘कामदा’ के प्रभाव से पहले की अपेक्षा भी अधिक सुन्दर रुप धारण करके विमान पर आरुढ़ होकर अत्यन्त शोभा पाने लगे । यह जानकर इस एकादशी के व्रत का यत्नपूर्वक पालन करना चाहिए ।
मैंने लोगों के हित के लिए तुम्हारे सामने इस व्रत का वर्णन किया है । ‘कामदा एकादशी’ ब्रह्महत्या आदि पापों तथा पिशाचत्व आदि दोषों का नाश करने वाली है । राजन् ! इसके पढ़ने और सुनने से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है

मान्यता है कि कामदा एकादशी के दिन धर्म कार्य में दान पुण्य का कार्य करने से पापों का नाश हो जाता हैं और आर्थिक, शारीरिक और मानसिक चिंताओं से मुक्ति मिलती है, साथ में परिवार में खुशहाली और रिश्तों में मधुरता भी आती हैं। अतः इस शुभ अवसर पे दान पुण्य का कार्य अवश्य करें।

भगवान श्री विष्णु की कृपा से संपूर्ण सृष्टि का कल्याण हो, सभी का जीवन संकट मुक्त, सुख-समृद्धि एवं आरोग्यता से परिपूर्ण हो, यही प्रार्थना है

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